बंगाल उपचुनाव से पहले ममता को बड़ा झटका! 100 नेताओं ने छोड़ा साथ, थामा कांग्रेस का हाथ

ममता बनर्जी को झटकों पर झटके लग रहे हैं, क्योंकि पहले उनकी पार्टी का नाम और सिंबल फ्रीज किया गया. इससे पहले उनके विधायक और सांसद साथ छोड़ गए और अब स्थानीय स्तर के नेता भी उन्हें छोड़कर जाने लगे हैं. पहले NDA गठबंधन का फायदा हुआ और अब कांग्रेस का फायदा हुआ है.

Mamata Banerjee | TMC Leaders | West Bengal

ममता बनर्जी की पार्टी का नाम और चुनाच चिह्न भी उनसे छिन गया है. (Credit-ANI)

विज्ञापन

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में फिर बड़ी सेंध लगी है. उनकी पार्टी में सांसदों और विधायकों के बाद नेता स्थानीय स्तर के नेता भी टूटने लगे हैं. जी हां, नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर उपचुनाव से पहले 100 से ज्यादा नेताओं ने TMC छोड़ कांग्रेस जॉइन कर ली है. मालदा के महीष बाथानी क्षेत्र के नेता कांग्रेस में शामिल हुए. इनमें 13 पंचायत सदस्य, 1 पंचायत समिति सदस्य, पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष, ब्लॉक उपाध्यक्ष और 100 से ज्यादा कार्यकर्ता शामिल हैं. इन नेताओं को कांग्रेस जॉइन कराने के लिए बलरामपुर में कार्यक्रम हुआ था, जिसमें जिला कांग्रेस अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक बी हल्दर मौजूद थे.

पहले कांग्रेस का ही गढ़ था महीष बाथानी क्षेत्र

बता दें कि ममता बनर्जी अपने विधायक और सांसद खो चुकी हैं. उनकी पार्टी का मूल नाम और चुनाव चिह्न फ्रीज हो चुका है. अब पार्टी नेताओं का साथ छोड़ना उनके लिए बहुत बड़ा झटका है. वहीं जिस महीष बाथानी क्षेत्र के नेताओं ने कांग्रेस जॉइन की है, वह पहले कांग्रेस का ही गढ़ था, लेकिन जब ममता बनर्जी का राजनीतिक कद पश्चिम बंगाल में बढ़ने लगा तो इस इलाके में भी स्थिति बदल गई. अब जब प्रदेश में ममता बनर्जी की हालत खराब हो गई है तो कांग्रेस ने अपने गढ़ को वापस हासिल करने का रास्ता तलाश लिया. TMC को छोड़ कांग्रेस में गए शराफत अली ने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस के गढ़ पश्चिम बंगाल में भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलने की हिम्मत कांग्रेस ही कर सकती है, कोई और नहीं.

विज्ञापन

नंदीग्राम रेजीनगर में 6 अक्टूबर को उपचुनाव

बता दें कि पश्चिम बंगाल में आगामी 6 अक्टूबर 2026 को नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर उपचुनाव होने हैं. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सीट छोड़ने के बाद नंदीग्राम सीट खाली हुई. आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने नौदा सीट नहीं छोड़ी तो रेजीनगर सीट खाली हो गई, जहां से उनके बेटे उपचुनाव लड़ रहे हैं और ममता बनर्जी ने रबीउल आलम चौधरी को उपचुनाव टिकट दिया है. ममता गुट ने नंदीग्राम सीट पर कांग्रेस को समर्थन दिया है. इसलिए नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी के की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस ले लिया है. वहीं अब ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट में अपनी पार्टी के मूल नाम और चुनाव चिह्न की वापसी के लड़ाई लड़ रही हैं.

ECI को 4 महीने में फैसला लेने का निर्देश मिला

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय चुनाव आयोग को 4 महीने समय देकर तृणमूल कांग्रेस के मूल नाम और चुनाव चिह्न पर फैसला लेने का निर्देश दिया है. दोनों पक्षों को अपने हलफनामे समेत अन्य रिकॉर्ड पेश करने के लिए 4 हफ्ते का समय दिया है. चुनाव आयोग की ओर से वकील डीएस नायडू ने सुप्रीम कोर्ट बेंच को बताया कि एक पार्टी के 2 गुटों में विवाद पर फैसला लेने में समय लगता है. यह दलील सुनकर बेंच ने कहा कि अगले 4 महीने में फैसला लें, जिसके लिए आप AI की मदद ले सकते हैं. यह मामला भी NCP और शिवसेना जैसा हे, बस अंतर इतना है कि विवाद पारिवारिक नहीं, बल्कि अलग-अलग गुटों का है. लेकिन इस मामले में जल्द से जल्द कोई फैसला लेना अनिवार्य है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ