UPPCS Judicial Exam Rigging: उत्तरप्रदेश ज्यूडिशियल की परीक्षा में भी नकल कराने और धांधली का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार परीक्षा के बाद कुछ अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए पैसे लिए गए और काॅपियां बदल दी गईं। इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान यूपी लोक सेवा आयोग ने स्वीकार किया कि परीक्षा में धांधली हुई है। इस परीक्षा के जरिए यूपी की अधीनस्थ कोर्ट में जज बनाए जाते हैं।
आयोग ने कोर्ट में दिए एफिडेविट में स्वीकारा कि गलत कोडिंग करके काॅपियां बदल दी गईं। इसके बाद आयोग ने कार्रवाई करते हुए 3 अधिकारियों को सस्पेंड किया है। इस मामले में अगली सुनवाई अब 8 जुलाई को होगी। इसके अलावा एक अभ्यर्थी की आंसर शीट बदलने के मामले में आयोग ने अपने स्तर पर कार्रवाई करते हुए 5 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया है।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
बता दें कि पीसीएस ज्यूडिशियल की मुख्य परीक्षा 22 से 25 मई 2023 तक आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के अभ्यर्थी श्रवण पांडेय ने आरटीआई फाइल कर अपनी आंसर शीट देखीं। इसके बाद श्रवण हाईकोर्ट पहुंचा और याचिका दायर की। याचिका में उसने कहा कि उसकी अंग्रेजी की आंसर शीट की लिखावट उनकी नहीं थी इसके अलावा दूसरी आंसर शीट के पन्ने भी फटे हुए थे। ऐसे में वह मुख्य परीक्षा में फेल हो गए। इसके बाद कोर्ट ने 5 जून 2024 को आयोग को याचिककर्ता के 6 प्रश्नपत्रों की आंसर शीट कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया।
आयोग ने 20 जून 2024 से अभ्यर्थियों को आंसर शीट दिखानी शुरू कर दी है। मुख्य परीक्षा में शामिल हुए 3 हजार से अधिक परीक्षार्थियों को 30 जुलाई तक उनकी आंसर शीट दिखाई जाएंगी। इसका रिजल्ट अगस्त 2023 को घोषित किया गया था। वहीं मार्क्स नवंबर 2023 में जारी किए गए थे। अग मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी।