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Fixed Deposit: फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक ऐसा निवेश है जिसमें लंबे समय के लिए आप पैसे लगा सकते हैं और बिना कोई जोखिम या मार्केट रिस्क के सालाना ब्याज दर का फायदा भी उठा सकते हैं। इस निवेश को बहुत आसान और सुरक्षित माना जाता है। सरकारी और प्राइवेट बैंकों के अलावा फाइनेंशियल कंपनियों द्वारा एफडी स्कीम प्रदान की जाती है। अलग-अलग अवधि और ब्याज दर के साथ फिक्स्ड डिपॉजिट की कई स्कीम उपलब्ध हैं। वहीं, सामान्य रूप से बात करें तो इसकी ब्याज दरें 2.50 प्रतिशत से 9 प्रतिशत प्रति वर्ष तक हो सकती हैं।
FD पर मिलने वाला ब्याज सेविंग अकाउंट से ज्यादा होता है। बता दें कि एफडी अकाउंट में जमा राशि और ब्याज दर पूरी अवधि के लिए एक जैसी रहती है। इसमें तय रेट पर ब्याज मिलता है, जिसकी कमाई एक सीमा से ज्यादा होती है तो उस पर टैक्स का भुगतान भी करना होता है। ऐसे में अगर आप ये चाहते हैं कि एफडी पर लगने वाले टीडीएस कटौती को बचाया जाए, तो फॉर्म 15G और 15H की मदद ले सकते हैं।
फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज अगर 40,000 रुपये से ज्यादा है, तो ऐसे में आपको टीडीएस का भुगतान करना होता है। वहीं 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए ये सीमा 50,000 रुपये तक तय की गई है। इस राशि को व्यक्ति की करयोग्य आय में जोड़ा जाता है। अगर आपकी कुल आय एक साल में 2.5 लाख रुपये से कम है, तो बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट पर टैक्स नहीं लगाता है।
हालांकि कुछ करदाता कटौती का दावा करने के लिए आपसे फॉर्म 15G या 15H जमा करने के लिए कह सकते हैं। यदि आप टीडीएस बचाना चाहते हैं, तो ध्यान रखें कि आप एक्स्ट्रा टीडीएस से बचने के लिए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में बैंक में फॉर्म 15G और 15H जमा कर दें। वहीं अगर आपकी ब्याज आय 40,000 रुपये से ज्यादा है, तो टीडीएस 10 प्रतिशत होगा। इसके अलावा, अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं है, तो बैंक 20 प्रतिशत टीडीएस काट सकता है।
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1. सबसे पहले आप अपनी आईडी और पासवर्ड से अपने बैंक के इंटरनेट बैंकिंग में लॉग-इन करें।
2. इसके बाद ऑनलाइन FD टैब पर क्लिक करके आप उस पेज पर जाते हैं जहां आपके FD की पूरी जानकारी दी गई है।
3. इसी पेज से आप फॉर्म 15G और फॉर्म 15H डाउनलोड कर सकते हैं।
4. फॉर्म भरने के लिए आपको यहां दिए गए लिंक पर क्लिक करना होगा।
5. एक बार जब फॉर्म ऑनलाइन खुल जाए, तो आप अपनी सारी जानकारी भरें।
6. साथ ही यहां आप FD या RD है, उन बैंक की शाखा की जानकारी सही दें।
7. अगर आपके पास यह जानकारी नहीं है, तो बैंक ब्रांच लोकेटर टूल का इस्तेमाल करके सही जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
8. अब सभी सही जानकारी भरने के बाद फॉर्म को जमा करें।
फॉर्म 15G वह व्यक्ति भर सकता है, जिनकी उम्र 60 साल से कम हो। आयकर अधिनियम के तहत ये एक डिक्लेरेशन फॉर्म होता है, जिससे आपको सालाना कमाई के बारे में जानकारी मिलती है। इसे बैंक में जमा किया जाता है, जिसमें यदि आपकी इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आती, तो यह फॉर्म भरकर टीडीएस से बचा जा सकता है।
फॉर्म 15H उनके लिए होता है, जिनकी उम्र 60 साल या उससे ज्यादा होती है। इस फॉर्म के जरिए सीनियर सिटीजन एफडी पर लगने वाले टैक्स को बचा सकते हैं। साथ ही ये भी जरूरी है कि आपकी करयोग्य आय जीरो होनी चाहिए, जिस बैंक में आपकी एफडी है, उसमें इस फॉर्म को जमा करके एफडी पर काटे जा रहे टीडीएस से बचा जा सकता है।
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