Uttar Pradesh News: यूपी में दिवाली से पहले सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है. योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य कर्मचारियों के लिए बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता (DA), महंगाई राहत (DR) और बोनस देने की तैयारी कर रही है. वित्त विभाग ने इसको लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है. प्रपोजल लागू होने पर 12 लाख से अधिक कर्मचारी और करीब 6 लाख पेंशनर यानी कुल 18 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा हो सकता है.
लागू हो सकता है 3% DA
सूत्रों के मुताबिक, राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 3 फीसदी की बढ़ोतरी किए जाने की तैयारी है. प्रस्तावित इजाफा जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जा रही है. इसके साथ ही आउटसोर्स्ड कर्मचारियों के लिए दिवाली बोनस का भी ऐलान किया जा सकता है. अलग-अलग कैटेगरी के कर्मचारियों को करीब 3400 रुपये से लेकर 7000 रुपये तक बोनस मिलने की संभावना जताई जा रही है. अगर फैसला होता है, तो दिवाली से पहले कर्मचारियों को एडिशनल फाइनेंशियल बेनेफिट मिल सकता है. हालांकि फाइनल अमाउंट और भुगतान की तारीख सरकार के औपचारिक आदेश के बाद ही क्लियर होगी.
2.70 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को भी राहत
सरकार अलग-अलग डिपार्टमेंट में आउटसोर्स सिस्टम के तहत काम कर रहे करीब 2.70 लाख कर्मचारियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रही है. प्रपोज्ड सिस्टम के तहत सितंबर से संशोधित दर लागू किए जाने की संभावना है. ऐसे में बढ़ा हुआ अक्टूबर का भुगतान नवंबर में मिलने पर सितंबर का एरियर भी शामिल किया जा सकता है.
आउटसोर्स कर्मियों के लिए पहले हो चुके हैं कई ऐलान
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सितंबर में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की शुरुआत की थी. इसी दौरान इससे जुड़े पोर्टल और वेबसाइट भी लॉन्च की गई थी. सरकार के मुताबिक नई व्यवस्था का मकसद आउटसोर्स कर्मचारियों के भुगतान और सामाजिक सुरक्षा को ज्यादा ऑर्गेनाइज्ड बनाना है.
इस व्यवस्था में मानदेय सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजने की बात कही गई है. साथ ही अलग-अलग हालात के लिए बीमा और आर्थिक मदद का प्रावधान भी बताया गया था. दुर्घटना की स्थिति में परिवार को श्रेणी के अनुसार 20 से 40 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिल सकता है. आग की घटना में 10 लाख रुपये और आकस्मिक चिकित्सा के लिए 5 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान बताया गया है.
इसके अलावा इमरजेंसी सिचुएशन में एयर एंबुलेंस, बच्चों की शिक्षा और बेटियों की शादी के लिए भी निर्धारित वित्तीय सहायता की व्यवस्था का ऐलान किया गया था. कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को तत्काल 50 हजार रुपये देने की बात भी कही गई थी. सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था के जरिए आउटसोर्स कर्मचारियों को ज्यादा, सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है.