फ्लाईदुबई एयरलाइंस की फ्लाइट FZ1073 ट्रेजेडी के आरोपी को-पायलट की पहचान हो गई है. आरोपी का नाम हमाम अल-हम्मामी, जिसने पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया और प्लेन को हाईजैक करने का प्रयास किया. लेकिन पायलट ने हिम्मत करके कॉकपिट खोल दिया और क्रू मेंबर्स ने यात्रियों के साथ मिलकर हमलावर को काबू कर लिया, जिससे फ्लाइट में सवार सभी लोगों की जान बच गई. सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. सऊदी अरब की पुलिस और एजेंसियों ने आरोपी से पूछताछ की और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के हवाले कर दिया. इजरायली जांच अधिकारी भी आरोपी से पूछताछ करने UAE जा सकते हैं.
क्या था पायलट पर हमले के पीछे का मकसद?
इजरायली मीडिया के अनुसार, आरोपी हमाम ने सऊदी अरब पुलिस और जांच एजेंसियों को बताया कि वह प्लेन को हाईजैक करना चाहता था और उसे इजरायल में क्रैश करना चाहता था. लेकिन अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की पुलिस और जांच एजेंसिया आरोपी हमाम से पूछताछ करेंगी, ताकि पता चले कि वास्तव में कॉकपिट के अंदर क्या हुआ था? पायलट स्मित मच्छार और उसके बीच क्या हुआ था? पायलट पर हमला करने के पीछे उसका असली मकसद क्या था? सूत्रों के अनुसार, इजरायल की जांच एजेंसियों भी पूछताछ कर सकती हैं, लेकिन UAE के विदेश मंत्रालय ने पूछे जाने पर भी मीडिया को यह नहीं बताया कि इजरायली जांच अधिकारियों को को-पायलट से पूछताछ करने दी जाएगी या नहीं.
कौन है हमाम अल-हम्मामी और कहां किया काम?
बता दें कि हम्मामी का जन्म संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हुआ था. उसके पिता ओमानी और माता सीरियाई हैं, इसलिए उसकी नागरिकता की पुष्टि नहीं हुई है. हम्मामी ने बकिंघमशायर न्यू यूनिवर्सिटी से साल 2023 में एविएशन मैनेजमेंट में ग्रेजुएश किया था. वह 8 महीने पहले ही फ्लाईदुबई एयरलाइंस से जुड़ा था. इससे पहले उसने 7 साल तक ओमान एयर में काम किया, जहां से उसने फरवरी 2025 में रिजाइन दे दिया था.
जून 2025 में उसने रॉयल एयर मोरक्को को जॉइन किया, लेकिन जनवरी 2026 में वहां से भी रिजाइन दे दिया. इसके बाद उसने फ्लाईदुबई एयरलाइन को जॉइन किया. लेकिन हम्मामी को चरमपंथी कट्टरपंथी विचारधारा के कारण साल 2024 में ओमान एयरलाइन ने फ्लाइट ट्रेनिंग से हटा दिया गया था और डेस्क जॉब दी गई थी, लेकिन डेस्क पर काम उसे पसंद नहीं आया तो उसने साल 2024 में ओमान एयर को छोड़ दिया.
कट्टरपंथी विचारधारा और अलकायदा समर्थक
जांच एजेंसियों ने हम्मामी के सोशल मीडिया अकाउंट खंगाले तो उसकी पोस्टों में अलकायदा के आतंकवादियों की तस्वीर मिलीं. वह कट्टरपंथी वेबसाइटों को सर्फ करता था. उसकी धार्मिक मान्यताएं भी कट्टर थीं, लेकिन ओमान एयर के द्वारा फ्लाइट ट्रेनिंग से प्रतिबंधित किए जाने के बाद भी वह फ्लाईदुबई की फ्लाइट के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा? इस सवाल का जवाब जांच एजेंसियों को फ्लाईदुबई एयरलाइन से चाहिए, क्योंकि इजरायल और UAE में अब्राहम समझौते हुआ है कि UAE से इजरायल आने वाली फ्लाइटों में या तो इजरायल के पायलट होंगे या UAE के पायलट होंगे तो एयरलाइन ने इस समझौते का उल्लंघन क्यों किया? जबकि इजरायल और ओमान के राजनयिक संबंध भी नहीं हैं.