PTI
Read More
---विज्ञापन---
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि ने बुधवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद के लिए न्यायमूर्ति रवींद्र विठ्ठलराव घुगे को शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण के बाद मुख्य न्यायाधीश ने अपने संबोधन में लंबित मामलों से निपटने पर जोर दिया और कहा “इस महान संस्थान में अंतिम हितधारक आम लोगों का विश्वास अडिग रहे.” शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस मौजूद रहे.
मुख्य न्यायाधीश ने अदालतों को अधिक सरल बनाने और अदालत के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए आधुनिक टेक्नॉलजी का इस्तेमाल का इस्तेमाल करने को कहा. उन्होंने कहा कि “जैसा कि हम भविष्य की ओर देख रहे हैं, हमें यह सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए कि समाज के सबसे हाशिए पर पड़े लोगों के लिए न्याय के दरवाजे खुले रहें.” मुख्य न्यायधीश ने पीठ और बार को “न्याय के स्वर्ण रथ के दो पहिए” बताया और कहा कि हम सभी कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे और यह रथ निष्पक्ष रूप से आगे बढ़े.
मुख्य न्यायधीश रवींद्र विठ्ठलराव घुगे ने कहा कि “मैंने पश्चिमी तट से पूर्वी तट तक का सफर किया और कुछ ज्यादा फर्क नहीं पाया. हमारे महान राष्ट्र, भारत के सबसे पुराने उच्च न्यायालय का नेतृत्व सौंपा जाना एक सम्मान की बात है जिसे शब्दों से बयां नहीं किया जा सकता.” मुख्य न्यायाधीश ने बंगाल को ऐतिहासिक रूप से भारत के पुनर्जन्म का प्रमुख केंद्र और स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण धरती बताया. उन्होंने कहा कि “मुंबई उच्च न्यायालय जैसे एक ऐतिहासिक संस्थान से आने के बाद में जिम्मेदारी और संवैधानिक उद्देश्य की गहरी भावना महसूस कर रहा हूं.”
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की मुख्य ममता बनर्जी ने न्यायमूर्ति घुगे को कलकत्ता उच्च न्यायालय के नए मुख्य न्यायधीश बनने पर बधाई दी. उन्होंने ‘एक्स’ की पोस्ट में कहा “कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ लेने पर माननीय न्यायमूर्ति आर. वी. घुगे को हार्दिक बधाई. इस नयी जिम्मेदारी को संभालने के लिए मैं उन्हें शुभकामनाएं देती हूं और हमारे पश्चिम बंगाल में उनका गर्मजोशी से स्वागत करती हूं.”
21 जून 2013 को न्यायमूर्ति घुगे को मुंबई उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनाया गया था और उन्हें वहां कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश के रूप में 1 जून को नियुक्त किया गया था. उच्च न्यायालय की वेबसाईट के मुताबिक, 1990 में कोल्हापुर स्थित शाहजी लॉ कॉलेज और औरंगाबाद स्थित एमपी लॉ कॉलेज से पांच वर्ष का लॉ कोर्स पूरा करने के बाद उन्होंने उसी साल मुंबई उच्च न्यायालय में वकालत शुरू की थी.
उन्होंने शुरूआत में लगभग 2,000 मामलों में श्रमिकों और यूनियनों का प्रतिनिधित्व किया और उच्च न्यायालय, श्रम और कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों और निजी उद्योगों सहित लगभग 250 उद्योगों के मामलों की पैरवी की.
न्यूज 24 पर पढ़ें पश्चिम बंगाल, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।