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राजस्थान के 6 विधायकों का निलंबन वापस, नेता प्रतिपक्ष की माफी के बाद स्पीकर का फैसला

Rajasthan Assembly : राजस्थान विधानसभा में राजनीतिक गतिरोध समाप्त हो गया है और अब सदन की कार्यवाही आगे बढ़ेगी। नेता प्रतिपक्ष की माफी के बाद स्पीकर ने 6 विधायकों का निलंबन आदेश वापस ले लिया।

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Rajasthan Assembly : राजस्थान विधानसभा में पिछले 5 दिनों से चल रहा राजनीतिक गतिरोध खत्म हो गया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा आसान तक जाने और आचरण को लेकर सदन से माफी मांग ली। इसके बाद विधानसभा के स्पीकर ने कांग्रेस विधायकों का निलंबन आदेश वापस ले लिया।

राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए सत्तारूढ़ पार्टी के मंत्रियों और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत कांग्रेसी विधायकों के बीच बातचीत हुई। इसके बाद टीकाराम जूली ने सदन से माफी मांग ली। इस पर राज्य सरकार की ओर से मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने निलंबन के प्रस्ताव को वापस लेने का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।

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इन विधायकों को निलंबन हुआ वापस

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की माफी के बाद स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कांग्रेस विधायकों के निलंबन का आदेश वापस लिया। आपको बता दें कि गोविंद सिंह डोटासरा, रामकेश मीणा, हाकम अली खान, अमीन कागजी, जाकिर हुसैन गैसावत और संजय कुमार पूरे सत्र के लिए निलंबित किए गए थे।

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सदन के गतिरोध पर क्या बोले सीएम?

राजस्थान विधानसभा में बने राजनीतिक गतिरोध को तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सदन में कहा कि सभी सदस्यों को अपने आचरण और शब्दों को सही तरीके से बोलना चाहिए। उन्होंने विधानसभा स्पीकर से इंदिरा गांधी के लिए अपनी सरकार के कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत के बयान को सदन की कार्यवाही से बाहर निकालने का अनुरोध किया।

नेता प्रतिपक्ष ने सदन में मांगी माफी

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सदन में कहा कि सदन में पहले भी गतिरोध रहे हैं, लेकिन बातचीत करके उन सभी गतिरोधों को समाप्त किया जाता। वे गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा आसान की ओर जाने और उनके द्वारा की गई टिप्पणी के लिए माफी मांगते हैं। वे लोग अच्छी परंपरा बनाने के लिए आते हैं। स्पीकर का आसान सर्वोपरि है। उन्होंने हमेशा आसन का सम्मान किया है। सर्वदलीय बैठक में उन्होंने स्पीकर से कहा था कि अगर कोई गतिरोध हो तो अपने चैंबर पर बुलाकर बता दीजिएगा, क्योंकि वे सदन चलाना चाहते हैं।

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First published on: Feb 27, 2025 06:33 PM

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