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15 अगस्त पर कार-बाइक में तिरंगा लगाने से पहले जान लें नियम, गलती हुई तो जाना पड़ सकता है जेल!

15 अगस्त पर तिरंगा लगाकर देशभक्ति दिखाने से पहले इसके नियम जानना जरूरी है. यहां जानते हैं तिरंगे को वाहन पर लगाने को लेकर क्या नियम हैं?

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15 अगस्त पर देशभक्ति का जज्बा हर किसी में साफ नजर आता है. लोग घरों और दफ्तरों में तिरंगा लगाते हैं और कई लोग अपनी कार या बाइक पर भी तिरंगा लगाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि निजी वाहन पर राष्ट्रीय ध्वज लगाना हर किसी के लिए नियमों का मुताबिक नहीं है. भारतीय झंडा संहिता में वाहनों पर तिरंगा प्रदर्शित करने को लेकर खास नियम हैं और इनके उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है.इसलिए 15 अगस्त से पहले इन नियमों को जान लेना जरूरी है। 

किन लोगों को वाहन पर तिरंगा लगाने की अनुमति है?

भारतीय झंडा संहिता के तहत हर व्यक्ति को अपने वाहन पर तिरंगा लगाने की अनुमति नहीं है. वाहन पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का विशेष अधिकार कुछ कुछ गणमान्य लोगों को है. इनमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और कुछ अन्य संवैधानिक पदों पर बैठे लोग शामिल हैं.

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आम लोग घर पर तिरंगा फहरा सकते हैं

आम नागरिकों को राष्ट्रीय धवज अपने घर पर लगाने या हाथ में लेकर सम्मान के साथ प्रदर्शि करने की अनुमति है. झंडा संहिता के मुताबिक नागरिक निजी संस्थान और शैक्षणिक संस्थान निर्धारित नियमों और तिरंगे की गरिमा का ध्यान रखते हुए राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित कर सकते हैं.

निजी कार पर तिरंगा लगाना क्या सही है?

निजी कार या दूसरे वाहन पर अपनी इच्छा से तिरंगा लगाना नियमों के मुताबिक सही नहीं है. गृह मंत्रालय की जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय ध्वज किसी वाहन पर नहीं फहराया जाना चाहिए, सिवाय उन गणमान्य व्यक्तियों के वाहनों के जिन्हें झंडा संहिता में इसकी अनुमति दी गई है.

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कार पर तिरंगा लपेटना भी मना 

सिर्फ झंडे को वाहन पर लगाना ही नहीं बल्कि तिरंगे को कार के ऊपर, पीछे, किनारो या हुड पर लपेटना भई नियमों के खिलाफ है.राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल वाहन को ढकने के लिए नहीं किया जा सकता.

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वाहन पर तिरंगा लगाने का नियम क्या है?

झंडा संहिता में गणमान्य व्यक्तियों के वाहनों पर राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित करने का तरीका भी बताया गया है. जब कार पर झंडा लगाया जाता है तो उसे एक स्टाफ यानी डंडे पर मजबूती से लगाया जाता है. इसे कार के बोनट के सामने बीच में या कार के सामने दाहिनी ओर लगाया जाता है.

तिरंगे का अपमान करने पर हो सकती है सजा

राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करना गंभीर अपराध है. Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 के तहत तिरंगे को जलाना, नुकसान पहुंचाना, रौंदना या जानबूझकर उसका अपमान करना, या गाड़ी पर गलत तरीके से लगाना अपराध हो सकता है. ऐसे मामले में तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है.

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तिरंगे को लेकर इन बातों का रखें ध्यान

राष्ट्रीय ध्वज को जमीन पर नहीं गिरने देना चाहिए और न ही उसे फटा होने पर प्रदर्शित करना चाहिए. तिरंगे पर किसी तरह से कुछ भी नहीं लिखना चाहिए. साथ ही इसका इस्तेमाल सामान लपेटने या किसी चीज को ढकने के लिए भी नहीं किया जा सकता. 15 अगस्त पर तिरंगा फहराना और देशभक्ति दिखाना गर्व की बात है, लेकिन इसके साथ राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है. (सोर्स)

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First published on: Aug 13, 2026 02:51 PM

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About the Author

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत

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