12 घंटे काम, GPS ट्रैकिंग, लाइसेंस… Ola-Uber और Rapido में 1 सितंबर से होने जा रहे ये बड़े बदलाव

Ola-Uber और Rapido समेत ऐप बेस्ड कैब और ऑटो सेवाओं के लिए 1 सितंबर से नए नियम लागू होने जा रहे हैं. एग्रीगेटर कंपनियों के लाइसेंस से लेकर ड्राइवर के दस्तावेज, 12 घंटे की ड्राइविंग लिमिट और GPS ट्रैकिंग तक कई नियम बदले हैं.

Ola Uber rapido taxi New Rules

Ola Uber और Rapido पर कसेगा शिकंजा, 1 सितंबर से लागू होंगे नए नियम. (AI Generated Image)

विज्ञापन

महाराष्ट्र में ओला-उबर, रैपिडो समेत ऐप के जरिए यात्री सेवा देने वाले वाहनों के लिए अब नियम और सख्त होने जा रहे हैं. परिवहन विभाग ने ऐप बेस्ड यात्री सेवाओं के लिए नए नियम तैयार किए हैं. इसके तहत एग्रीगेटर कंपनियों से लेकर ड्राइवर्स और वाहनों तक के लिए कई नियम तय किए गए हैं. नई व्यवस्था 1 सितंबर से लागू होगी. इसके बाद ऐप आधारित यात्री सेवा देने वाली कंपनियों को परिवहन प्राधिकरण से लाइसेंस लेना जरूरी होगा.

 एग्रीगेटर कंपनियों के लिए लाइसेंस जरूरी

नए नियमों के तरह ऐप आधारित यात्री सेवा देने वाली एग्रीगेटर कंपनियों को परिवहन प्राधिकरण से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा. यानी ओला, उबर, रैपिडो समेत इस तरह की सेवाएं देने वाली कंपनियों को नियमों के तहत काम करना होगा. नई व्यवस्था का उद्देश्य ऐप आधारित यात्री सेवाओं को परिवहन विभाग की निगरानी के दायरे में लाना है.

विज्ञापन

ड्राइवरों के पास ये दस्तावेज जरूरी

इस ऐप ड्राइवर्स के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और बैच होना जरूरी होगा. इसके साथ ही उन्हें व्यावहारिक मराठी भाषा का ज्ञान भी होना चाहिए. महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक का कहना है कि किसी ड्राइवर को महाराष्ट्र में गाड़ी चलाने के लिए मराठी आना अनिवार्य है. इसके लिए लाइसेंस देते समय उनका मराठी भाषा का टेस्ट होगा. इसकी जांच और इस संबंध में कार्रवाई का अधिकार RTO अधिकारियों के पास होगा.

वहीं बैच के लिए आवेदन करते समय ड्राइवर को मुंबई या जिस शहर में वह सेवा देना चाहता है, वहां का 15 साल का निवास प्रमाण पत्र देना होगा. इसके अलावा पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट भी जरूरी होगी.

12 घंटे से ज्यादा नहीं चला सकेंगे वाहन

नई व्यवस्थ में ड्राइवर्स के काम के घंटो को लेकर भी नियम तय किया गया है. इसके चलते ड्राइवर लगातार 12 घंटे से ज्यादा वाहन नहीं चला सकेंगे. वहीं ड्राइवर्स को कुल किराे की कम से कम 80  प्रतिशत राशि देने का प्रावधान किया गया है. इससे ड्राइवरों के काम के घंटे और उनकी कमाई दोनों को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनाने की कोशिश की गई है.

विज्ञापन

GPS से होगी वाहनों की निगरानी

ऐप बेस्ड टैक्सी सर्विस की गाड़ियों की GPS ट्रैकिंग की जाएगी. इसके साथ ड्राइवर्स का वेरिफिकेश और वाहनों की ऑनलाइन निगरानी भी परिवहन विभाग की और से की जाएगी.यानी इन वाहनों की आवाजाही और ड्राइवर से जुड़ी जानकारी पर नजर रखी जा सकेगी. इससे यात्रियों की सुरक्षा और सेवा की निगरानी को मजबूत करने की कोशिश होगी.

विज्ञापन

तीन भाषाओं में देना होगा ऐप का ऑप्शन

नए नियम के मुताबिक एग्रीगेटर कंपनियों के ऐप और वेबसाइट पर तीन भाषाओं में सुविधा उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा. इनमें मराठई, हिंदी और अंग्रेजी शामिल हैं.यानी यात्रियों और ड्राइवरों को ऐप या वेबसाइट इस्तेमाल करते समय इन तीनों भाषाओं में सुविधा मिलनी जरूरी होगी.

फर्जी दस्तावेज पर होगी कार्रवाई

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाइसेंंस हासिल करने वाले ड्राइवर्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. ऐसे ड्राइवर्स का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी. टैक्सी और ऑटो रिक्शा के बाद अब परिवहन विभाग ने ओला, उबर, रैपिडो समेत सभी ऐप आधारित यात्री वाहनों के लिए नियम कड़े करने की तैयारी कर ली है. नई नियमावली 1 सितंबर से लागू होगी.

विज्ञापन

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ