संभल जामा मस्जिद को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मस्जिद के सदर जफर अली को इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने जफर अली की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। अब जल्द ही जफर जेल से बाहर होंगे। जस्टिस समीर जैन की सिंगल बेंच ने जमानत अर्जी को मंजूरी दी है।
दरअसल यह पूरा मामला संभल जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा से जुड़ा है। पुलिस का दावा है कि मस्जिद के सदर जफर अली, सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क और संभल के सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल की वजह से हिंसा भड़की थी। इसके बाद पुलिस ने इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। 23 मार्च 2025 को पुलिस ने विवेचना के दौरान जफर अली को गिरफ्तार किया था। करीब 4 महीने जेल में रहने के बाद जफर अली की जमानत याचिका मंजूर की गई है।
हिंसा में गई थी 5 लोगों की जान
बता दें कि पिछली 24 नवंबर को संभल मस्जिद सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा के दौरान 5 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 29 पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ ने संभल मस्जिद के आसपास जमकर तोड़फोड़ और आगजनी भी की थी। बताया जाता है कि हिंसा की एसआईटी टीम द्वारा जांच कराई गई थी। टीम ने जांच के बाद मस्जिद के सदर जफर अली को आरोपी माना था।
सांसद को दी थी सर्वे की जानकारी
एसआईटी का दावा था कि सदर जफर अली ने 23 नवंबर की रात मस्जिद सर्वे की जानकारी सांसद जियाउर्रहमान बर्क के दी थी। इसके बाद सांसद के कहने पर भीड़ इकट्ठा कर हिंसा भड़काई थी। करीब 4 महीने की जांच के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था।