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ममता बनर्जी को चेयरमैन पद से हटाने का दावा, अभिषेक बनर्जी सस्पेंड; टीएमसी में गहराया सियासी संकट

पश्चिम बंगाल में टीएमसी के बागी गुट ने ममता बनर्जी को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाने और अभिषेक बनर्जी को सस्पेंड करने का दावा किया है. इस फैसले के बाद पार्टी के भीतर सियासी संकट और गहरा गया है.

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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी गुट ने दावा किया है कि पार्टी की एक खास बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पार्टी के चेयरपर्सन पद से हटा दिया गया है. साथ ही उनके भतीजे और वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी को महासचिव पद से सस्पेंड करने का भी फैसला लिया गया है. जानकारी के मुताबिक, कोलकाता के न्यूटाउन इलाके में आयोजित एक खास बैठक में बड़ी संख्या में बागी विधायक, पूर्व पार्षद और बाकी नेता शामिल हुए. बैठक का नेतृत्व ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने किया. इस दौरान नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन की घोषणा भी की गई.

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अरूप रॉय बने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष

बागी गुट ने हावड़ा सेंट्रल से विधायक अरूप रॉय को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया है. इसके अलावा कई बाकी नेताओं को उपाध्यक्ष और महासचिव की जिम्मेदारियां सौंपे जाने की जानकारी भी दी गई. बागी नेताओं का कहना है कि ये फैसला पार्टी संविधान के तहत लिया गया है और इसकी जानकारी निर्वाचन आयोग को भी भेजी जाएगी. बैठक में मौजूद नेताओं ने दावा किया कि टीएमसी के दर्जनों विधायक और बड़ी संख्या में स्थानीय नेता उनके साथ हैं. बागी गुट का कहना है कि पार्टी में लंबे समय से संगठनात्मक संकट चल रहा था और इसी वजह से विशेष सत्र बुलाकर नए नेतृत्व का चुनाव किया गया.

ममता बनर्जी ने क्या कहा?

हालांकि ममता बनर्जी गुट की ओर से इस फैसले को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ये घटनाक्रम टीएमसी के भीतर चल रहे सत्ता संघर्ष का नया अध्याय है. TMC अब तीन गुटों में बंटी नजर आ रही है. एक गुट है ममता बनर्जी का, दूसरा गुट है विपक्षी नेता ऋतब्रत बनर्जी का और तीसरा है काकोली दास्तीदार का बागी सांसदों वाला गुट. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर बागी गुट अपने दावों को कानूनी और संगठनात्मक स्तर पर मजबूत करने में सफल रहता है तो टीएमसी के भीतर नेतृत्व को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है. वहीं, मामला निर्वाचन आयोग और बाकी संवैधानिक संस्थाओं तक भी पहुंच सकता है.

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First published on: Jun 22, 2026 11:50 PM

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