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कोलकाता ट्राम की बदलेगी सूरत, शहर के हेरिटेज ट्रांस्पोर्ट सिस्टम को किया जाएगा अपग्रेड, जानिए पूरा प्लान

Kolkata Tram News: भारत में इस वक्त ट्राम सिर्फ कोलकाता में चलती है, अब इस हेरिटेज ट्रांस्पोर्ट सिस्टम को अपग्रेड करने का प्लान है, जिसमें न सिर्फ एसी कोच लगाने पर विचार किया जा रहा है, बल्कि पुराने रूट्स को दोबारा शुरू करने की भी बात हो रही है.

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मुख्य बिंदु

  • पश्चिम बंगाल सरकार कोलकाता के ऐतिहासिक ट्राम नेटवर्क को आधुनिक बनाने की योजना बना रही है.
  • यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए एयर-कंडीशन्ड कोच का प्रपोजल है.
  • मौजूदा ओवरहेड वायर सिस्टम की जगह बैटरी से चलने वाली ट्राम आ सकती हैं.
  • करीब 70 पुराने ट्राम रूट फिर से शुरू किए जा सकते हैं, जिनमें न्यू टाउन और साल्ट लेक के लिए लिंक भी शामिल हैं.
  • दक्षिणेश्वर और कालीघाट मंदिरों के बीच एक नए ट्राम कॉरिडोर पर विचार किया जा रहा है.

Kolkata Tram Makeover Plan: कोलकाता के 100 साल पुराने ट्राम सिस्टम में जल्द ही बड़ा बदलाव हो सकता है, क्योंकि पश्चिम बंगाल सरकार इसके आधुनिकीकरण की एक बड़ी योजना बना रही है. इस प्रस्ताव का मकसद शहर के ऐतिहासिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बचाए रखना और साथ ही नई टेक्नोलॉजी, यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं और मुख्य जगहों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी लाना है.

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किसने किया ऐलान?

राज्य के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर अर्जुन सिंह ने मर्चेंट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (MCCI) के एक कार्यक्रम में इस पहल का ऐलान किया. प्रोजेक्ट की फीजिबिलिटी का आकलन करने के लिए सरकार ने रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (RITES) को नियुक्त किया है, जिसे 30 दिनों के भीतर डिटेल्ड रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.

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नए ट्राम की खासियत

प्रपोज्ड प्लान की सबसे बड़ी खासियतों में से एक है एयर-कंडीशंड ट्राम कोच की शुरुआत. इन अपग्रेडेड ट्राम से ट्रैवल एक्सपीरिएंस ज्यादा आरामदायक होने की उम्मीद है, जिससे रोजाना सफर करने वालों, ऑफिस जाने वालों और पर्यटकों के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट ज्यादा अट्रैक्टिव बनेगा.

बैटरी से ट्राम चलाने की तैयारी

सरकार ट्रेडिशनल ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर सिस्टम को बैटरी से चलने वाली ट्राम टेक्नोलॉजी से बदलने पर भी विचार कर रही है. अधिकारियों का मानना ​​है कि बैटरी से चलने वाली ट्राम से मेंटेनेंस का खर्च कम होगा, ओवरहेड केबल की जरूरत खत्म होगी, ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ेगी और शहरी ट्रांसपोर्ट को क्लीन बनाने में मदद मिलेगी. इस कदम से कोलकाता के लंबे समय के एनवायरनमेंटल और सस्टेनेबल मोबिलिटी गोल्स को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है.

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पुराने रूट को दोबारा शुरू करने का प्लान

प्रपोज्ड का एक और अहम पहलू उन तकरीबन 70 बंद हो चुके ट्राम रूटों को फिर से शुरू करना है जिन्हें पिछले कुछ सालों में बंद कर दिया गया था. अधिकारी न्यू टाउन और साल्ट लेक जैसे तेजी से विकसित हो रहे इलाकों तक सेवाओं का विस्तार करने की संभावना तलाश रहे हैं, ताकि निवासियों को सफर का एक और ईको फ्रेंडली ऑप्शन मिल सके.

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मंदिरों तक पहुंचेगी ट्राम?

ट्रांसपोर्ट विभाग कोलकाता के 2 सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों- दक्षिणेश्वर काली मंदिर और कालीघाट मंदिर को जोड़ने वाले एक डेडिकेटेड ट्राम कॉरिडोर का भी इवैल्यूएट कर रहा है. ऐसा रूट तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा को बेहतर बना सकता है और साथ ही शहर के हेरिटेज टूरिज्म सेक्टर को बढ़ावा दे सकता है.

री-डिजाइन करने का विचार

ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए अधिकारी ट्राम इंफ्रास्ट्रक्चर के री-डिजाइन पर विचार कर रहे हैं. सड़क के बीच में चलाने के बजाय, ट्राम ट्रैक को बाईं ओर शिफ्ट किया जा सकता है, जिससे ट्राम और अन्य वाहनों की आवाजाही सुचारू हो सकेगी. इस बदलाव से ट्रैफिक जाम कम होने और अवेलेबल सड़क जगह का बेहतर इस्तेमाल होने की उम्मीद है. अगर इसे मंजूरी मिल जाती है, तो आधुनिकीकरण प्रोजेक्ट कोलकाता की रिच ट्रांसपोर्ट हेरिटेज को मॉडर्न टेक्नोलॉजी के साथ मिलाएगा, जिससे एक ग्री, अधिक कुशल और यात्री-अनुकूल ट्राम सिस्टम बनेगा जो बढ़ते महानगर की जरूरतों को पूरा करेगा.

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निष्कर्ष

कोलकाता के ट्राम नेटवर्क को फिर से शुरू करने का प्रस्ताव शहर की विरासत को बचाने और आधुनिक ट्रांसपोर्ट समाधानों को अपनाने के बीच एक संतुलित नजरिया दिखाता है. एयर-कंडीशन्ड कोच, बैटरी से चलने वाली ट्राम, बढ़े हुए रूट और बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट की योजनाओं के साथ, ये प्रोजेक्ट शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को काफी बेहतर बना सकता है. अगर इसे कामयाबी के साथ लागू किया जाता है, तो ये पहल न सिर्फ रोजाना के सफर को बेहतर बनाएगी, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल शहरी आवाजाही को बढ़ावा देते हुए भारत के मशहूर ट्राम सिस्टम के घर के रूप में कोलकाता की पहचान को भी मजबूत करेगी.

Frequently Asked Questions

इस प्रोजेक्ट का मकसद आधुनिक तकनीक, यात्रियों के लिए बेहतर सुविधा और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ कोलकाता के ट्राम नेटवर्क को अपग्रेड करना है, साथ ही इसकी ऐतिहासिक पहचान को भी बनाए रखना है.
प्रपोजल में एयर-कंडीशंड कोच, बैटरी से चलने वाली ट्राम और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं.
न्यू टाउन और साल्ट लेक उन इलाकों में शामिल हैं जहां ट्राम सेवाओं का विस्तार करने का प्रस्ताव है.
बैटरी से चलने वाली ट्राम रखरखाव की लागत कम कर सकती हैं, ओवरहेड तारों की जरूरत खत्म कर सकती हैं, दक्षता बढ़ा सकती हैं और पर्यावरण के अनुकूल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा दे सकती हैं.
अधिकारी ट्रैफिक के बहाव को बेहतर बनाने और जाम कम करने के लिए ट्राम ट्रैक को सड़क के बीच से हटाकर बाईं ओर ले जाने पर विचार कर रहे हैं.
First published on: Jul 05, 2026 04:58 PM

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About the Author

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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