उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही तेज बारिश के चलते अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों में उफान आ गया है. नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन भी अलर्ट मोड पर एक्टिव है. बुधवार सुबह से जारी मूसलाधार बारिश के बाद अलकनंदा नदी का जलस्तर मंगलवार के 622 मीटर से बढ़कर बुधवार को 622.5 मीटर तक पहुंच गया. अधिकारियों ने आने वाले दिनों में जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंचने की आशंका जताई है.
खतरनाक स्तर तक पहुंचा नदियों का पानी
मंडल स्तर के अधिकारी राजवार ने बताया कि वर्तमान जलस्तर 622 मीटर है जबकि चेतावनी स्तर 626 मीटर और खतरनाक स्तर 627 मीटर निर्धारित है. उन्होंने कहा कि जब जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब पहुंचता है तब वॉट्सऐप ग्रुप्स के जरिए इसकी जानकारी साझा की जाती है. इसके अलावा वाहनों के सतर्क किया जाता है, साथ ही जोखिम वाले क्षेत्र में जाकर लोगों को अलर्ट किया जाता है. जिला आपदा नियंत्रण कक्ष दोनों नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखे हुए है.
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मौसम विभाग का कई जिलों के लिए अलर्ट
देहरादून स्थित भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रुद्रप्रयाग के लिए 4 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. साथ ही नैनीताल, देहरादून, हारदोव, पौड़ी गढ़वाल और उधम सिंह नगर के लिए ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है, जिन जिलों में हल्की से मध्यम बरसात और गरज की संभावना जताई गई है. IMD ने लोगों से नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है.
तीर्थयात्रा मार्गों पर रोक
लगातार हो रही बरसात के कारण राज्य के कुछ हिस्सों में परिवहन व्यवस्था भी बाधित हुई है. चमोली जिले के बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर और रुद्रप्रयाग में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिरने के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है. अधिकारियों ने सोनप्रयाग–मुंकटिया मार्ग पर तीर्थयात्रियों और वाहनों के आवागमन को सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से रोक दिया है.
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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही तेज बारिश के चलते अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों में उफान आ गया है. नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन भी अलर्ट मोड पर एक्टिव है. बुधवार सुबह से जारी मूसलाधार बारिश के बाद अलकनंदा नदी का जलस्तर मंगलवार के 622 मीटर से बढ़कर बुधवार को 622.5 मीटर तक पहुंच गया. अधिकारियों ने आने वाले दिनों में जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंचने की आशंका जताई है.
खतरनाक स्तर तक पहुंचा नदियों का पानी
मंडल स्तर के अधिकारी राजवार ने बताया कि वर्तमान जलस्तर 622 मीटर है जबकि चेतावनी स्तर 626 मीटर और खतरनाक स्तर 627 मीटर निर्धारित है. उन्होंने कहा कि जब जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब पहुंचता है तब वॉट्सऐप ग्रुप्स के जरिए इसकी जानकारी साझा की जाती है. इसके अलावा वाहनों के सतर्क किया जाता है, साथ ही जोखिम वाले क्षेत्र में जाकर लोगों को अलर्ट किया जाता है. जिला आपदा नियंत्रण कक्ष दोनों नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखे हुए है.
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मौसम विभाग का कई जिलों के लिए अलर्ट
देहरादून स्थित भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रुद्रप्रयाग के लिए 4 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. साथ ही नैनीताल, देहरादून, हारदोव, पौड़ी गढ़वाल और उधम सिंह नगर के लिए ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है, जिन जिलों में हल्की से मध्यम बरसात और गरज की संभावना जताई गई है. IMD ने लोगों से नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है.
तीर्थयात्रा मार्गों पर रोक
लगातार हो रही बरसात के कारण राज्य के कुछ हिस्सों में परिवहन व्यवस्था भी बाधित हुई है. चमोली जिले के बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर और रुद्रप्रयाग में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिरने के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है. अधिकारियों ने सोनप्रयाग–मुंकटिया मार्ग पर तीर्थयात्रियों और वाहनों के आवागमन को सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से रोक दिया है.
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