NCPI NDA alliance : संसद सत्र की शुरुआत से पहले देश की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. नेशनल कांग्रेस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) ने आधिकारिक तौर पर भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) गठबंधन को अपना समर्थन दे दिया है. 20 सांसदों के साथ अब NCPI, एनडीए गठबंधन में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.
इस ऐतिहासिक बदलाव के बाद नई दिल्ली में NCPI संसदीय दल की पहली अहम बैठक हुई. बैठक के बाद टीएमसी (TMC) नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि संसद में पार्टी को अलग ब्लॉक, सीटों का आवंटन और नए डिवीजन नंबर मिल चुके हैं. सभी सांसदों को उनके नए नंबरों के बारे में जानकारी दे दी गई है. उन्होंने साफ किया कि पार्टी संसद को सुचारू रूप से चलाने के पक्ष में है और सदन में पेश होने वाले हर मुद्दे और चर्चा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेगी.
पीएम मोदी और अमित शाह से हुई लंबी मुलाकात
सुदीप बंदोपाध्याय ने बताया कि उन्होंने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करीब एक घंटे तक अकेले में मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि NCPI के जो भी सांसद एनडीए में शामिल हुए हैं, वे नए हैं. इसलिए एनडीए को उन्हें भरोसे में लेना चाहिए ताकि वे खुद को गठबंधन का मजबूत हिस्सा महसूस कर सकें. बंदोपाध्याय के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने बहुत ही शालीनता से उनकी बात स्वीकार की और इस पर आगे कदम उठाने का भरोसा दिया. इसके अलावा, उन्होंने पिछले दो दिनों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी दो बार लंबी मुलाकात की. अमित शाह भी 20 सांसदों के साथ आने से काफी उत्साहित दिखे.
बंगाल के मुद्दों पर दिल्ली नहीं, सीएम से होगी बात
पार्टी ने साफ कर दिया है कि पश्चिम बंगाल के विकास और स्थानीय जनता से जुड़े मुद्दों के लिए वे दिल्ली के चक्कर नहीं लगाएंगे. अगर किसी भी सांसद को अपने क्षेत्र में कोई समस्या आती है तो उस मुद्दे को सीधे पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के सामने उठाया जाएगा, क्योंकि राज्य के मामलों को वहीं सुलझाया जाना तय हुआ है.
पुरानी पार्टी द्वारा सभी 20 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की कोशिशों और याचिकाओं पर बोलते हुए बंदोपाध्याय ने कहा कि अब वे इन सभी तनावों से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं. हालांकि, विरोधी दलों ने सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार सिर्फ इसलिए किया क्योंकि NCPI को आमंत्रित किया गया था, लेकिन अब NCPI संसद के भीतर एनडीए के फैसलों के अनुसार एकजुट होकर काम करेगी.
NCPI NDA alliance : संसद सत्र की शुरुआत से पहले देश की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. नेशनल कांग्रेस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) ने आधिकारिक तौर पर भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) गठबंधन को अपना समर्थन दे दिया है. 20 सांसदों के साथ अब NCPI, एनडीए गठबंधन में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.
इस ऐतिहासिक बदलाव के बाद नई दिल्ली में NCPI संसदीय दल की पहली अहम बैठक हुई. बैठक के बाद टीएमसी (TMC) नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि संसद में पार्टी को अलग ब्लॉक, सीटों का आवंटन और नए डिवीजन नंबर मिल चुके हैं. सभी सांसदों को उनके नए नंबरों के बारे में जानकारी दे दी गई है. उन्होंने साफ किया कि पार्टी संसद को सुचारू रूप से चलाने के पक्ष में है और सदन में पेश होने वाले हर मुद्दे और चर्चा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेगी.
पीएम मोदी और अमित शाह से हुई लंबी मुलाकात
सुदीप बंदोपाध्याय ने बताया कि उन्होंने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करीब एक घंटे तक अकेले में मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि NCPI के जो भी सांसद एनडीए में शामिल हुए हैं, वे नए हैं. इसलिए एनडीए को उन्हें भरोसे में लेना चाहिए ताकि वे खुद को गठबंधन का मजबूत हिस्सा महसूस कर सकें. बंदोपाध्याय के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने बहुत ही शालीनता से उनकी बात स्वीकार की और इस पर आगे कदम उठाने का भरोसा दिया. इसके अलावा, उन्होंने पिछले दो दिनों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी दो बार लंबी मुलाकात की. अमित शाह भी 20 सांसदों के साथ आने से काफी उत्साहित दिखे.
बंगाल के मुद्दों पर दिल्ली नहीं, सीएम से होगी बात
पार्टी ने साफ कर दिया है कि पश्चिम बंगाल के विकास और स्थानीय जनता से जुड़े मुद्दों के लिए वे दिल्ली के चक्कर नहीं लगाएंगे. अगर किसी भी सांसद को अपने क्षेत्र में कोई समस्या आती है तो उस मुद्दे को सीधे पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के सामने उठाया जाएगा, क्योंकि राज्य के मामलों को वहीं सुलझाया जाना तय हुआ है.
पुरानी पार्टी द्वारा सभी 20 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की कोशिशों और याचिकाओं पर बोलते हुए बंदोपाध्याय ने कहा कि अब वे इन सभी तनावों से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं. हालांकि, विरोधी दलों ने सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार सिर्फ इसलिए किया क्योंकि NCPI को आमंत्रित किया गया था, लेकिन अब NCPI संसद के भीतर एनडीए के फैसलों के अनुसार एकजुट होकर काम करेगी.