Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड में मौसम का तांडव, अगले 24 घंटे भारी; 2 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, देहरादून समेत 6 जिले अलर्ट पर
उत्तराखंड में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है. IMD ने नैनीताल और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट, जबकि देहरादून समेत छह जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है. अगले 24 घंटे भारी बारिश, भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना रहेगा.
उत्तराखंड के नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी है.
देहरादून समेत छह जिलों में भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी है.
बदरीनाथ और गंगोत्री हाईवे पर भूस्खलन और सड़क धंसने से यातायात प्रभावित हो गया है.
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की.
उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है और यह धीरे- धीरे लोगों की जिंदगी में कहर बनता दिखाई दे रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के लिए राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. इसमें विशेष रूप से नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है. इसके अलावा देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में भी भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग का कहना है कि कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के साथ तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है और साथ ही, जितना हो सके घर से बाहर निकलने से बचने और नदी-नालों के दूर रहने की अपील की है.
मौसम विभाग के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है. वहीं हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में भी गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है. विभाग ने साफ कहा है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी, नालों तथा जलभराव वाले इलाकों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें. स्थानीय प्रशासन को भी संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित रखा जाए और किसी तरह की दुर्घटना को होने से पहले काबू किया जाए.
जिला
अलर्ट
मौसम की स्थिति
लोगों के लिए सलाह
नैनीताल
🟠 ऑरेंज अलर्ट
भारी से बहुत भारी बारिश, तेज बारिश की संभावना
अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों से दूर रहें.
बागेश्वर
🟠 ऑरेंज अलर्ट
भारी से बहुत भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा
पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने से बचें.
देहरादून
🟡 येलो अलर्ट
भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना
मौसम अपडेट देखते रहें और सावधानी बरतें.
टिहरी
🟡 येलो अलर्ट
भारी बारिश और तेज हवाएं
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें.
पौड़ी
🟡 येलो अलर्ट
भारी बारिश और आकाशीय बिजली
खराब मौसम में यात्रा टालें.
चमोली
🟡 येलो अलर्ट
भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका
पहाड़ी सड़कों पर अतिरिक्त सावधानी रखें.
उत्तरकाशी
🟡 येलो अलर्ट
गरज-चमक के साथ तेज बारिश
नदी और पहाड़ी ढलानों से दूरी बनाए रखें.
रुद्रप्रयाग
🟡 येलो अलर्ट
भारी बारिश और सड़क बाधित होने की आशंका
प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें.
भूस्खलन से बदरीनाथ और गंगोत्री हाईवे प्रभावित
लगातार हो रही बारिश का असर राज्य की प्रमुख सड़कों पर भी दिखाई देने लगा है. बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर मलबा आने से घंटों तक यातायात बंद रहा, जिसके कारण हजारों श्रद्धालु और यात्री रास्ते में फंस गए. सिरोबगड़ क्षेत्र में भी कई घंटे तक सड़क बंद रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. दूसरी ओर रतूड़ी सेरा के पास गंगोत्री हाईवे का लगभग 15 मीटर हिस्सा धंस जाने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है. हर्षिल क्षेत्र में भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कुछ भवनों और होटल को खाली भी कराया है.
दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर भी दिखा असर
बारिश का असर सिर्फ पहाड़ी इलाकों तक सीमित नहीं रहा. दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर भी कई जगह गहरे गड्ढे बनने की खबर सामने आई है, जिससे कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचा. इस तरह के गड्ढे तेज रफ्तार कार को बड़े घटना का शिकार बना सकते हैं, इसलिए बारिश के दौरान कार की गति पर कंट्रोल रखना और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी को ख्याल रखना भी जरूरी है. बता दें कि देहरादून में अधिकतम तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके.
यात्रा से पहले इन बातों का रखें खास ध्यान
अगर आप आने वाले दिनों में उत्तराखंड की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें. पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन की संभावना वाले इलाकों से बचें और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें. नदी-नालों के पास जाने से बचें, बारिश के दौरान वाहन सावधानी से चलाएं और आवश्यक सामान जैसे रेनकोट, टॉर्च, दवाइयां तथा मोबाइल चार्जर साथ रखें. मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है.
मुख्य निष्कर्ष:- उत्तराखंड में अगले 24 घंटों तक मौसम खराब रहने की आशंका है. नैनीताल और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट, जबकि देहरादून समेत छह जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है.
उत्तराखंड के नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी है.
देहरादून समेत छह जिलों में भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी है.
बदरीनाथ और गंगोत्री हाईवे पर भूस्खलन और सड़क धंसने से यातायात प्रभावित हो गया है.
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की.
उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है और यह धीरे- धीरे लोगों की जिंदगी में कहर बनता दिखाई दे रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के लिए राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. इसमें विशेष रूप से नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है. इसके अलावा देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में भी भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग का कहना है कि कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के साथ तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है और साथ ही, जितना हो सके घर से बाहर निकलने से बचने और नदी-नालों के दूर रहने की अपील की है.
मौसम विभाग के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है. वहीं हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में भी गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है. विभाग ने साफ कहा है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी, नालों तथा जलभराव वाले इलाकों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें. स्थानीय प्रशासन को भी संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित रखा जाए और किसी तरह की दुर्घटना को होने से पहले काबू किया जाए.
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जिला
अलर्ट
मौसम की स्थिति
लोगों के लिए सलाह
नैनीताल
🟠 ऑरेंज अलर्ट
भारी से बहुत भारी बारिश, तेज बारिश की संभावना
अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों से दूर रहें.
बागेश्वर
🟠 ऑरेंज अलर्ट
भारी से बहुत भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा
पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने से बचें.
देहरादून
🟡 येलो अलर्ट
भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना
मौसम अपडेट देखते रहें और सावधानी बरतें.
टिहरी
🟡 येलो अलर्ट
भारी बारिश और तेज हवाएं
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें.
पौड़ी
🟡 येलो अलर्ट
भारी बारिश और आकाशीय बिजली
खराब मौसम में यात्रा टालें.
चमोली
🟡 येलो अलर्ट
भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका
पहाड़ी सड़कों पर अतिरिक्त सावधानी रखें.
उत्तरकाशी
🟡 येलो अलर्ट
गरज-चमक के साथ तेज बारिश
नदी और पहाड़ी ढलानों से दूरी बनाए रखें.
रुद्रप्रयाग
🟡 येलो अलर्ट
भारी बारिश और सड़क बाधित होने की आशंका
प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें.
भूस्खलन से बदरीनाथ और गंगोत्री हाईवे प्रभावित
लगातार हो रही बारिश का असर राज्य की प्रमुख सड़कों पर भी दिखाई देने लगा है. बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर मलबा आने से घंटों तक यातायात बंद रहा, जिसके कारण हजारों श्रद्धालु और यात्री रास्ते में फंस गए. सिरोबगड़ क्षेत्र में भी कई घंटे तक सड़क बंद रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. दूसरी ओर रतूड़ी सेरा के पास गंगोत्री हाईवे का लगभग 15 मीटर हिस्सा धंस जाने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है. हर्षिल क्षेत्र में भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कुछ भवनों और होटल को खाली भी कराया है.
दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर भी दिखा असर
बारिश का असर सिर्फ पहाड़ी इलाकों तक सीमित नहीं रहा. दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर भी कई जगह गहरे गड्ढे बनने की खबर सामने आई है, जिससे कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचा. इस तरह के गड्ढे तेज रफ्तार कार को बड़े घटना का शिकार बना सकते हैं, इसलिए बारिश के दौरान कार की गति पर कंट्रोल रखना और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी को ख्याल रखना भी जरूरी है. बता दें कि देहरादून में अधिकतम तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके.
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यात्रा से पहले इन बातों का रखें खास ध्यान
अगर आप आने वाले दिनों में उत्तराखंड की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें. पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन की संभावना वाले इलाकों से बचें और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें. नदी-नालों के पास जाने से बचें, बारिश के दौरान वाहन सावधानी से चलाएं और आवश्यक सामान जैसे रेनकोट, टॉर्च, दवाइयां तथा मोबाइल चार्जर साथ रखें. मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है.
मुख्य निष्कर्ष:- उत्तराखंड में अगले 24 घंटों तक मौसम खराब रहने की आशंका है. नैनीताल और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट, जबकि देहरादून समेत छह जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर समेत कई जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है.
लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण बदरीनाथ हाईवे और गंगोत्री हाईवे के कुछ हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ है. यात्रा से पहले प्रशासन की ताजा अपडेट जरूर देखें.
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है.