हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

घुसपैठ पर सख्ती से लेकर ₹3000 तक-वादों की पूरी थाली के साथ बीजेपी का बंगाल मिशन

भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले 15 बड़े वादों वाला संकल्प पत्र जारी किया. घुसपैठ पर सख्ती, ₹3000 सहायता, रोजगार, महिला सुरक्षा और विकास के एजेंडे के साथ चुनावी रणनीति तेज.

विज्ञापन

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी ने 15 प्रमुख वादों के साथ ऐसा चुनावी खाका संकल्प पत्र पेश किया है, जिसमें लगभग हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ शामिल है. राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर ₹3000 की आर्थिक सहायता तक—पार्टी ने अपने एजेंडे को व्यापक बनाने की कोशिश की है.

घुसपैठ पर सख्ती और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा घोषणापत्र की शुरुआत में है, वहीं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 15 साल के शासन पर सवाल उठाते हुए श्वेत पत्र लाने का वादा भी जोड़ा गया है—यानी मुद्दे के साथ सियासी संदेश भी.

सिंडिकेट राज और “कट मनी” खत्म करने का वादा एक बार फिर दोहराया गया है. साथ ही, सरकारी कर्मचारियों के लिए डीए और 7वें वेतन आयोग लागू करने की बात, लंबे समय से चली आ रही मांगों को साधने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है.

विज्ञापन

युवाओं के लिए एक करोड़ रोजगार और हर बेरोजगार को ₹3000 की सहायता—यह वादा जितना बड़ा है, उतना ही इस पर अमल को लेकर सवाल भी उठते हैं.

महिलाओं के लिए सुरक्षा के साथ ₹3000 मासिक सहायता और 33% आरक्षण—यह पैकेज सीधे तौर पर महिला मतदाताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया नजर आता है.

विज्ञापन

भाषाई पहचान के मुद्दे पर कुर्माली और राजबंशी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की बात हो या किसानों के लिए समर्थन—हर वर्ग को शामिल करने की कोशिश साफ दिखती है. मछुआरों से लेकर उद्योग तक, कोई क्षेत्र छूटे नहीं—इस पर खास ध्यान दिया गया है.

समान नागरिक संहिता (UCC) और पशु तस्करी पर सख्ती जैसे मुद्दे पार्टी के कोर एजेंडे को भी सामने रखते हैं, जिससे यह संदेश जाता है कि कल्याणकारी वादों के साथ वैचारिक लाइन भी कायम है.

विज्ञापन

चाय बागानों के पुनरुद्धार, जूट उद्योग के आधुनिकीकरण और दार्जिलिंग चाय की ब्रांडिंग जैसे वादे विकास के एजेंडे को मजबूती देने की कोशिश हैं. वहीं, स्वास्थ्य और शिक्षा में बड़े संस्थानों की स्थापना के वादे चुनावी घोषणापत्रों की परिचित झलक पेश करते हैं.

‘वंदे मातरम्’ संग्रहालय और धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के कानून जैसे वादे भी अपने-अपने संकेत देते हैं, जिससे साफ है कि आर्थिक से लेकर सांस्कृतिक तक—हर पहलू को छूने की कोशिश की गई है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें;‘लौट आया हमारा बेटा…’ राजा रघुवंशी की मौत के बाद जन्मा बच्चा, परिवार ने बताया चमत्कार

कुल मिलाकर, भाजपा का यह घोषणापत्र एक ऐसा चुनावी “फुल पैकेज” बनकर सामने आया है, जिसमें सख्ती, सहायता और संदेश—तीनों का मिश्रण है. अब देखने वाली बात यह होगी कि ये वादे जमीन पर कितनी मजबूती से उतरते हैं और मतदाताओं को कितना प्रभावित कर पाते हैं.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें;लोग उड़ाते रहे मजाक, वो करता रहा नदी साफ; बिट्टू की मेहनत देख आनंद महिंद्रा भी हुए मुरीद

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola