अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के घरों पर तलाशी अभियान चलाया गया. पुलिस को आरोपियों के घरों से नकदी, सोने के गहने और एक कार बरामद हुई है. इसके साथ ही जांच एजेंसियों ने आरोपियों के रिश्तेदारों से जुड़े 15 बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया है. पुलिस का मानना है कि इन खातों के जरिए कथित तौर पर चोरी की गई दान राशि को इधर-उधर भेजने और उसके सोर्स को छिपाने की कोशिश की गई.
परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अनुकल्प मिश्रा को सुबह करीब नौ बजे उसके अयोध्या स्थित घर ले जाया गया, जहां लगभग 20 मिनट तक तलाशी ली गई. इस दौरान उसके परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की गई. इसी तरह आरोपी लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय को भी उनके-अपने घर ले जाकर तलाशी अभियान चलाया गया. जांच टीम ने इन स्थानों से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं, जो मामले की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं.
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नकद, सोने के आभूषण समेत कई कीमती सामान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तलाशी के दौरान करीब 1.5 लाख रुपये नकद, सोने के आभूषण जिनमें कान की बालियां और पेंडेंट शामिल हैं और एक कार जब्त की गई है. हालांकि पुलिस ने अभी तक बरामद नकदी की आधिकारिक राशि या जब्त कार के मालिक के बारे में कोई औपचारिक जानकारी साझा नहीं की है. अधिकारियों का कहना है कि जब्त की गए सामानों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका संबंध चढ़ावा चोरी मामले से है या नहीं.
रिश्तेदारों के 15 बैंक खाते फ्रीज
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के रिश्तेदारों के बैंक खातों में उनकी संपत्ति आय से कही अधिक है. इसके बाद एहतियातन 15 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया. अब जांच एजेंसियां इन खातों के जरिए हुए लेनदेन की जांच कर रही हैं ताकि दान की कथित चोरी की गई रकम का पूरा वित्तीय रिकॉर्ड सामने लाया जा सके. पूछताछ में अनुकल्प मिश्रा ने दावा किया है कि उसने आरोपी अविनाश के साथ मिलकर कथित रूप से गबन की गई राशि का एक हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया था.
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अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के घरों पर तलाशी अभियान चलाया गया. पुलिस को आरोपियों के घरों से नकदी, सोने के गहने और एक कार बरामद हुई है. इसके साथ ही जांच एजेंसियों ने आरोपियों के रिश्तेदारों से जुड़े 15 बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया है. पुलिस का मानना है कि इन खातों के जरिए कथित तौर पर चोरी की गई दान राशि को इधर-उधर भेजने और उसके सोर्स को छिपाने की कोशिश की गई.
परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अनुकल्प मिश्रा को सुबह करीब नौ बजे उसके अयोध्या स्थित घर ले जाया गया, जहां लगभग 20 मिनट तक तलाशी ली गई. इस दौरान उसके परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की गई. इसी तरह आरोपी लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय को भी उनके-अपने घर ले जाकर तलाशी अभियान चलाया गया. जांच टीम ने इन स्थानों से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं, जो मामले की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं.
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नकद, सोने के आभूषण समेत कई कीमती सामान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तलाशी के दौरान करीब 1.5 लाख रुपये नकद, सोने के आभूषण जिनमें कान की बालियां और पेंडेंट शामिल हैं और एक कार जब्त की गई है. हालांकि पुलिस ने अभी तक बरामद नकदी की आधिकारिक राशि या जब्त कार के मालिक के बारे में कोई औपचारिक जानकारी साझा नहीं की है. अधिकारियों का कहना है कि जब्त की गए सामानों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका संबंध चढ़ावा चोरी मामले से है या नहीं.
रिश्तेदारों के 15 बैंक खाते फ्रीज
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के रिश्तेदारों के बैंक खातों में उनकी संपत्ति आय से कही अधिक है. इसके बाद एहतियातन 15 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया. अब जांच एजेंसियां इन खातों के जरिए हुए लेनदेन की जांच कर रही हैं ताकि दान की कथित चोरी की गई रकम का पूरा वित्तीय रिकॉर्ड सामने लाया जा सके. पूछताछ में अनुकल्प मिश्रा ने दावा किया है कि उसने आरोपी अविनाश के साथ मिलकर कथित रूप से गबन की गई राशि का एक हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया था.
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