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बहराइच हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई सामने, मौत के पीछे चौंकाने वाले कारण

Uttar Pradesh Crime News: उत्तर प्रदेश के बहराइच में हुई हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार रामगोपाल की उम्र 28 साल बताई गई है। लेकिन पहले दावा किया गया था कि रामगोपाल सिर्फ 22 साल का था। मौत के पीछे चौंकाने वाले कारण बताए गए हैं। इनके बारे में जानते हैं।

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Bahraich Violence: उत्तर प्रदेश के बहराइच में हुई हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा की चौंकाने वाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में कहीं भी रामगोपाल को करंट देने या पैर के नाखून उखाड़ने जैसी बातों का जिक्र नहीं है। सीधे तौर पर बर्बरता की बातों को खारिज किया गया है। शुरुआती रिपोर्ट्स में कुछ और ही दावे किए जा रहे थे। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मृतक 28 साल का था, जबकि बताया गया था कि वह 22 साल का था। उसकी मौत की वजह एंटीमॉर्टम गनशॉट बताया गया है, यानी मौत सदमे या रक्तस्राव की वजह से हुई है। रिपोर्टे में चेहरे, गर्दन और सीने पर मिलीं गोलियों के निशानों को लेकर भी विवरण दिया गया है।

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रिपोर्ट के मुताबिक मृतक की बॉडी पर तीन जगह बड़ी चोट के निशान मिले हैं। ये निशान गोली के नहीं हैं। माथे और दाएं पैर के अंगूठे पर चोटें लगी मिली हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतक की उंगलियों पर जो गहरा निशान मिला है, वह जलने की वजह से बना है। सोशल मीडिया में जो तस्वीरें वायरल हुई थीं, उनमें पैरों के ऊपर काले निशान होने की बात चली थी।

यहीं से करंट लगाकर मौत होने की थ्योरी पैदा हुई। लेकिन ये चोटें किस वजह से लगीं, रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। नाखून उखाड़े जाने को लेकर भी कोई उल्लेख नहीं दिया गया है। शरीर पर 8 गंभीर चोटों का उल्लेख है। बॉडी पर 40 जगह छर्रे लगे बताए गए हैं। छाती से गर्दन तक 29 निशान मिले हैं। वहीं, दाएं हाथ 3 और बाएं हाथ पर 3 जगह छर्रों के निशान मिले हैं। चेहरे पर 6 निशान मिले हैं।

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गोली लगने से मौत-पुलिस

गर्दन के पीछे 2 निशान मिले हैं। बताया जा रहा है कि दोनों जगह छर्रे आर-पार निकल गए। इससे पहले दावा किया गया था कि रामगोपाल की हत्या बर्बरता पूर्वक की गई है। उसे करंट लगाया गया, नाखून उखाड़े गए। पुलिस ने भी अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रताड़ना को लेकर अफवाह फैल रही है। यह गलत है। मृतक की मौत गोली लगने से हुई है। बहराइच के थाना हरदी क्षेत्र के रेहुआ मंसूर गांव निवासी रामगोपाल मिश्रा की हिंसा में मौत हो गई थी। रामगोपाल रविवार शाम करीब 6 बजे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस में शामिल था। महराजगंज बाजार में समुदाय विशेष के मोहल्ले से गुजरते समय पत्थरबाजी हुई थी। जिसके कारण भगदड़ मच गई।

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First published on: Oct 17, 2024 04:07 PM

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