झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार को JPSC और JSSC-CGL परीक्षा धांधली के खिलाफ मोरहाबादी मैदान और जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुआ यह प्रदर्शन उग्र ‘महासंग्राम’ में बदल चुका है. पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने आज विधानसभा का घेराव करने के लिए बड़ा मार्च निकाला. इस दौरान सुरक्षा में तैनात पुलिस और उग्र अभ्यर्थियों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली. रांची में झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव और JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते को CID ने गिरफ्तार कर लिया है. एल. खियांगते पर 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा आयोजित कराने के लिए ब्लैकलिस्ट में डाली गई कंपनी TDPL को पैनल में शामिल करने सहित कई आरोप लगे हैं.
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एंबुलेंस से पहुंचे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो
पिछले नौ दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो एंबुलेंस से सीधे आंदोलन स्थल पहुंचे. अनशन के कारण वे कमजोर हो गए हैं और चलने की स्थिति में नहीं हैं. प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा, वे छात्रों के साथ हैं और उनकी आवाज को विधानसभा में उठाएंगे. ‘कंटीले तार और बैरिकेडिंग हमें नहीं रोक सकते. हम अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे. सरकार को युवाओं की बात सुननी ही होगी.’ छात्रों ने जयराम महतो को गोद में उठा लिया और फूल बरसाकर उनका स्वागत किया. इस दौरान उन्होंने तिरंगा लहराकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई.
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विधानसभा परिसर तक पहुंचे प्रदर्शनकारी छात्र
प्रदर्शनकारी छात्र विधानसभा की सुरक्षा में लगे 7 बैरिकेडिंग में से 6 बैरिकेड तोड़कर परिसर में पहुंच गए हैं. 7वां और आखिरी बैरिकेड टूटा तो वे सीधे विधानसभा चले जाएंगे. लेकिन पुलिस उन्हें रोकने का हरसंभव प्रयास कर रही है और वाटर कैनन से उन्हें खदेड़ने का प्रयास कर रही है, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने चारों ओर से विधानसभा को घेर लिया है. आक्रोशित छात्रों ने पुलिस की बैरिकेडिंग को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की. स्थिति को बेकाबू होते देख पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. इस कार्रवाई में कुछ छात्रों के घायल होने की खबर है.
एक घायल छात्र विक्रम कुमार ने कहा कि हेमंत सोरेन जी को ऐसा नहीं करना चाहिए था. हम शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. हमने एक भी अपशब्द का प्रयोग नहीं किया. अचानक पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. यह ठीक नहीं है.
सरकार और पुलिस का रुख
प्रशासन ने विधानसभा परिसर के आसपास BNS की धारा 163 लागू कर दी है और भारी पुलिस बल तैनात किया है. सरकार का दावा है कि उसने छात्रों की 98 प्रतिशत मांगें मान ली हैं, लेकिन छात्र CBI जांच और मुख्य परीक्षाएं रद्द करने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं. घटना के बाद रांची में तनाव का माहौल बना हुआ है.
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CBI जांच पर अड़े छात्र, ED ने भी दर्ज किया मामला
छात्र नेताओं का साफ कहना है कि जब तक JSSC-CGL परीक्षा रद्द कर पूरे मामले की CBI जांच के आदेश नहीं दिए जाते, वे आंदोलन वापस नहीं लेंगे. इस बीच, 14वीं JPSC परीक्षा में हुई गड़बड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर ED ने भी केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. दूसरी तरफ, तनावपूर्ण स्थिति के बीच JPSC के तीन सदस्यों अजिता भट्टाचार्य, जमाल अहमद और अनिमा हांसदा ने अपने पदों से इस्तीफा सौंप दिया है.
BJP ने किया मुख्यमंत्री आवास का घेराव
एक तरफ जहां छात्र विधानसभा घेराव पर अड़े हैं, वहीं राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी BJP ने CM आवास को घेरकर प्रदर्शन किया. हालांकि, पुलिस प्रशासन ने चेताया है कि उपद्रव या गैर-कानूनी गतिविधि में शामिल पाए जाने पर छात्रों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिससे भविष्य में उनके सरकारी व निजी नौकरियों के अवसरों पर प्रभाव पड़ सकता है.
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