महाराष्ट्र के प्रमुख राजनीतिक दल शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर शिवसेना UBT के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भावुक हो गए और उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर दी। साथ ही उन्होंने एकनाथ शिंदे गुट, BJP और दल बदलने वाले नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं, लेकिन पहले मुझ पर लगे आरोप साबित करने होंगे। अगर पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और अधिकारियों को लगता है कि वे इस पद के लायक नहीं हैं तो वे पद छोड़ देंगे और विचलित भी नहीं होंगे।
पार्टी कार्यकर्ताओं से पूछा उनका फैसला
उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को लगता है कि उद्धव ठाकरे शिवसेना प्रमुख के पद पर रहने लायकर नहीं हैं तो वह पद छोड़ देंगे। जो आपको योग्य लगता है, उसे अध्यक्ष बना दूंगा। जिस दिन आप अपना फैसला सुना देंगे, उसी दिन पद छोड़ दूंगा। लेकिन तब तक मैं संघर्ष करुंगा। चाहे कितनी मुसीबतें और बाधाएं आएं, मैं पीछे नहीं हटूंगा और न ही हार मानूंगा। आप लोग जानते हैं कि मैं किस तरह का इंसान हूं। अगर मुझ पर कोई उंगली उठाएगा है और सवाल उठाएगा तो मैं एक पल भी पद पर नहीं रहूंगा।
शिवसैनिक को प्रमुख पद सौंपने का आग्रह
उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का पद भी ऐसे ही आरोपों की वजह से छोड़ा था। अगर मुझे अपने लिए कुछ चाहिए होता तो मैं आज विधानसभा में बैठा होता। 12 साल तक पार्टी का नेतृत्व किया है और अब अगर मुझे कमी महसूस हो रही है, मुझ पर लगे आरोप सही लग रहे हैं तो बताइए, मैं अभी पद छोड़ दूंगा। कोई शिवसैनिक पार्टी प्रमुख बनना चाहता है तो उसे प्रमुख बना दूंगा, लेकिन शिवसेना को चोरों और लुटेरों के हाथों में नहीं जाने दूंगा। असहाय, गद्दार और भ्रष्ट लोग मुझ पर आरोप लगाते हैं तो आपको उन्हें जवाब देना होगा।
विरोधियों को भी अपने इरादे स्पष्ट कर दिए
उद्धव ठाकरे ने कहा कि आरोपों से न मैं विचलित हुआ हूं और न ही मेरा हौसला टूटा है। कई भी संकट आ जाए, चाहते जितने मर्जी तूफान आ जाएं, मैं टूटने वाला नहीं, भागने वालों में से नहीं और न हार हार मानूंगा। शिवसेना और शिवसैनिकों की रक्षा के लिए पहाड़ बनकर खड़ा रहूंग। जिम्मेदारी स्वीकार है, लेकिन तब तक जब तक आप लोगों को मुझ पर भरोसा है, तब तक पद नहीं छोड़ूंगा। प्रदेश के मतदाता मेरे साथ खड़े हैं, जिन्होंने मोदी लहर के मेरा साथ दिया। 9 सांसदों को चुनकर दिया, लेकिन वे 6 सांसद बागी बन गए, इसके लिए BJP जिम्मेदार है।
महाराष्ट्र के प्रमुख राजनीतिक दल शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर शिवसेना UBT के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भावुक हो गए और उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर दी। साथ ही उन्होंने एकनाथ शिंदे गुट, BJP और दल बदलने वाले नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं, लेकिन पहले मुझ पर लगे आरोप साबित करने होंगे। अगर पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और अधिकारियों को लगता है कि वे इस पद के लायक नहीं हैं तो वे पद छोड़ देंगे और विचलित भी नहीं होंगे।
पार्टी कार्यकर्ताओं से पूछा उनका फैसला
उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को लगता है कि उद्धव ठाकरे शिवसेना प्रमुख के पद पर रहने लायकर नहीं हैं तो वह पद छोड़ देंगे। जो आपको योग्य लगता है, उसे अध्यक्ष बना दूंगा। जिस दिन आप अपना फैसला सुना देंगे, उसी दिन पद छोड़ दूंगा। लेकिन तब तक मैं संघर्ष करुंगा। चाहे कितनी मुसीबतें और बाधाएं आएं, मैं पीछे नहीं हटूंगा और न ही हार मानूंगा। आप लोग जानते हैं कि मैं किस तरह का इंसान हूं। अगर मुझ पर कोई उंगली उठाएगा है और सवाल उठाएगा तो मैं एक पल भी पद पर नहीं रहूंगा।
शिवसैनिक को प्रमुख पद सौंपने का आग्रह
उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का पद भी ऐसे ही आरोपों की वजह से छोड़ा था। अगर मुझे अपने लिए कुछ चाहिए होता तो मैं आज विधानसभा में बैठा होता। 12 साल तक पार्टी का नेतृत्व किया है और अब अगर मुझे कमी महसूस हो रही है, मुझ पर लगे आरोप सही लग रहे हैं तो बताइए, मैं अभी पद छोड़ दूंगा। कोई शिवसैनिक पार्टी प्रमुख बनना चाहता है तो उसे प्रमुख बना दूंगा, लेकिन शिवसेना को चोरों और लुटेरों के हाथों में नहीं जाने दूंगा। असहाय, गद्दार और भ्रष्ट लोग मुझ पर आरोप लगाते हैं तो आपको उन्हें जवाब देना होगा।
विरोधियों को भी अपने इरादे स्पष्ट कर दिए
उद्धव ठाकरे ने कहा कि आरोपों से न मैं विचलित हुआ हूं और न ही मेरा हौसला टूटा है। कई भी संकट आ जाए, चाहते जितने मर्जी तूफान आ जाएं, मैं टूटने वाला नहीं, भागने वालों में से नहीं और न हार हार मानूंगा। शिवसेना और शिवसैनिकों की रक्षा के लिए पहाड़ बनकर खड़ा रहूंग। जिम्मेदारी स्वीकार है, लेकिन तब तक जब तक आप लोगों को मुझ पर भरोसा है, तब तक पद नहीं छोड़ूंगा। प्रदेश के मतदाता मेरे साथ खड़े हैं, जिन्होंने मोदी लहर के मेरा साथ दिया। 9 सांसदों को चुनकर दिया, लेकिन वे 6 सांसद बागी बन गए, इसके लिए BJP जिम्मेदार है।