नोएडा Airport को मिलेगी हाईस्पीड ट्रेन और नए रेलमार्ग की कनेक्टिविटी, यूपी सरकार ने तेज किए बड़े प्रोजेक्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को हाईस्पीड ट्रेन, नमो भारत और नए रेलमार्ग से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है. सरकार का दावा है कि भविष्य में दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक सिर्फ 21 मिनट में पहुंचा जा सकेगा, जिससे यात्रियों और उद्योगों दोनों को बड़ा फायदा मिलेगा.
Written By: Azhar Naim|Updated: May 23, 2026 14:50
Edited By : Azhar Naim|Updated: May 23, 2026 14:50
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नोएडा एयरपोर्ट के बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बड़ी योजना. (Image:Ai)
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उत्तर प्रदेश सरकार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के बड़े रेल और सड़क नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. इसी कड़ी में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए. सरकार की योजना है कि जेवर एयरपोर्ट को दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड ट्रेन और रुंधी-चोला रेलमार्ग से सीधे जोड़ा जाए, ताकि इस रूट के यात्रियों और उद्योगों दोनों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके. ऐसा माना जा रहा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद नोएडा एयरपोर्ट देश के सबसे आधुनिक और सुविधाजनक एयरपोर्ट हब में शामिल हो जाएगा, जो न सिर्फ नोएडा, बल्कि पूरे राज्य के विकास में बड़ा कदम साबित होगा.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकारियों ने बैठक में बताया कि नोएडा एयरपोर्ट से गाजियाबाद तक नमो भारत परियोजना की डीपीआर तैयार कर ली गई है और इसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है. वहीं दिल्ली से वाराणसी के बीच प्रस्तावित हाईस्पीड ट्रेन परियोजना में नोएडा एयरपोर्ट स्टेशन को शामिल करने की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है. सरकार का दावा है कि भविष्य में दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक का सफर महज 21 मिनट में पूरा किया जा सकेगा. इसके अलावा चोला से रुंधी तक बिछने वाले नए रेलमार्ग से एयरपोर्ट और यमुना सिटी के औद्योगिक सेक्टरों को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे व्यापार और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा.
एक्सप्रेसवे और हाइड्रोजन बसों से भी योजना में शामिल
यमुना एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड, गंगा, पूर्वांचल और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना पर भी तेजी से काम हो रहा है, साथ ही इसे यीडा क्षेत्र में औद्योगिक विकास और निवेश के नए अवसर खुलेंगे. वहीं नोएडा एयरपोर्ट से कॉमर्शियल फ्लाइट शुरू होने की तैयारी के साथ ही परी चौक से जेवर एयरपोर्ट तक हाइड्रोजन बस सेवा शुरू करने की योजना भी बनाई गई है. जानकारी के मुताबिक, पांच हाइड्रोजन बसें फ्लाइट शेड्यूल के अनुसार यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचाएंगी. इतना ही नहीं, दिल्ली, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों से भी बस सेवाएं चलाई जाएंगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी.
यमुना सिटी में विकास को मिलेगी नई रफ्तार
सरकार ने प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए बड़े स्तर पर लैंडबैंक तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं. अधिकारियों ने मथुरा, हाथरस, अलीगढ़ और आगरा अर्बन सेंटर के मास्टर प्लान की जानकारी भी साझा की है. हाथरस में शुरुआती चरण में करीब 4000 हेक्टेयर क्षेत्र में विकास कार्य किए जाएंगे, वहीं यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे लंबे समय से बंद पड़ी 60 मीटर चौड़ी सड़क को भी खोल दिया गया है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है. पहले लोग कच्चे रास्तों से गुजरने को मजबूर थे, लेकिन अब यह सड़क चालू होने के बाद यातायात पहले से ज्यादा आसान और तेज हो गया है.
उत्तर प्रदेश सरकार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के बड़े रेल और सड़क नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. इसी कड़ी में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए. सरकार की योजना है कि जेवर एयरपोर्ट को दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड ट्रेन और रुंधी-चोला रेलमार्ग से सीधे जोड़ा जाए, ताकि इस रूट के यात्रियों और उद्योगों दोनों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके. ऐसा माना जा रहा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद नोएडा एयरपोर्ट देश के सबसे आधुनिक और सुविधाजनक एयरपोर्ट हब में शामिल हो जाएगा, जो न सिर्फ नोएडा, बल्कि पूरे राज्य के विकास में बड़ा कदम साबित होगा.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकारियों ने बैठक में बताया कि नोएडा एयरपोर्ट से गाजियाबाद तक नमो भारत परियोजना की डीपीआर तैयार कर ली गई है और इसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है. वहीं दिल्ली से वाराणसी के बीच प्रस्तावित हाईस्पीड ट्रेन परियोजना में नोएडा एयरपोर्ट स्टेशन को शामिल करने की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है. सरकार का दावा है कि भविष्य में दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक का सफर महज 21 मिनट में पूरा किया जा सकेगा. इसके अलावा चोला से रुंधी तक बिछने वाले नए रेलमार्ग से एयरपोर्ट और यमुना सिटी के औद्योगिक सेक्टरों को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे व्यापार और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा.
एक्सप्रेसवे और हाइड्रोजन बसों से भी योजना में शामिल
यमुना एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड, गंगा, पूर्वांचल और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना पर भी तेजी से काम हो रहा है, साथ ही इसे यीडा क्षेत्र में औद्योगिक विकास और निवेश के नए अवसर खुलेंगे. वहीं नोएडा एयरपोर्ट से कॉमर्शियल फ्लाइट शुरू होने की तैयारी के साथ ही परी चौक से जेवर एयरपोर्ट तक हाइड्रोजन बस सेवा शुरू करने की योजना भी बनाई गई है. जानकारी के मुताबिक, पांच हाइड्रोजन बसें फ्लाइट शेड्यूल के अनुसार यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचाएंगी. इतना ही नहीं, दिल्ली, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों से भी बस सेवाएं चलाई जाएंगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी.
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यमुना सिटी में विकास को मिलेगी नई रफ्तार
सरकार ने प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए बड़े स्तर पर लैंडबैंक तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं. अधिकारियों ने मथुरा, हाथरस, अलीगढ़ और आगरा अर्बन सेंटर के मास्टर प्लान की जानकारी भी साझा की है. हाथरस में शुरुआती चरण में करीब 4000 हेक्टेयर क्षेत्र में विकास कार्य किए जाएंगे, वहीं यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे लंबे समय से बंद पड़ी 60 मीटर चौड़ी सड़क को भी खोल दिया गया है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है. पहले लोग कच्चे रास्तों से गुजरने को मजबूर थे, लेकिन अब यह सड़क चालू होने के बाद यातायात पहले से ज्यादा आसान और तेज हो गया है.