Bhole Baba Superstitious Powers Story (विमल कौशिक, दिल्ली): उत्तर प्रदेश के हाथरस में जिस नारायण साकार विश्व हरि उर्फ ‘भोले बाबा’ के सत्संग में भगदड़ मची। करीब 121 महिलाएं और बच्चे दर्दनाक तरीके से मारे गए। उस सूरजपाल उर्फ बाबा को पड़ोसी गांव के लोगों ने उसका एक ‘सच’ बताया है। लोगों का कहना है कि भोले बाबा के पास मोहित कर देने वाला मोहिनी मंत्र है, काला चश्मा और चमत्कारी पानी है।
बाबा के सत्संग में भूत-प्रेत नाचते हैं, जिसके सम्मोहन में महिलाएं जकड़ जाती हैं। बाबा के सत्संग में महिलाओं की भागीदारी हर जगह पर सबसे ज्यादा होती है, लेकिन वह क्यों होती है? उसके बारे में कहा जाता है कि बाबा के दरबार में महिलाएं रूपक (अप्सराएं) बनकर आती थीं और बाबा उनके बीच मे नाचता था। पड़ोसी गांव की महिलाओं ने बताया कि बाबा के पास एक मोहनी मंत्र है। जैसे ही महिलाएं उसके आस-पास जाती हैं तो वह उसके सम्मोहन में पड़ जाती हैं।
बाबा के मोहपाश जाल की बिल्कुल नई सच्चाई
महिलाओं ने दावा किया है कि जब बाबा सत्संग करता है, महिलाएं रूपक (अप्सराएं) बनती हैं। बाबा के आस-पास मंडराती रहती हैं। कोई कहता है कि बाबा दूध में नहाता है तो उस दूध की खीर बनती है, जो प्रसाद में खिलाई जाती है। लोग कहते हैं कि हमें उनके कर्म अच्छे नहीं लगे, इसलिए हम उनके पास जाते ही नहीं हैं। बाबा के पड़ोसी गांव में रहने वाले महेन्द्रपाल ने भी बाबा सूरजपाल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाए ।
बताया कि हमने खुद अपनी आंखों से देखा था, उनके पास एक से बढ़कर एक सुंदर महिलाएं आती थीं। कहां से आती थीं और कहां से ऐसी रासलीला होती है? कोई नहीं जानता, बाबा तो उनके बीच कन्हैया बनाकर झूलता रहता था। कुछ लोगों का कहना है कि बाबा के सत्संग में सिर्फ महिलाएं नजर आएंगी। महिलाएं ही सबसे आगे रहती हैं। बाहर से लड़कियां आती हैं, जो बाबा के आस-पास गोपियां बनकर नाचती हैं। महिलाएं सत्संग में बाबा की यही लीला देखने आती हैं।
हाथरस भगदड़ में 121 लोगों ने गंवाई थी जान
बता दें कि गत 2 जुलाई को उत्तर प्रदेश के हाथरस में भोले बाबा का सत्संग था। समारोह में महिलाओं और बच्चों की इतनी भीड़ उमड़ी कि भगदड़ मच गई। एक दूसरे के ऊपर गिरने, पैरों तले कुचले जाने से करीब 121 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। किसी की मौत हड्डी-पसलियां टूटने से हुई तो किसी की जान दम घुटने से गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे की जांच के लिए SIT गठित की। पुलिस ने बाबा के मुख्य सेवादार देव प्रकाश को मुख्य आरोपी बनाया, लेकिन भोले बाबा को नामजद नहीं किया गया, लेकिन फिर भी पुलिस को भोले बाबा की तलाश है, क्योंकि हादसे के बीच भोले बाबा को लेकर ऐसे खुलासे हुए हैं, जिन्होंने बाबा को ढोंगी बाबाओं की कैटेगरी में खड़ा कर दिया।