Heart Disease In Women: कार्डियोवेस्कुलर डिजीज यानी दिल की बीमारियां महिलाओं को भी घेरती हैं और जानलेवा साबित हो सकती हैं. हालांकि, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में होने वाली दिल की दिक्कतें अलग हो सकती हैं, लेकिन महिलाओं में दिखने वाले दिल की बीमारियों के लक्षणों को अक्सर ही किसी और बीमारी का कारण या एंजाइटी समझा जाता है. ऐसे में महिलाओं में कार्डियोवेस्कुलर डिजीज को लेकर जागरूकता होना जरूरी है. डायबिटीज (Diabetes), मेनोपॉज, स्मोकिंग और प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली दिक्कतें महिलाओं में कार्डियोवेस्कुलर बीमारियों का रिस्क बढ़ा देते हैं. ऐसे में वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन ने ऐसे 7 कामों का जिक्र किया है जिन्हें ध्यान में रखकर महिलाओं दिल की बीमारियों से खुद को दूर रख सकती हैं. यहां जानिए कौन से हार्ट को हेल्दी रखने वाले काम.
दिल की बीमारियों से कैसे बचें
दिल की बीमारियों के रिस्क फैक्टर्स में हाई ब्लड प्रेशर, हाई कॉलेस्ट्रोल, मोटापा और डायबिटीज शामिल हैं जिनसे अगर बचकर रहा जाए या ठीक तरह से मैनेज किया जाए तो दिल की बीमारियां दूर रहती हैं.
हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट लें
हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट हेल्दी हार्ट को सपोर्ट करती है और ब्लड फ्लो को बेहतर करने में मददगार होती है. हेल्दी डाइट में ताजी चीजें, फल, सब्जियां, पूर्ण अनाज, सूखे मेवे, बीज और अनप्रोसेस्ड फूड्स शामिल होते हैं. इस बात का ध्यान रखें कि आप प्रोसेस्ड फूड्स, सैचुरेटेड फैट्स, शुगर और नमक का सेवन कम करें.
मोटापा दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है. ऐसे में ओवरवेट होने या मोटापे से बचें और हेल्दी वेट मैनेज करें. अच्छी डाइट लेने और रोजाना एक्सरसाइज करने पर हेल्दी वेट मैनेज करने में मदद मिलती है.
स्मोकिंग छोड़ देने पर कोरोनरी हार्ट डिजीज का खतरा आधा हो जाता है. स्मोक ना करने के अलावा स्मोकिंग वाली जगह से भी दूर रहें. सिगरेट या बीढ़ी का सेकंडहैंड धुआं भी नुकसानदायक होता है.
कम से कम 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी हफ्ते में 5 दिन जरूर करें. इससे हेल्दी वेट मैनेज होता है और सेहत अच्छी रहती है. बच्चों और बड़ों सभी के लिए एक्टिव लाइफस्टाइल मेंटेन करना जरूरी होता है.
तनाव के कारण दिल तक जाने वाली धमनियां सिंकुड़ सकती हैं. इससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है. खासतौर से महिलाओं को तनाव स बचना चाहिए. एक्सरसाइज, डीप ब्रीदिंग, मसल रिलैक्सिंग और खुद का ख्याल रखने के लिए टाइम निकालकर तनाव को कम किया जा सकता है.
दिल की दिक्कतों में खतरे को कम करने के लिए डॉक्टर अक्सर ही दवा देते हैं. ये दवाएं ब्लड कॉलेस्ट्रोल लेवल को कम करने वाली या ब्लड क्लॉटिंग को रोकने वाली हो सकती हैं. इसीलिए डॉक्टर के बताए अनुसार दवा लेना जरूरी है.
एल्कोहल के सेवन से बचना जरूरी है. एल्कोहल के सेवन से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है. ऐसे में एल्कोहल का सेवन ना करने पर सेहत सुधरने लगती है.
इन 3 दिक्कतों पर रखें खास नजर
ब्लड प्रेशर – हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन हार्ट अटैक और स्ट्रोक की सबसे बड़ी वजह बनता है. ऐसे में अपने ब्लड प्रेशर लेवल्स को समय-समय पर चेक करते रहें.
कॉलेस्ट्रोल – गंदा कॉलेस्ट्रोल या हाई कॉलेस्ट्रोल कार्डियोवेस्कुलर डिजीज के खतरे को बढ़ाता है. ऐसे में कॉलेस्ट्रोल लेवल्स पर नजर रखें और इसे कम करने की कोशिश करें.
ब्लड शुगर – हाई ब्लड शुगर दिल की बीमारियों की बीमारी के खतरे को बढ़ाता है. ऐसे में ब्लड शुगर लेवल्स का ध्यान रखें और लेवल्स बढ़ें तो डॉक्टर से संपर्क करें.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.