---विज्ञापन---

चीन में होगा 19वां BRICS समिट, राष्ट्रपति जिनपिंग ने किया ऐलान, जानें 18वें समिट के पहले दिन दिन क्या-क्या हुआ?

ब्रिक्स समिट के पहले दिन 11 सदस्य देशों में कई मुद्दों पर मंथन हुआ और अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान बातचीत करके निकालने पर जोर दिया गया. इसके अलावा चीन ने 19वें समिट की मेजबानी करने का ऐलान किया. आइए जानते हैं कि समिट के पहले दिन क्या-क्या हुआ?

---विज्ञापन---

भारत मंडपम दिल्ली में 18वां ब्रिक्स समिट चल रहा है, जिसका आज दूसरा और अंतिम दिन है. इस समिट की अध्यक्षता भारत कर रहा है, वहीं 19वें ब्रिक्स समिट की मेजबानी चीन करेगा. जी हां, भारत में चल रहे ब्रिक्स समिट में चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने ऐलान किया कि साल 2027 में 19वां ब्रिक्स समिट चीन की अध्यक्षता में होगा. इसके लिए तैयारियां जल्द शुरू कर दी जाएंगी और समय आने पर सदस्य देशों को निमंत्रण पत्र भेजे जाएंगे. राष्ट्रपति जिनपिंग के ऐलान का सभी 11 सदस्य देशों और पार्टनर देशों ने स्वागत किया और चीन के ब्रिक्स समिट के आयोजन के लिए सहमति जताई.

रामेश्वर बैकड्रॉप के सामने फोटोशूट और पौधारोपण

वहीं बीते दिन 12 सितंबर को भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स समिट का शानदार आगाज हुआ. प्रधानमंत्री मोदी ने रामेश्वरम मंदिर के बैकड्रॉप पर सभी 11 सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत किया. स्वागत के बाद सभी 11 नेताओं ने रामेश्वरम मंदिर के बैकड्रॉप के सामने ही फोटो शूट कराया. प्रधानमंत्री मोदी ने सभी को रामेश्वरम मंदिर के बारे में भी बताया. सभी ने भारत मंडपम में पौधारोपण किया. पहले ब्रिक्स देशों का जॉइंट स्टेटमेंट जारी हुआ और फिर दिल्ली घोषणा पत्र जारी किया गया, जिसमें शामिल कई मुद्दों पर सभी 11 देशों ने सहमति जताई. सभी ने अमेरिका की टैरिफ पॉलिसी का विरोध जताया.

---विज्ञापन---

ब्रिक्स समिट के पहले दिन इन मुद्दों पर महामंथन

ब्रिक्स समिट के पहले सभी 11 सदस्य देशों में AI, क्रॉस बॉर्डर पेमेंट पर चर्चा की गई. BRICS की मूल भावना अपनाने, ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने, WTO को मजबूत करने और नियम आधारित वैश्विक व्यापार व्यवस्था बनाए रखने, युद्धों का समाधान बातचीत करके कूटनीति से निकालने पर जोर दिया गया. UNSC में सुधार की मांग दोहराई गई. वैश्विक आर्थिक संस्थाओं में सुधार और विकासशील देशों की हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग उठाई गई. अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ लगाए गए एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध किया गया. परमाणु बमों और परमाणु युद्धों के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई गई. गाजा, इजरायल, फिलीस्तीन, लेबनान, सीरिया, सूडान को लेकर भी सभी देशों ने अपना-अपना पक्ष रखा.

PM मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग में द्विपक्षीय वार्ता

ब्रिक्स समिट के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपजि जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई. इस दौरान जिनपिंग ने कहा कि भारत और BRICS के सदस्य देशों के साथ मिलकर चीन मिडिल ईस्ट में शांति और स्थिरता कायम करने में भूमिका निभाएगा. भारत और चीन को एकजुट होकर ‘ग्रेटर BRICS’ के लिए आपसी सहयोग कर सकते हैं. भारत और चीन एक-दूसरे की खूबियों से सीख सकते हैं और एक दूसरे को कमियां बताकर उन्हें सुधारने में सहयोग कर सकते हैं.

---विज्ञापन---

जॉइंट स्टेटमेंट और नई दिल्ली घोषणा पत्र जारी

BRICS समिट के पहले दिन सभी 11 सदस्य देशों ने जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया. उसके बाद नई दिल्ली घोषणा पत्र जारी किया गया, जिसमें दुनियाभर में चल रही जंगों और आपसी टकराव रोकने और अंतर्राष्ट्रीय विवादों का समाधान निकालने के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने पर जोर दिया गया. अमेरिका की टैरिफ पॉलिसी पर चिंता जताकर इन्हें WTO नियमों के खिलाफ बताया गया है. सीमा पार आतंकवाद, आतंकियों को फंडिंग और पनाह मिलने जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए किए गए संकल्प को भी दोहराया गया. आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़ने पर जोर दिया गया.

PM मोदी की अध्यक्षता में गाला डिनर आयोजित

ब्रिक्स समिट के पहले दिन रात को गाला डिनर प्रोग्राम हुआ, जिसकी अध्यक्षता भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की. इस डिनर में ब्रिक्स देशों और पार्टनर देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने शिरकत की. वहीं भारत सरकार के केंद्रीय मंत्रियों, 16 राज्यों के मुख्यमंत्रियों और लोकसभा स्पीकर भी गाला डिनर में शामिल हुए. लेकिन गाला डिनर में चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस भी नजर नहीं आए. क्योंकि क्राउन प्रिंस अपने घर के लिए रवाना हो गए थे और चीनी राष्ट्रपति आराम करने के लिए अपने होटल चले गए थे. गाला डिनर में मेहमानों को कई भारतीय व्यंजन और मिठाइयां परोसी गईं.

---विज्ञापन---

First published on: Sep 13, 2026 10:20 AM

End of Article

About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola