---विज्ञापन---

गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के दायरे में आने वाले 13 गांवों की जमीनों की रजिस्ट्री पर लगी रोक, क्यों और क्या है मामला?

Gorakhpur Siliguri Expressway: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट गोरखपुर सिलिगुडी एक्सप्रेस खटाई में पड़ गया है, क्योंकि एक्सप्रेसवे के दायरे में आने वाले 13 गांवों की जमीनों की रजिस्ट्री पर रोक लग गई है. क्योंकि एक्सप्रेसवे की सीमा को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है.

---विज्ञापन---

Gorakhpur Siliguri Expressway: गोरखपुर सिलिगुड़ी एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ी खबर आई है. एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट में आने वाले गांवों की जमीनों की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई है. इस संबंध में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी हिमांशु वर्मा ने आदेश जारी किया, जिसकी कॉपी गोरखपुर तहसीलदार को भी भेजी गई है. रजिस्ट्री पर रोक लगाने की वजह एक्सप्रेसवे की सीमा को लेकर छिड़ा विवाद बताया गया है.

यह भी पढ़ें: Cashless Tolls: अब सभी टोल प्लाजा पर लागू होंगे ये नए न‍ियम, चेक करें

---विज्ञापन---

13 गांवों की जमीनों की होनी है रजिस्ट्री

NHAI की ओर से कहा गया है कि जब तक विवाद नहीं सुलझेगा, रजिस्ट्री नहीं होगी और जब तक रजिस्ट्री नहीं होगी, तब तक जमीन का अधिग्रहण नहीं होगा, जमीन की खरीद फरोख्त नहीं होगी. बता दें कि एक्सप्रेसवे के लिए 13 गांवों से 69.57 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है, जिसकी पहले रजिस्ट्री होनी है. गोरखपुर से आगे कुशीनगर के हाटा, कसया, तमकुहीराज तहसील होते हुए सिलीगुड़ी तक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जिसकी सीमा को लेकर विवाद है.

सर्विस रोड बनाने की है ग्रामीणों की मांग

बता दें कि गोरखपुर सिलिगुड़ी एक्सप्रेसवे गोरखपुर में जगदीशपुर जंगल कौड़िया बाईपास के करमहा से शुरू होगा. वर्तमान में एक्सप्रेसवे की सड़क के दोनों ओर कंटीली तार लगाई जा रही है, लेकिन सरया तिवारी, डोहरिया, तेलियाभार, मलाव, हरदत्तपुर, बहादुरपुर खुर्द, बहादुरपुर बुजुर्ग, कटहा बाबू समेत कई गांवों ने सीमा विवाद खड़ा किया और सर्विस रोड बनाए जाने की मांग भी की. इस वजह से एक्सप्रेसवे की फेंसिंग नहीं हो पाई, इसलिए अब पैमाइश कराई जाएगी.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: यमुना एक्सप्रेसवे पर चालान को लेकर नया नियम, हादसे कम करने के लिए लिया गया है फैसला

3 दिन में पैमाइश का काम करना है पूरा

खजनी के तहसीलदार राजेश सिंह ने पैमाइश कराने की बात कहीं और बताया कि एक्सप्रेसवे के किनारे वाली सभी जमीनों की पैमाइश करने के लिए टीमें बनाई गई हैं और 3 दिन में पैमाइश पूरी करने का आदेश दिया गया है. जमीनों की पैमाइश पुलिस बल की मौजूदगी में की जाएगी. पैमाइश पूरी होने के बाद सर्विस रोड और फेंसिंग का काम पूरा किया जाएगा. फिर जमीनों का रजिस्ट्रेशन शुरू किया, अधिग्रहण किया जाएगा और एक्सप्रेसवे आगे बढ़ाने का काम होगा.

---विज्ञापन---

किस गांव की कितनी जमीन अधिग्रहित होगी?

NHAI के अधिकारी हिमांशु वर्मा ने बताया कि करमहा तप्पा पतरा में 5.4402 हेक्टेयर, महराजी तप्पा पतरा में 7.9063 हेक्टेयर, सोनवे गोनाराहा में 4.6814 हेक्टेयर, अगया तप्पा पतरा में 8.4705 हेक्टेयर, मटिहनिया सुमाली में 4.3276 हेक्टेयर, उस्का में 2.2417 हेक्टेयर, नैयापार खुर्द में 5.4738 हेक्टेयर, भरपुरवा में 7.1609 हेक्टेयर, महुअवा खुर्द में 4.01510 हेक्टेयर, राउतपार तप्पा केवटली में 10.55711 हेक्टेयर, हेमछापर में 5.01312 हेक्टेयर, लुहसी में 4.284 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है.

First published on: Jan 29, 2026 06:53 AM

End of Article

About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं एमफिल कोर्स किया है। 13 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी हूं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के माल‍िकाना हक वाले News 24 हिंदी डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हूं। चीफ सब एडिटर की भूमिका निभाते हुए यहां की कोर टीम का हिस्सा हूं। नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम, फीचर आदि टॉपिक कवर करती हूं। घूमने, खाने और शॉपिंग की शौकीन खुशबू को नए ट्रेंड, नई जगह और ऐडवेंचर की तलाश रहती है।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola