क्या टोल प्लाजा के नजदीक रहने वालों के लिए टोल फ्री होता है या मिलती है कोई छूट? समझें नियम

क्या टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोग सिर्फ पहचान पत्र दिखाकर मुफ्त में टोल पार कर सकते हैं? अगर आप भी ऐसा मानते हैं तो यह जानकारी जरूर जान लें.

Toll plaza

टोल प्लाजा के पास रहते हैं तो क्या नहीं देना पड़ता Toll? जानिए लोकल लोगों के लिए क्या है नियम. (Photo-AI)

सड़क पर सफर करते समय टोल प्लाजा से जुड़े कई सवाल लोगों के मन में रहते हैं. इनमें सबसे आम सवाल यही है कि अगर कोई व्यक्ति टोल प्लाजा के पास रहता है तो क्या वह अपना पहचान पत्र दिखाकर बिना टोल दिए वहां स निकल सकता है? बहुत से लोग मानते है कि स्थानीय निवासियों के लिए टोल पूरी तरह फ्री होता है, लेकिन ऐसा नहीं है.भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के नियमों के मुताबिक स्थानीय लोगों के लिए कुछ राहत का प्रावधान जरूर है लेकि सिर्फ पहचान पत्र दिखाे से टोल माफ नहीं होता. यहां समझते है इससे जुड़े नियम.

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स्थानीय लोगों के लिए टोल पूरी तरह फ्री नहीं

NHAI के नियमों के अनुसार, सिर्फ टोल प्लाजा के पास रहने या पहचान पत्र दिखाने से किसी स्थानीय निवासी को टोल की पूरी तरह छूट नहीं मिलती. यानी यह मानना सही नहीं है कि स्थानीय लोग अपने आधार कार्ड या कोई अन्य पहचान पत्र दिखाकर हर बार फ्री में टोल पार कर सकते हैं. यह एक आम गलतफहमी है.

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लोकल मंथली पास से मिल सकती है राहत

स्थानीय निवासियों के लिए टोल में राहत का प्रावधान जरूर है. योग्य लोग लोकल मंथली पास बनवा सकते हैं. इसके पास के जरिए उन्हें टोल शुल्क में विशेष रियायत का छूट मिल सकती है. हालांकि यह सुविधा सभी को अपने आप नहीं मिलती. इसके लिए तय नियमों और शर्तों को पूरा करना जरूरी होता है.

20 किलोमीटर के दायरे का नियम

आमतौर पर लोकल मंथली पास की सुविधा उन लोगों के लिए होती है. जिनका निवास संबंधित टोल प्लाजा से 20 किमी के दायरे में है. इसके लिए वाहन मालिक को अपने स्थानीय पते का वैध प्रमाण देना होता है. संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद ही नियमों के तहत पास जारी किया जाता है.

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हर टोल प्लाजा पर नियम हो सकते हैं अलग

स्थानीय लोगों को मिलने वाली रियायत और पास से जुड़े नियमों में टोल प्लाजा के हिसाब से कुछ शर्तें लागू हो सकी हैं. इसलिए यह जरूरी है कि स्थानीय वाहन चालक अपने नजदीकी टोल प्लाजा पर लोकल पास की पात्रता जरूरी दस्तावेज और आवेदन की प्रक्रिया के बारे में पहले जानकारी ले लें.

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पहचान पत्र दिखाना और लोकल पास अलग चीजें

यहां एक बात समझना जरूरी है कि सिर्फ पहचान पत्र दिखाना और लोकर मंथली पास होना एक ही बात नहीं है. पहचान पत्र स्थानीय पता सबित करने के लिए इस्तेमाल हो सकता है लेकिन उससे अपने आप टोल फ्री यात्रा का अधिकार नहीं मिल जाता. निर्धारित नियमों के तहत लोकल पास बनवाने के बाद संबंधित रियायत का का लाभ लिया जा सकता है.

क्या है पूरे नियम का सार?

सीधे शब्दों में कहें तो टोल प्लाजा के पास रहन वाले लोगों के लिए टोल पूरी तरह फ्रो होने का कोई सामान्य नियम नहीं है. हां पात्र स्थानीय निवासियों को लोकल मंथली पास के जरिए टोल शुल्क में राहत मिल सकती है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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