कहते हैं कि अगर इंसान के अंदर कुछ नया और अनोखा करने का जुनून हो, तो वह छोटी-सी चीज में भी अपनी प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन कर सकता है. इसी बात को सच कर दिखाया है दुर्गापुर के गोपालमाठ इलाके के दुबचुरुरिया गांव के युवा कलाकार छोटन घोष उर्फ मनु ने. छोटन ने चावल के बेहद छोटे से दाने पर मां दुर्गा की तस्वीर उकेरकर अपनी बारीक कलाकारी और रचनात्मक प्रतिभा का शानदार नमूना पेश किया है. अब उसका सपना इस अनोखी कलाकृति के जरिए विश्व रिकॉर्ड बनाना है.
छह दिनों की मेहनत से चावल के दाने पर उकेरी मां दुर्गा की तस्वीर
छोटन ने लगातार छह दिनों तक कड़ी मेहनत और धैर्य के साथ चावल के एक छोटे से दाने पर मां दुर्गा की तस्वीर तैयार की. इस बेहद बारीक कलाकारी को अंजाम देने के लिए उसने बिजली के तार में इस्तेमाल होने वाले तांबे के बेहद पतले तार और एक पतली आलपिन का सहारा लिया. चावल के इतने छोटे दाने पर मां दुर्गा की तस्वीर बनाना न केवल उसकी कलात्मक कुशलता, बल्कि उसके धैर्य और एकाग्रता को भी दर्शाता है. छोटन की इस अनूठी कोशिश ने एक बार फिर दुर्गापुर के लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है. उसकी इच्छा है कि इस कलाकृति को व्यापक पहचान मिले और वह अपने हुनर के दम पर विश्व रिकॉर्ड बनाने में सफल हो.
पहले भी अनोखे प्रयोगों से चौंका चुका है छोटन
छोटन घोष के लिए यह पहला मौका नहीं है, जब उसने अपनी रचनात्मकता से लोगों को हैरान किया हो. इससे पहले भी वह कई अनोखी कलाकृतियां और प्रयोग कर चुका है. अपनी टीम के साथ मिलकर उसने छोटा टाइटैनिक जहाज तैयार किया है. इसके अलावा, उसने ऐसी मोटरसाइकिल बनाने का प्रयोग भी किया, जिस पर 10 लोग बैठ सकते हैं. इतना ही नहीं, छोटन और उसकी टीम ने ड्रोन की मदद से एक इंसान को जमीन से करीब 10 फीट की ऊंचाई तक उठाने का प्रयोग भी किया है. अपने इन अलग-अलग प्रयोगों के जरिए छोटन लगातार कुछ नया करने की कोशिश करता रहता है.
फूलों की सजावट के काम के बीच आता है नए प्रयोगों का विचार
छोटन अपनी टीम के साथ विभिन्न आयोजनों में फूलों की सजावट का काम करता है. इसी काम के बीच जब भी उसे खाली समय मिलता है, उसके मन में कुछ नया और अलग करने के विचार आते रहते हैं. इन विचारों को हकीकत में बदलने के लिए वह लगातार नए प्रयोग करता है और अपनी कल्पनाशक्ति को कलाकृतियों का रूप देता है. चावल के नन्हे दाने पर मां दुर्गा की तस्वीर बनाने का उसका प्रयास भी इसी रचनात्मक सोच का परिणाम है. सीमित साधनों के बीच अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर कुछ अलग करने की उसकी चाह उसे दूसरों से अलग बनाती है.
विश्व रिकॉर्ड बनाने की उम्मीद
छोटन को उम्मीद है कि चावल के छोटे से दाने पर बनाई गई मां दुर्गा की यह तस्वीर उसे व्यापक पहचान दिलाएगी. वह अपनी इस कलाकृति के जरिए विश्व रिकॉर्ड बनाने का सपना देख रहा है. हालांकि, रिकॉर्ड बनाने के लिए संबंधित संस्था की मान्यता और निर्धारित मानकों को पूरा करना जरूरी होगा. अब देखना होगा कि छोटन की यह अनोखी कलाकृति उसे कितनी बड़ी पहचान दिलाती है. फिलहाल, उसकी छह दिनों की मेहनत से तैयार यह कलाकृति उसकी लगन, धैर्य और कुछ अलग कर दिखाने के जुनून की कहानी बयां कर रही है.