राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का 9 पेज का एक लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस लेटर में उन्होंने बताया है कि राम मंदिर ट्रस्ट का संचालन कैसे होता है? फैसले कौन लेता है और नियमों का पालन कैसे किया जाता है? उन्होंने लेटर में ट्रस्ट के इंटरनल सिस्टम के बारे में भी बताया. साथ ही दावा किया कि राम मंदिर ट्रस्ट ने कभी इनकम टैक्स की चोरी नहीं की, बल्कि सभी विभागों को टैक्स, GST, TDS, PF, ESI, लेबर सेस और स्टांप ड्यूटी आदि का भुगतान किया गया है.
कितने बैंक अकाउंट और कैसे होता है लेन-देन?
X पर वायरल लेटर के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव और विहिप के अन्तर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने बताया हे कि राम मंदिर ट्रस्ट में लेन-देन का सिस्टम क्या और कैसा है? ट्रस्ट की आंतरिक व्यवस्था किस तरह काम करती है? उन्होंने बताया कि ट्रस्ट सभी सरकारी नियमों का सख्ती से पालन करता है. ट्रस्ट के 3 बैंकों स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा में अकाउंट हैं और तीनों अकाउंट बिना चेकबुक वाले अकाउंट हैं. इसलिए सभी पेमेंट बैंक अकाउंट में ही ऑनलाइन RTGS सिस्टम से ट्रांसफर होती हैं. बैंक में कभी कोई कैश जमा नहीं कराया जाता.
राम मंदिर में दर्शन व्यवस्था किस प्रकार की है?
पूर्व महासचिव चंपत राय ने लेटर में दावा किया है कि इंटरनल ऑडिट दिल्ली की ऑडिट फर्म के द्वारा और स्टेच्युरी ऑडिट दिल्ली की दूसरी फर्म वी शंकर अय्यर के द्वारा किया जाता है. बेहद कम समय में श्रद्धालुओं को पूरी सुविधा के साथ रामलला के दर्शन कराए जाते हैं. हर श्रद्धालु को एग्जिट गेट पर रामलला के प्रसाद का पैकेट मुफ्त दिया जाता है. हर रोज करीब 75000 लोग रामलला के दर्शन करते हैं, लेकिन कभी किसी तरह का हादसा नहीं हुआ है. क्योंकि राम मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए हरसंभव इंतजाम किए गए हैं. राम मंदिर और श्रद्धालुओं की सिक्योरिटी में पुलिस विशेष योगदान देती है.
चंपत राय को लेकर क्या अटकलें लगाई जा रहीं?
चंपत राय ने लेटर में दावा किया है कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन कराने के लिए अलग-अलग 8 लेन बनाई गई हैं. रामलला के दर्शनार्थ बाहर से आने वाले यात्रियों को नि:शुल्क सुविधाएं दी जाती हैं. अगर किसी श्रद्धालु को अनुष्ठान या अन्य धार्मिक कार्यक्रम कराना है तो उन्हें भी ट्रस्ट के द्वारा नि:शुल्क व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है. बता दें कि चंपत राय को बीते दिन ही विशेष जांच समिति (SIT) ने राम मंदिर दान चोरी मामले में क्लीन चिट दी है. उसके बाद चंपत राय के वायरल लेटर ने कई प्रकार की चर्चाओं को जन्म दिया है. सबसे ज्यादा चर्चा उनके दोबारा राम मंदिर ट्रस्ट में शामिल होने की है.