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LPG के बाद पेट्रोल-डीजल हड़कंप मचाएगा? कच्चे तेल और LNG के दाम बढ़े, ईरान के साथ हूती विद्रोही कैसे बने टेंशन

Middle East War: भारत में अब पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है, क्योंकि अब लाल सागर में तेल की सप्लाई बाधित हो सकती है। हूती विद्रोहियों ने हमले करने का ऐलान किया है। होर्मुज स्ट्रेट पहले से बाधित है और अब अगर बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट बाधित हुई तो हड़कंप मच जाएगा।

Petrol Diesel Crisis May Erupt: दुनिया में LPG के बाद पेट्रोल-डीजल का संकट गहरा सकता है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से हड़कंप मच सकता है। क्योंकि अब वैश्विक स्तर पर कच्चा तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। LNG का रेट भी बढ़ने लगा है और इसकी वजह जंग में ईरान का समर्थन कर रहे हूती विद्रोही हैं, जिनका लाल सागर पर कब्जा है। हूती विद्रोहियों ने ईरान, इराक, लेबनान और फिलिस्तनी के समर्थन में लाल सागर में कच्चे तेल की सप्लाई को बाधित करने का ऐलान किया है।

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कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल

बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट से कच्चे तेल की आवाजाही बाधित होने से कच्चे तेल के दाम बढ़ते जा रहे हैं। 28 फरवरी 2026 को कच्चे तेल का रेट 68 डॉलर था, जो अब 116 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है, यानी कच्चे तेल का दाम 71 प्रतिशत बढ़ चुका है। अब अगर ईरान पर अमेरिका जमीनी हमले करता है तो होर्मुज स्ट्रेट कई दिन बंद रह सकती है। वहीं अगर हूती विद्रोही लाल सागर में हमला करते हैं तो बाब-अल-मंदेब से तेल-गैस की सप्लाई बाधित होगी, जिस वजह से पूरी दुनिया में संकट गहराएगा।

हूती विद्रोहियों का बाब-अल-मंदेब पर कब्जा

बता दें कि लाल सागर पर हूती विद्रोहियों का कब्जा है। हूती विद्रोही यमन की राजधानी सना और उत्तर-पश्चिमी हिस्से सहित लाल सागर की तटरेखा पर तैनात हैं। हूती विद्रोही बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को बाधित कर सकते हैं। यह स्ट्रेट हिंद महासागर और स्वेज नहर को कनेक्ट करती है। अरब देशों से एशिया और यूरोप के बीच तेल-गैस का व्यापार इसी रास्ते से होता है। करीब 15 प्रतिशत वैश्विक व्यापार इस रास्ते से होता है। हूती विद्राहियों ने ईरान पर हमले के बाद यहां कई जहाजों को निशाना बनाया है।

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LNG की सप्लाई भी बुरी तरह प्रभावित हुई

गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, हूती विद्रोहियों के डर से शिपिंग कंपनियों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है। अब तेल और गैस के समुद्री जहाज अफ्रीका के चक्कर लगाकर अपने गंतव्य पर पहुंच रहे हैं। इससे सफर में अब 15 दिन ज्यादा लग रहे हैं। इससे परिवहन की लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है और डिलीवरी भी देरी से हो रही है। स्वेज नहर में यातायात बाधित होने से मिस्र को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। मिडिल ईस्ट से तेल और LNG की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे मुसीबत खड़ी हो सकती है।

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First published on: Mar 31, 2026 06:28 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

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