उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले का वृंदावन शहर आजकल प्रेमानंद महाराज के शिष्य के सुसाइड मामले में सुर्खियों में है. इस बीच वृंदावन में एक और हादसा हो गया है. चैतन्य विहार स्थित गुरुकुल में पानी की टंकी की सफाई करते अंदर गए 4 बच्चों की मौत हो गई है. प्रारंभिक जांच में जहरीली गैस फैलने की आशंका जताई गई है. मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वत: संज्ञान लिया है और जांच के आदेश जारी किए हैं, जिसके चलते जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश देकर रिपोर्ट जल्द से जल्द तलब कर ली है .
किसका है गुरुकुल और कितने बच्चे पढ़ते हैं?
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के अनुसार, चैतन्य विहार स्थित गुरुकुल में 4 छात्रों की मौत होने की खबर मिली है. पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे तो पता चला कि आशीष शर्मा का गुरुकुल है, जिसमें 200 बच्चे पढ़ते हैं और 100 कैंपस में रहते हैं. कैंपस में एक वाटर टैंक बना है, जिसमें से बदबू आ रही थी तो बच्चे खुद ही टंकी की सफाई करने उसमें उतर गए. टैंक करीब 10 से 12 फीट गहरा था, जिसकी सफाई करते समय बच्चे बेहोश होने लगे तो चीख पुकार मच गई. 5 बच्चे टैंक में उतरे थे, जिनमें से 4 बाहर नहीं आ सके और उनका दम घुट गया.
क्या टैंक में जहरीली गैस फैलने से हादसा हुआ?
जिलाधिकारी के अनुसार, बाहर निकले बच्चे ने बताया कि उसका दम घुटने लगा तो वह तुरंत बाहर निकल गया, लेकिन अन्य 4 नहीं निकल पाए तो उसने गुरुकुल शिक्षकों और अधिकारियों को घटना के बारे में बताया. इसके बाद गुरुकुल में अफरा-तफरी मच गई और टैंक के अंदर जहरीली गैस होने की आशंका के चलते बच्चों को गुरुकुल से निकाला गया. इस बीच पुलिस तक मामला पहुंचा तो SSP कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने वाटर टैंक को खाली कराकर अंदर फंसे बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन उन्हें बचाया न जा सका.
मुख्यमंत्री योगी के हादसे की जांच के आदेश
SSP कुमार ने मौके पर जांच पड़ताल की और गुरुकुल में लगे CCTV कैमरे चेक किए. मृतकों के परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. घटनाक्रम की जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दी गई है और उन्होंने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं. मुख्यमंत्री के आदेश पर प्रशासनिक अधिकारियों को मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं और जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा. उन्होंने हादसे में जिंदा बचे बच्चे का उचित उपचार कराने और गुरुकुल के सभी बच्चों को उनके घर भेजने का आदेश भी दिया है.
मजिस्ट्रियल जांच में पूछे जाएंगे ये भी सवाल
जिलाधिकारी ने बताया कि हादसे ने गुरुकुल के मैनेजमेंट और वैलिडिटी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. इसलिए जांच करके पता लगाया जाएगा कि क्या गुरुकुल ने आधिकारिक मान्यता ली हुई थी? गुरुकुल का मैनेजमेंट और रखरखाव कैसे किया जा रहा था? सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं? बच्चों को पानी की टंकी में उतारने का फैसला किसने लिया? गुरुकुल में बच्चे किन हालात में रहते थे और क्या सुविधाएं मिल रही थीं? सभी सवालों के जवाब तलाशकर रिपोर्ट के आधार पर गुरुकुल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.