Sanjay Nishad On Nishad Reservation: यूपी सरकार में मत्स्य पालन विभाग के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद आजकल अपनी ही सरकार से नाराज चल रहे हैं. उन्होंने निषाद और उसकी उप-जातियों बिंद, केवट और मल्लाह को एससी की लिस्ट में डालने की मांग फिर से उठाई है. उनका कहना है कि निषादों को ओबीसी से काटकर 9 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए. इसको लेकर उन्होंने न्यूज 24 से एक्सक्लूसिव बातचीत की है.
अपनी ही सरकार से नाराजगी क्यों?
जब न्यूज 24 के एंकर अपूर्व मिक्षा ने संजय निषाद से पूछा कि आप योगी सरकार से नाराज क्यों चल रहे हैं, तब उन्होंने इसके जवाब में कहा, ‘देखिए..हम तो एक वकील हैं, जनता के..हम एक मंत्री नहीं, बल्कि अपने समाज के संतरी हैं, हम जब समाज के अंदर रहते हैं, तो जो उनके दर्द हैं, ये उनकी ही आवाज है, नाराजगी नहीं है. निषाद समाज का दर्द है कि भरोसा टूटा है, सपा, बसपा और कांग्रेस ने धोखा दिया, लेकिन बीजेपी के एजेंडे में निषाद आरक्षण था.
‘आरक्षण के लिए किया संघर्ष’
संजय निषाद ने आगे कहा, योगी जी जब सांसद थे, तब आवाज उठाते थे संसद में, जब मैंने सपा, बसपा और कांग्रेस को उखाड़ फेंकने के लिए रेल आंदोलन किया, तब वो कमिश्नर के साथ बैठकर धरना देते थे, लेकिन जब आप खुद सरकार में हैं. जब बीजेपी सरकार में इतने काम हुए हैं, तो ये आरक्षण का भी मसला हल होना चाहिए क्योंकि ये हमारा मौलिक अधिकार है.
अब क्यों उठा रहे हैं मुद्दा?
जब उनसे पूछा गया कि चुनावी साल में ये मुद्दा क्यों उठाया जा रहा है, जब इसके जवाब में संजय निषाद ने कहा, ‘जब तक बच्चा रोता नहीं, तब तक मां दूध नहीं पिलाती, मैंने 2022 में भी आवाज उठाई थी, योगी सरकार को 2021 में भी पत्र लिखा था, गृह मंत्री के पास भी लाखों लोगों ने आवाज उठाई थी, अब उनके वादों को याद दिलाना मेरा काम है. जब निषाद समाज का हर एक शख्स बूथ लेवल पर आरक्षण की मांग करेगा, तो ये तुरंत लागू हो जाएगा.’
क्या एनडीए से अगल होंगे निषाद?
इसके जवाब में संजय निषाद ने खुलकर तो कुछ नहीं कहा, लेकिन इशारों इशारों में कहा कि उन्हें एनडीए से भी उम्मीद है और वो आरक्षण लेकर रहेंगे. उन्होंने कहा, ‘आरक्षण के मुद्दे पर हमारा समाज हमें घेरता है, हमारे रोकने से कोई रुकने वाला नहीं है, हमारा समाज अगर आरक्षण नहीं पाएगा, और बीजेपी ने कहा था आरक्षण मिलेगा, योगी जी भी आवाज उठाते रहे, तो मेरे लोग अब भाजपा से पूछेंगे, और पार्टी मजबूरन इस पर विचार करेगी. केंद्र से भी आरक्षण मिलेगा और राज्य से भी आरक्षण मिलेगा, हमारे लोगों ने तय कर रखा है कि बीजेपी से ही आरक्षण मिलेगा.’