बॉम्बे हाई कोर्ट क्लर्क भर्ती के लिए आयोजित टाइपिंग टेस्ट में कथित अनियमितताओं और तकनीकी खामियों का एक बड़ा मामला सामने आया है. परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर हार्डवेयर की खराबी के चलते कई छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस पूरे मामले को लेकर व्यवस्था और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. अभिजीत दिपके ने बताया कि परीक्षा देकर निकले छात्रों ने उनसे संपर्क कर केंद्रों पर हुई दिक्कतों की जानकारी दी.
छात्रों का कहना है कि जैसे ही वे सुबह टाइपिंग टेस्ट देने बैठे, कई कंप्यूटरों के माउस काम नहीं कर रहे थे और कीबोर्ड भी खराब थे. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि परीक्षा शुरू होने के महज 10 मिनट के भीतर अधिकांश छात्र सिस्टम से अपने आप लॉग आउट हो गए. इसके बाद इन सभी अभ्यर्थियों को फेल घोषित कर दिया गया.
दिपके ने इस घटनाक्रम को व्यवस्था और सरकार की नाकामी करार दिया. उन्होंने कहा कि प्रशासन ऑनलाइन परीक्षाएं ठीक ढंग से आयोजित कराने में पूरी तरह असमर्थ साबित हो रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब पीड़ित छात्रों ने परीक्षा केंद्र के अंदर मौजूद अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई, तो समाधान निकालने के बजाय उल्टा छात्रों को ही यह कहकर टाल दिया गया कि उनमें ठीक से परीक्षा देने की समझ नहीं है.
सीजेपी संस्थापक ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जिम्मेदारों में इतनी ही समझ थी, तो उन्हें परीक्षा शुरू होने से पहले बेहतर कंप्यूटर, सही कीबोर्ड और सुचारू सर्वर सुनिश्चित करना चाहिए था.
उन्होंने ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली के बुनियादी ढांचे पर चिंता जताते हुए कहा कि देश और महाराष्ट्र में सर्वर क्रैश होना या कीबोर्ड-माउस का काम न करना आम बात हो गई है और यह लगभग हर परीक्षा में देखने को मिलता है. दिपके ने कड़ा सवाल पूछते हुए कहा कि जब प्रशासन के पास जरूरी बुनियादी ढांचा नहीं है और वह परीक्षाएं ठीक से नहीं करा सकता, तो ऐसी ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित करने का क्या औचित्य है.