तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न ‘घास-फूल’ को फ्रीज करने के चुनाव आयोग के आदेश के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख दिखाया है. शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग (EC) से सीधा सवाल किया कि पार्टी के नाम और सिंबल विवाद पर अंतिम निर्णय लेने में उसे कितना समय लगेगा. कोर्ट ने आयोग को एक स्पष्ट और वाजिब समयसीमा तय कर बताने का निर्देश दिया है. गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस में दो फाड़ होने के बाद चुनाव आयोग ने अंतरिम आदेश के जरिए ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और मूल चुनाव चिह्न ‘घास-फूल’ को फ्रीज कर दिया था. मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी.
इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद टीएमसी के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चुनाव आयोग द्वारा अंतरिम व्यवस्था के तौर पर चुनाव चिह्न आवंटन को लेकर जो हालिया आदेश पारित किया गया था, उसे ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. इसी याचिका पर अदालत के समक्ष सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ी है.
कपिल सिब्बल ने उठाए फैसले की टाइमिंग पर सवाल
ममता बनर्जी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने आयोग के फैसले की टाइमिंग पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि आयोग के पास यह फैसला जुलाई में लेने का अवसर था, लेकिन चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद यह आदेश दिया गया. इससे पार्टी के पास कानूनी राहत पाने का समय बेहद सीमित हो गया. सिब्बल ने दलील दी कि यदि ऐसी मिसाल बनी, तो भविष्य में भी चुनावों से ठीक पहले ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं. उन्होंने मांग की कि आयोग अक्टूबर के भीतर ही इस पर अंतिम फैसला सुनाए.
चुनाव आयोग का पक्ष और कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने शिवसेना विवाद का हवाला देते हुए कहा कि देरी के गंभीर असर देखने को मिलते हैं. हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से पेश वकील एनके कौल ने तुरंत समयसीमा बांधने पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि आयोग को दोनों गुटों के दस्तावेज, साक्ष्य और दावों की गहन जांच करनी होती है, इसलिए एक महीने की डेडलाइन तय करना व्यावहारिक नहीं होगा.
क्या है पूरा विवाद?
पार्टी में दो फाड़ होने के बाद चुनाव आयोग ने अंतरिम आदेश के जरिए ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और मूल चुनाव चिह्न ‘घास-फूल’ को फ्रीज कर दिया था. आयोग ने अंतरिम व्यवस्था के तहत ममता गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम व ‘फुटबॉल प्लेयर’ सिंबल दिया है, जबकि दूसरे धड़े को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है.