उत्तराखंड में अगले चुनाव से पहले राजनीति हलचल तेज हो गई है। इसकी वजह है कैबिनेट का विस्तार। सीएम धामी की कैबिनेट का विस्तार हो गया है। 5 नए विधायकों को कैबिनेट में शामिल किया गया है। हाल ही में कैबिनेट मंत्री चंदन रामदास के निधन और प्रेम चंद अग्रवाल के इस्तीफा देने से कैबिनेट में कुल 5 सीटें खाली हो गईं थी।
उत्तराखंड में साल 2022 में विधान सभा चुनाव हुए थे। अब 2027 में चुनाव से पहले कैबिनेट विस्तार हुआ है। इसमें 5 विधायकों को कैबिनेट में शामिल किया गया है। इसमें खजान दास (देहरादून), मदन कौशिक (हरिद्वार), प्रदीप बत्रा (रुड़की), भरत चौधरी (रुद्रप्रयाग) और राम सिंह कैड़ा (नैनीताल) से को मौका मिला है। सभी ने 20 मार्च को राजभवन में मंत्री पद की शपथ ली।
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कितने हो सकते हैं मंत्री?
भारतीय संविधान के अनुसार, किसी राज्य में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या, राज्य विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती। उत्तराखंड में कुल 70 विधान सभा सीटें हैं। इस हिसाब से उत्तराखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 12 मंत्री हो सकते हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री सहित केवल 7 मंत्री हैं, जबकि 5 पद खाली चल रहे थे।
अगले साल उत्तराखंड में विधान सभा चुनाव होने हैं। प्रदेश में 70 सीटों पर चुनाव होने हैं। बीजेपी लगातार दो बार सत्ता हासिल कर चुकी है। अब देखना होगा कि इस बार जनता बीजेपी को हैट्रिक चांस देती है या फिर कांग्रेस की तरफ रुख करती है।
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