Bhole Baba Statement on Hathras Stampede: उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग समारोह में मची भगदड़ में 121 लोग मारे गए थे। जिस बाबा के सत्संग में भगदड़ मची थी, उन भोले बाबा का पहला बयान सामने आया है। भोले बाबा ने सुप्रीम कोर्ट के वकील AP सिंह के जरिए लिखित बयान जारी किया और ANI को वीडियो स्टेटमेंट भी दिया है।
इसमें बाबा यह कहते हुए सुना जा सकता है कि जब भगदड़ मची, वे समारोह से निकल गए थे। उनके जाने के बाद जो हुआ, उससे बहुत दुखी हूं। 121 लोगों की मौत ने मन व्यथित किया है। जिन अराजक तत्वों ने भगदड़ मचाई, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराऊंगा। घायल लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। भगवान हमें इस दर्द को सहन करने की शक्ति दें। कृपया कानून और पुलिस में विश्वास बनाए रखें।
मुख्य आरोपी देव प्रकार मधुकर का सरेंडर
बता दें कि शुक्रवार रात को हाथरस भगदड़ कांड के मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर ने सरेंडर कर दिया। वह अचानक राजधानी दिल्ली के नजफगढ़-उत्तम नगर इलाके में पड़ने वाले एक अस्पताल में चेकअप कराने आया और इस दौरान उसने पुलिस को बुलाकर आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसका सुराग देने वाले को एक लाख इनाम देने की घोषणा की थी, लेकिन वह खुद सामने आ गया। आज पुलिस उसे कोर्ट में पेश करके रिमांड पर ले सकती है। देव प्रकाश ही सत्संग का आयोजक है। उसके सरेंडर करने की पुष्टि सूरज पाल उर्फ भोले बाबा के वकील AP सिंह ने की।
मामले में अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार हुए
बता दें कि मामले में हाथरस के सिकंदराराऊ थाने की पुलिस ने गत 2 जुलाई को दर्ज किया गया था। FIR ब्रजेश पांडे नामक शख्स ने दर्ज कराई है, लेकिन इसमें भोले बाबा को नामजद नहीं किया गया है, लेकिन देव प्रकाश को मुख्य आरोपी बनाया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 105, 110, 126 (2), 223 और 238 के तहत केस दर्ज किया गया है। वहीं जांच पड़ताल, छापेमारी और पूछताछ के बाद पुलिस ने 4 जुलाई को 2 महिलाओं और 4 पुरुषों के गिरफ्तार किया, जो भोले बाबा के सेवादार हैं। वहीं देव प्रकाश की गिरफ्तारी के बाद 7 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
SIT ने सरकार को सौंपी जांच रिपोर्ट
बता दें कि हाथरस भगदड़ कांड की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। करीब 100 पेजों की जांच रिपोर्ट है, जिसमें 90 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। SIT के अध्यक्ष आगरा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अनुपम कुलश्रेष्ठ थे, जिन्होंने खुद रिपोर्ट सरकार को सौंपी और आयोजकों को हादसे के लिए जिम्मेदार बताया। जांच रिपोर्ट में बाबा के पूर्व सेवादारों, डॉक्टरों, एंबुलेंस कर्मियों, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों, जिला प्रशासन अधिकारियों, नगर निगम अधिकारियों समेत कई संबंधित लोगों के बयान शामिल किए गए हैं।
राहुल गांधी हाथरस पीड़ितों से मिलने पहुंचे
बीते दिन रायबरेली से कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी हाथरस भगदड़ पीड़ितों से मिलने के लिए पहुंचे। उन्होंने अलीगढ़ के गांव पिलखना जाकर हादसा पीड़ितों से बातचीत की और उनका दर्द बांटा। हादसा पीड़िता भी राहुल गांधी के गले लगकर खूब रोए। उन्होंने हादसा पीड़ितों को इंसान दिलाने और हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। उन्होंने हाथरस कांड को संसद सत्र में उठाने का वादा भी किया।
हाथरस हादसे की जांच करेगा न्यायिक आयोग
बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने हाथरस हादसे की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित किया है। बृजेश कुमार श्रीवास्तव को न्यायिक आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। वे इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस हैं। उन्हें 2 महीने में हाथरस हादसे की जांच पूरी करके रिपोर्ट सरकार के आदेश हैं।
जिला प्रशासन की रिपोर्ट में यह दावा किया गया
बता दें कि बीते दिन हाथरस जिला प्रशासन ने भी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भगदड़ मचने के वक्त भोले बाबा मौजूद था। उसके चरणों की धूल लेने की होड़ में लोगों में धक्का मुक्की हुई और भगदड़ मच गई। हादसे के लिए पूरी तरह से बाबा ही जिम्मेदार है।
सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर
हाथरस कांड के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है, जो वकील विशाल तिवारी ने दर्ज कराई। इसमें उन्होंने रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर हादसे की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके अलावा एक जनहित याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी डाली गई है, जिसमें हादसे की CBI जांच की मांग हुई है। यह याचिका प्रयागराज के वकील गौरव द्विवेदी ने दर्ज की है।