Mahangai Rahat Camp: वर्तमान दौर में मध्यम एवं कमजोर तबके के लोगों के लिए महंगाई सबसे गंभीर समस्या है। आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपया होने से लोगों के लिए जीवनयापन करना कठिन होता है। आम आदमी की इसी परेशानी को समझते हुए राज्य सरकार बजट में इस तरह की कई योजनाएं लेकर आई जिनसे उनकी जेब पर पड़ रहे बोझ को कम किया जा सके।
इसी सोच के दृष्टिगत प्रदेश भर में 24 अप्रेल से महंगाई राहत कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इन कैंपों में रजिस्ट्रेशन के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को 10 योजनाओं के लाभ की गारंटी मिल रही है।
भरत के परिवार को मिली खुशियों की गारंटी
डूंगरपुर जिले के साबला उपखण्ड की ग्राम पंचायत माल में आयोजित महंगाई राहत कैंप में लाभार्थी भरत ने कहा कि उनके परिवार को राज्य सरकार की 7 योजनाओं निशुल्क अन्नपूर्णा फूड पैकेट, ग्रामीण रोजगार गारंटी, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, निशुल्क बिजली, चिरंजीवी दुर्घटना बीमा, चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा एवं गैस सिलेण्डर योजना का लाभ मिला।
सभी योजनाओं के लिए एक ही शिविर में आसानी से रजिस्ट्रेशन हो गया। भरत के चेहरे पर सुरक्षित भविष्य और सुखद वर्तमान की रौनक देखते ही बनती थी।
रेहड़ी लगा रहे परिवार को मिला 5 योजनाओं का लाभ
श्रीगंगानगर जिले की शीला देवी ने अनूपगढ़ नगरपालिका में आयोजित कैंप में पहुंचकर अपना रजिस्ट्रेशन करवाया। रेहड़ी लगाकर गुजर-बसर करने वाले परिवार की शीला देवी ने गैस सिलेंडर योजना, मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना, मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना, मुख्यमंत्री निशुल्क अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना, मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना तथा इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारन्टी योजना के गारंटी कार्ड प्राप्त किये और अभिभूत मन से राज्य सरकार का धन्यवाद व्यक्त किया। शीला देवी ने कहा कि कुछ ही देर में इतनी योजनाओं का लाभ मिलना उसके परिवार के लिये सुखद है।
कैंप में ही हुआ बायोमीट्रिक सत्यापन
पाली जिले की देसूरी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत मदा में कैंप के दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में कुछ ग्रामीणों का पंजीयन नहीं हो पाने की समस्या सामने आई। गांव के कई बुजुर्गों के अंगूठे का निशान नहीं आने से बायोमीट्रिक सत्यापन के अभाव में उनकी पेंशन बंद हो गई थी।
एमआरसी पोर्टल पर भी उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा था। इस पर उपखंड अधिकारी ने ई-मित्र आधार केंद्र संचालक को आइरिस स्कैनर के साथ शिविर में बुलवाया तथा मौके पर ही 10 बुजुर्गों की आंखों का रेटिना स्कैन कर बायोमीट्रिक सत्यापन किया गया। इससे अब उन्हें दोबारा पेंशन मिल सकेगी। तत्काल राहत मिलने पर सभी बुजुर्ग पेंशनर्स ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कशीदाकार कमलेश की जिन्दगी में राहत के रंग
टोंक के वार्ड नम्बर 5 निवासी कमलेश कुमार सैनी का सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, गैस सिलेंडर योजना, निशुल्क अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना, मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना, मुख्यमंत्री कामधेनु पशु बीमा योजना, मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना तथा मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना में रजिस्ट्रेशन हुआ है।
उन्होंने कहा, मेरा परिवार खेती-बाड़ी करता है तथा मैं कशीदाकारी का काम करता हूं। परिवार की नियमित आमदनी का कोई स्रोत नहीं है। ऐसे में सरकार की इन जनकल्याणकारी योजनाओं से मेरे परिवार को महंगाई से राहत मिलेगी।
संबंधित खबरें
CJP के धरने में दिखा भगोड़ा रामचंद्र नोएडा से गिरफ्तार, रेंज रोवर डिफेंडर दिलाने के नाम पर ठगे थे 17 लाख
4 hrs agoKal Ka Mausam: भारत के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम; जानिए IMD ने क्या कहा
1 day agoसुल्तानपुर चुनाव विवाद में चेतन पटेल समेत 28 पर FIR, टीकाराम जूली ने BJP सरकार पर साधा निशाना
5 days agoपार्षद जीते 10, चेयरमैन पद पर वोट मिले जीरो… राजस्थान की एक नगरपालिका में BJP की अजीब हार
9 days agoराजस्थान निकायों में BJP का 197 पदों पर कब्जा, कांग्रेस से दोगुने अंतर से दर्ज की प्रचंड जीत
9 days agoराजस्थान में इस सप्ताह मौसम रहेगा सूखा, हो सकती है मानसून की विदाई
10 days agoमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में नगर निकाय चुनाव में भाजपा का दमदार प्रदर्शन
11 days agoKal ka Mausam: यूपी-बिहार समेत 14 राज्यों में बारिश का अलर्ट, IMD ने दिया अपडेट
12 days agoराजस्थान में बदला मौसम, दो दर्जन जिलों में मूसलाधार बारिश; जानिए- अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम
13 days agoKal ka Mausam: 16 घंटे में 21 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट, IMD ने दिया मौसम का अपडेट
13 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines