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उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

राकेश टिकैत की गिरफ्तारी से भड़के किसान, ओडिशा में हुई कार्रवाई के विरोध में UP के खुर्जा थाने का घेराव

ओडिशा में किसान नेता राकेश टिकैत की गिरफ्तारी के विरोध में यूपी के खुर्जा में भारी हंगामा हुआ. भाकियू ने कोतवाली का घेराव कर रिहाई न होने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है.

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Written By: Raja Alam Updated: Mar 31, 2026 08:17

किसान नेता राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही देशभर में किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. ओडिशा में राकेश टिकैत और उनके साथ मौजूद सैकड़ों किसानों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के खुर्जा में बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला. भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष चौधरी अरब सिंह के नेतृत्व में एकजुट होकर खुर्जा नगर कोतवाली का घेराव किया. बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने नारेबाजी करते हुए ओडिशा सरकार के खिलाफ अपना कड़ा आक्रोश जाहिर किया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि किसान हितों की आवाज उठाने वालों को जेल भेजकर सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रही है.

लोकतंत्र पर हमला और तानाशाही का आरोप

भाकियू नेताओं ने राकेश टिकैत पर हुई इस कानूनी कार्रवाई को पूरी तरह से लोकतंत्र के खिलाफ बताया है. किसान नेताओं का मानना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे किसानों को गिरफ्तार करना सीधे तौर पर तानाशाही का परिचय देना है. प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि किसानों की आवाज को सलाखों के पीछे दबाना मुमकिन नहीं है और सरकार का यह कदम आंदोलन को और भी ज्यादा तेज करेगा. भाकियू कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि वे इस तरह की किसी भी दमनकारी नीति को बर्दाश्त नहीं करेंगे. किसानों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी अपनी सतर्कता बढ़ा दी है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे.

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रिहाई तक जारी रहेगा थानों का घेराव

जिला अध्यक्ष चौधरी अरब सिंह ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक राकेश टिकैत और अन्य गिरफ्तार किसानों को सम्मानपूर्वक रिहा नहीं किया जाता तब तक यह विरोध थमेगा नहीं. उन्होंने साफ किया कि अगर रिहाई में देरी हुई तो देशभर के थानों पर इसी तरह के प्रदर्शन और घेराव का सिलसिला शुरू कर दिया जाएगा. किसानों की मांग है कि सरकार तुरंत अपनी गलती सुधारे और हिरासत में लिए गए सभी लोगों को छोड़ दे. खुर्जा में हुए इस प्रदर्शन ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा एक बड़े आंदोलन की शक्ल ले सकता है. किसानों की एकजुटता और बढ़ते दबाव के चलते प्रशासन भी काफी सोच-विचार कर कदम उठा रहा है.

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भारी पुलिस बल तैनात और प्रशासन की सतर्कता

प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए खुर्जा कोतवाली पर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया. किसी भी अप्रिय स्थिति या हंगामे से निपटने के लिए थाने के बाहर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी. वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारी किसानों से बातचीत कर उन्हें शांत करने की कोशिश की. हालांकि किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे और देर तक नारेबाजी का दौर चलता रहा. फिलहाल इलाके में शांति बनी हुई है लेकिन किसानों के तेवर देखकर साफ लग रहा है कि वे पीछे हटने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं. अब सबकी नजरें ओडिशा सरकार और राकेश टिकैत की अगली स्थिति पर टिकी हुई हैं.

First published on: Mar 31, 2026 07:06 AM

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