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CBI रियल एस्टेट के बड़े घोटाले की करेगी जांच, यमुना अथॉरिटी के ये प्रोजेक्ट्स भी निशाने पर

Noida News: सीबीआई ने यमुना अथॉरिटी के रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स जांच शुरू कर दी है। CBIने पिछले सप्ताह यीडा को औपचारिक पत्र भेजकर इन प्रमुख बिल्डरों की परियोजनाओं से संबंधित दस्तावेज मांगे थे। इन दस्तावेजों में भूमि आवंटन, लीज डीड, स्वीकृत बिल्डिंग प्लान, भुगतान रिकॉर्ड और बिल्डरों व प्राधिकरण के बीच पत्राचार से जुड़ी फाइलें शामिल हैं।

Noida News: यमुना अथॉरिटी के रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स की Central Bureau of Investigation (CBI) जांच करेगी। बताया जा रहा है कि सब्सिडी योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की है। इस जांच के दायरे में यीडा के सेक्टर 17ए में सुपरटेक की अपकंट्री, सेक्टर 22डी में ओएसिस रियलटेक की ट्रेंडस्टैंड और जेपी ग्रुप की कोव एंड कैसिया प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।

बिल्डरों और बैंकों ने खरीदारों का किया नुकसान

CBIने पिछले सप्ताह यीडा को औपचारिक पत्र भेजकर इन प्रमुख बिल्डरों की परियोजनाओं से संबंधित दस्तावेज मांगे थे। इन दस्तावेजों में भूमि आवंटन, लीज डीड, स्वीकृत बिल्डिंग प्लान, भुगतान रिकॉर्ड और बिल्डरों व प्राधिकरण के बीच पत्राचार से जुड़ी फाइलें शामिल हैं। दरअसल, 29 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई को विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि बिल्डरों और बैंकों के बीच अवैध मिलीभगत के कारण निर्दोष खरीदारों को भारी नुकसान हुआ है।

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रियल एस्टेट का बड़ा घोटाला

कोर्ट ने इस मामले को देशभर में फैला एक बड़ा रियल एस्टेट घोटाला करार दिया था। इसके तहत सीबीआई को सात प्रारंभिक जांच दर्ज करनी है। इसमें नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे, गुरुग्राम, गाजियाबाद और मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता जैसे महानगरों के प्रोजेक्ट शामिल हैं। उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकार को जांच में सहयोग के लिए पुलिस अधिकारी तैनात करने के आदेश दिए गए हैं।

CBI को सौंपे दस्तावेज

यमुना अथॉरिटी सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि CBI टीम का जांच में सहयोग किया जा रहा है। सभी जरूरी दस्तावेज CBI अधिकारियों को सौंप दिए गए हैं। आगे भी सीबीआई अधिकारियों का इसी प्रकार सहयोग किया जाएगा।

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यह है सबवेंशन स्कीम विवाद

सबवेंशन स्कीम के तहत बिल्डर बैंकों से यह समझौता करते थे कि वे खरीदार को फ्लैट का कब्जा मिलने तक होम लोन की ईएमआई खुद भरेंगे। लेकिन कई मामलों में बिल्डर समय पर भुगतान नहीं करते थे और बैंक सीधे खरीदारों से ईएमआई वसूलने लगते थे। इस तरह हजारों खरीदार कर्ज के बोझ तले दब गए जबकि प्रोजेक्ट अधूरे रह गए या दिवालिया प्रक्रिया में चले गए।

First published on: May 13, 2025 09:30 PM

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About the Author

Md Junaid Akhtar

युवा पत्रकार मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2013 में ‘अमर उजाला’ गाजियाबाद से की थी। यहां इन्होंने अखबार में करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया। इसके बाद इन्होंने 2014 में ‘नवोदय टाइम्स‘ के लिए रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर कीं। करीब एक साल बाद 2015 में इनका ट्रांसफर गाजियाबाद से दिल्ली हो गया। दिल्ली में इन्होंने अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए। वर्ष 2016 में इनका ट्रांसफर दिल्ली से नोएडा हो गया। नोएडा में इन्होंने क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम तक किया। इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान इन्हें क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला। जुनेद अख्तर ने साल 2024 (जनवरी) में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। इस दौरान इन्होंने ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया। इस बीच 27 फरवरी 2025 को जुनेद अख्तर ने न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। यहां जुनेद अख्तर बतौर सब एडिटर काम कर रहे हैं। जुनेद यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखते हैं। इसके अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की खबरों पर भी नजर रखते हैं।

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