रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहाई मिली, जिसके बाद ये खबरें आ रही थीं कि तीनों ने बॉन्ड साइन किए हैं. लेकिन CJP की तरफ से आए बयान में साफ कहा गया है कि उन्होंने किसी तरह का कोई बॉन्ड साइन नहीं किया है. अभिजीत दीपके ने बॉन्ड की खबरों का खंडन करते हुए कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी फिर सड़कों पर उतरेगी और वो मोदी सरकार से डरने वाले नहीं हैं.
क्या बोले दीपके?
अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस की तुलना वर्दी वाले गुंडों से की. उन्होंने कहा- ”पुलिस में कोई इंसानियत नहीं है. ये वर्दी पहने गुंडे हैं. मैंने किसी बॉन्ड पर दस्तखत नहीं किए हैं. हम फिर से सड़कों पर उतरेंगे. हम गृहमंत्री अमित शाह और पीएम मोदी जैसे लोगों से डरने वाले नहीं हैं. हमें एक बार नहीं, बल्कि सौ बार जेल में डाल दो, हमें आपकी तानाशाही से डर नहीं लगता. हम आपकी तानाशाही को खत्म कर देंगे.”
दीपके ने सुनाई आपबीती
शनिवार को प्लेन से हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके ने आपबीती सुनाई. उन्होंने कहा-दिल्ली पुलिस आई और मुझे बताया कि मेरी दादी का निधन हो गया है. फिर मैंने दिल्ली पुलिस से कहा कि मुझे अपने चचेरे भाई से दो मिनट फोन पर बात करने दें, लेकिन उन्होंने ये कहते हुए मना कर दिया कि वो फोन नहीं ला सकते और मुझसे नंबर देने को कहा. मैंने उनसे कहा कि मुझे नंबर याद नहीं है और उनसे सिर्फ दो मिनट के लिए फोन देने को कहा ताकि मैं नंबर निकालकर उन्हें दे सकूं. तब भी, उन्होंने मुझे फोन नहीं दिया.”
‘मेरे माता-पिता पहले से सदमे में थे’
सीजेपी फाउंडर ने आगे बताया- ”सुबह 3:30 बजे दिल्ली पुलिस आई और मुझसे कहा कि मैं अपने माता-पिता को फोन करूं और उन्हें बताऊं कि मुझे गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके पीछे क्या मकसद था? सुबह 3:30 बजे मुझे जगाकर मेरे माता-पिता को ये बताकर परेशान करना कि मैं गिरफ्तार हो चुका हूं. ये कैसी कानूनी प्रक्रिया है.” दीपके ने कहा- ”दादी की निधन की वजह से मेरे माता-पिता पहले से ही सदमे में थे. ऊपर से, दिल्ली पुलिस के ये गुंडे और बेरहम लोग चाहते थे कि मैं सुबह 3:30 बजे अपने माता-पिता को ये बताऊं कि मुझे गिरफ्तार कर लिया गया है. उनमें कोई इंसानियत नहीं है.”