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महाराष्ट्र में फिर बड़ा ‘खेला’? MVA की बैठक से 23 MLAs गायब; उद्धव गुट के बाद अब किसकी बारी?

24 जून को हुई एमवीए की एक बेहद अहम बैठक से गठबंधन के कुल 23 विधायक और दिग्गज नेता नदारद रहे. इस गैरमौजूदगी ने गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक न होने की खबरों को हवा दे दी है.

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महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बड़े सियासी भूचाल के संकेत मिल रहे हैं. उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के 6 लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने के ठीक बाद, अब महा विकास अघाड़ी (MVA) के भीतर एक नए संकट की आहट सुनाई दे रही है. 24 जून को हुई एमवीए की एक बेहद अहम बैठक से गठबंधन के कुल 23 विधायक और दिग्गज नेता नदारद रहे. इस गैरमौजूदगी ने गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक न होने की खबरों को हवा दे दी है.

बैठक से गायब रहे कई बड़े चेहरे

इस हाई-प्रोफाइल बैठक से गायब रहने वाले नेताओं में शरद पवार गुट (NCP-SP) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल, विधायक रोहित पवार, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले और विजय वडेट्टीवार जैसे बड़े नाम शामिल हैं. नेताओं की इस सामूहिक अनुपस्थिति पर शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बैठक के दौरान ही गहरी नाराजगी व्यक्त की. एकजुटता पर सवाल उठाते हुए उद्धव ने दो टूक कहा, ‘एकता सिर्फ बयानों में नहीं दिखनी चाहिए, वह जमीन पर भी नजर आनी चाहिए.’

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नेताओं ने दी सफाई

हालांकि, अघाड़ी के नेताओं ने किसी भी तरह की बगावत या नाराजगी की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है. वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने स्पष्ट किया कि बैठक अचानक 23 जून से बदलकर 24 जून को रख दी गई थी, जिसके कारण पहले से तय उनके व्यक्तिगत और चुनावी क्षेत्र के कार्यक्रमों में टकराव हो गया. अन्य विधायकों ने भी स्वास्थ्य या अपने निर्वाचन क्षेत्रों में व्यस्तताओं को अपनी अनुपस्थिति की वजह बताया.

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क्या बोले शरद पवार?

इस बीच, अजीत पवार गुट के विधायक धर्मराव अत्राम के एक दावे ने राजनीतिक सरगर्मी को और बढ़ा दिया है. अत्राम ने दावा किया कि शरद पवार की पार्टी के 8 लोकसभा सांसदों में से 5 सांसद दिसंबर तक महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी में शामिल होने के लिए तैयार हैं.

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इस दावे पर पलटवार करते हुए प्रमुख शरद पवार ने कहा, ‘हमारा एक भी सांसद या विधायक नहीं टूटेगा.’ वहीं पार्टी की बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने तंज कसते हुए कहा, ‘हमारे सभी 8 सांसद पूरी तरह एकजुट हैं. अगर अत्राम के पास 5 सांसदों की सूची है, तो उन्हें नाम उजागर करने चाहिए. वे मुझे क्यों छोड़ रहे हैं? वे मुझे अपने पाले में क्यों नहीं ला रहे हैं?’

क्यों बढ़ी है शरद पवार वाली एनसीपी की धड़कनें?

सियासी जानकारों का मानना है कि शरद पवार गुट को लेकर चल रही अटकलें यूं ही नहीं हैं. वर्तमान में शरद पवार की पार्टी के पास 8 सांसद और 10 विधायक हैं. दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए किसी भी बागी गुट को दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है.

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, NDA को संसद में समान नागरिक संहिता और परिसीमन विधेयक जैसे बड़े संवैधानिक सुधारों को पारित करने के लिए संरचनात्मक दो-तिहाई बहुमत की जरूरत है. ऐसे में शरद पवार का गुट इस समय पोचिंग का एक प्रमुख टारगेट बना हुआ है.

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First published on: Jun 26, 2026 04:06 PM

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