नवविवाहिता को देहव्यापार के लिए करता था मजबूर, कोर्ट ने मामले में दिया बड़ा आदेश

Illicit Relationship: यूपी के अलीगढ़ में एक पति ने जबरन अपनी पत्नी को वेश्यावृति के काम में धकेलने की कोशिश की। मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया।

Allahabad High Court Decision

Allahabad High Court

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Allahabad High Court Decision: यूपी में पत्नी की गरिमा ठेस पहुंचाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति को जमानत देने से इनकार कर दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने अलीगढ़ के युवक को जमानत देने से इनकार कर दिया है। जिस पर पत्नी को उसके दोस्तों के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करने का आरोप है। आरोप है कि उसने पत्नी को वेश्यावृत्ति में धकेलने की कोशिश की। वहीं हाईकोर्ट ने इस मामले में कहा कि पति के खिलाफ आरोप दुर्लभ है।

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय कुमार सिंह ने पति को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा यह साधारण मामला नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा ये आरोप पीड़िता के सर्वोच्च सम्मान पर गंभीर आघात है। यह पीड़िता को अपमानित करने और उसके आत्मसम्मान और गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसा है।

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यह है पूरा मामला

न्यायाधीश संजय कुमार सिंह ने कहा एक बलात्कारी न केवल शारीरिक चोट पहुंचाता है, बल्कि महिलाओं की गरिमा, सम्मान और प्रतिष्ठा पर दाग छोड़ जाता है। ऐसे में आरोपी को राहत नहीं दी जा सकती है। बता दें कि पीड़िता की मां ने 17 जून 2024 को अपने दामाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। इसमें आरोप था कि दंपत्ति की शादी फरवरी 2024 में हुई थी। शादी के बाद पता चला कि उनके दामाद अवैध गतिविधियों में लिप्त थे।

जबरन संबंध बनाने को मजबूर किया

पीड़िता की मां ने बताया कि काफी खोजबीन के बाद शिकायकर्ता को उसकी बेटी मिल गई। इस दौरान पीड़िता ने बताया कि उसके पति ने उसे जबरन अन्य लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया था। इसके बाद मामले में पुलिस ने अगस्त 2024 में अरेस्ट कर लिया। इसके बाद आरोपी ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

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