पश्चिम बंगाल की तरह महाराष्ट्र में उद्धव ठाकर के नेतृत्व वाली शिवसेना UBT में बगावत चल रही है। क्योंकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 'ऑपरेशन टाइगर' चलाकर शिवसेना UBT के सांसदों को NDA गठबंधन में शामिल करने का प्रयास किया है। वहीं उद्धव ठाकरे ने अपने 2 सांसदों के द्वारा एकनाथ शिंदे के लोकसभा स्पीकर को दिए गए लेटर पर साइन न करने का दावा किया है। एकनाथ शिंदे गुट ऑपरेशन टाइगर सफल होने और उद्धव ठाकरे गुट ऑपरेशन टाइगर फेल होने का दावा कर रहा है। लेकिन आज सुबह महाराष्ट्र के सियासी गलियारों से चौंकान देने वाली खबर सामने आई है।
संसदीय दल की बैठक में नहीं आए 6 सांसद
शिवसेना (UBT) में बगावत की अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे ने आज थ्री-लाइन व्हिप अपने सांसदों की इमरजेंसी बैठक बुलाई, जिसमें 9 में से 3 सांसद अनिल देसाई, अरविंद सावंत, राजाभाऊ वाजे ही पहुंचे। बाकी 6 सांसद ओमप्रकाश राजे निंबालकर (धाराशिव लोकसभा सीट), संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर पूर्व लोकसभा सीट),संजय जाधव (परभणी लोकसभा सीट), संजय देशमुख (यवतमाल-वाशिम लोकसभा सीट), नागेश पाटिल आष्टीकर (हिंगोली लोकसभा सीट), भाऊसाहेब वाकचौरे (शिर्डी लोकसभा सीट) नहीं पहुंचे। चर्चा है कि इन सांसदों ने NDA को समर्थन दे दिया है।
संजय राउत ने दिए हैं एक्शन लेने के संकेत
संजय राउत ने संसदीय दल की मीटिंग में संसद पहुंचने के बाद मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि जो मीटिंग में आए हैं, वो हमारे हैं और जो नहीं आए, वो बेईमान और गद्दार हैं। बैठक में 6 सांसदों की गैरमौजूदगी के बारे में उद्धव ठाकरे को फोन पर जानकारी दी गई। अनुपस्थित सांसदों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए, इस पर चर्चा शुरू हो गई है। पार्टी नेतृत्व अब अगले कदम और संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार कर रहा है। एकनाथ शिंदे के गुट वाली शिवसेनाके ऑपरेशन टाइगर पर पलटवार किया जाएगा। अब शिवसेना UBT ‘ऑपरेशन वुल्फ’ चलाकर मुंहतोड़ जवाब देगी।
संजय राउत ऑपरेशन वुल्फ पर क्या बोले?
संजय राउत ने ऑपरेशन वुल्फ में बाघ के मेटाफर को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि अगर किसी टाइगर की सर्जरी करनी हो तो कैसे करेंगे? होश में रहते तो बाघ हाथ लगाने देगा नहीं तो बाघ को बेहोश करके सर्जरी करनी पड़ेगी। उसे दूर से ही मारकर इंजेक्शन लगाना पड़ता है। जब वह बेहोश हो जाता है तो उसके पैर बांधकर सर्जरी की जाती है। यह हमारे यहां पर संभव नहीं है। हमारा बाघ बूढ़ा नहीं हुआ है, बल्कि वह जंगल में खुला घूम रहा है। बता दें कि संजय राउत ने शिवसेना UBT में आंतरिक कलह, उद्धव ठाकरे से सांसदों की नाराजगी और सांसदों की बगावत की अटकलों के बीच यह बयान दिया।
क्या है शिवसेना शिंदे का ऑपरेशन टाइगर?
बता दें कि शिवसेना UBT ने दावा किया है कि ऑपरेशन टाइगर चलाकर शिवसेना शिंदे ने उनके 6 सांसद अपने पक्ष में कर लिए। सूत्रों का दावा है कि शिवसेना UBT के बागी 6 सांसदों का साइन किया हुआ लेटर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंपा गया है। इन सांसदों ने बीते दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अनौपचारिक रूप से मुलाकात की और लोकसभा में शिवसेना UBT के 9 सांसदों में से 6 का समर्थन प्राप्त है। अब बागी सांसदों लोकसभा स्पीकर के साथ जल्द ही एक औपचारिक मीटिंग कर सकते हैं। वे अलग गुट के तौर पर मान्यता और एकनाथ शिंदे की शिवसेना में विलय की मांग कर सकते हैं।
पश्चिम बंगाल की तरह महाराष्ट्र में उद्धव ठाकर के नेतृत्व वाली शिवसेना UBT में बगावत चल रही है। क्योंकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ चलाकर शिवसेना UBT के सांसदों को NDA गठबंधन में शामिल करने का प्रयास किया है। वहीं उद्धव ठाकरे ने अपने 2 सांसदों के द्वारा एकनाथ शिंदे के लोकसभा स्पीकर को दिए गए लेटर पर साइन न करने का दावा किया है। एकनाथ शिंदे गुट ऑपरेशन टाइगर सफल होने और उद्धव ठाकरे गुट ऑपरेशन टाइगर फेल होने का दावा कर रहा है। लेकिन आज सुबह महाराष्ट्र के सियासी गलियारों से चौंकान देने वाली खबर सामने आई है।
संसदीय दल की बैठक में नहीं आए 6 सांसद
शिवसेना (UBT) में बगावत की अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे ने आज थ्री-लाइन व्हिप अपने सांसदों की इमरजेंसी बैठक बुलाई, जिसमें 9 में से 3 सांसद अनिल देसाई, अरविंद सावंत, राजाभाऊ वाजे ही पहुंचे। बाकी 6 सांसद ओमप्रकाश राजे निंबालकर (धाराशिव लोकसभा सीट), संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर पूर्व लोकसभा सीट),संजय जाधव (परभणी लोकसभा सीट), संजय देशमुख (यवतमाल-वाशिम लोकसभा सीट), नागेश पाटिल आष्टीकर (हिंगोली लोकसभा सीट), भाऊसाहेब वाकचौरे (शिर्डी लोकसभा सीट) नहीं पहुंचे। चर्चा है कि इन सांसदों ने NDA को समर्थन दे दिया है।
संजय राउत ने दिए हैं एक्शन लेने के संकेत
संजय राउत ने संसदीय दल की मीटिंग में संसद पहुंचने के बाद मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि जो मीटिंग में आए हैं, वो हमारे हैं और जो नहीं आए, वो बेईमान और गद्दार हैं। बैठक में 6 सांसदों की गैरमौजूदगी के बारे में उद्धव ठाकरे को फोन पर जानकारी दी गई। अनुपस्थित सांसदों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए, इस पर चर्चा शुरू हो गई है। पार्टी नेतृत्व अब अगले कदम और संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार कर रहा है। एकनाथ शिंदे के गुट वाली शिवसेनाके ऑपरेशन टाइगर पर पलटवार किया जाएगा। अब शिवसेना UBT ‘ऑपरेशन वुल्फ’ चलाकर मुंहतोड़ जवाब देगी।
संजय राउत ऑपरेशन वुल्फ पर क्या बोले?
संजय राउत ने ऑपरेशन वुल्फ में बाघ के मेटाफर को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि अगर किसी टाइगर की सर्जरी करनी हो तो कैसे करेंगे? होश में रहते तो बाघ हाथ लगाने देगा नहीं तो बाघ को बेहोश करके सर्जरी करनी पड़ेगी। उसे दूर से ही मारकर इंजेक्शन लगाना पड़ता है। जब वह बेहोश हो जाता है तो उसके पैर बांधकर सर्जरी की जाती है। यह हमारे यहां पर संभव नहीं है। हमारा बाघ बूढ़ा नहीं हुआ है, बल्कि वह जंगल में खुला घूम रहा है। बता दें कि संजय राउत ने शिवसेना UBT में आंतरिक कलह, उद्धव ठाकरे से सांसदों की नाराजगी और सांसदों की बगावत की अटकलों के बीच यह बयान दिया।
क्या है शिवसेना शिंदे का ऑपरेशन टाइगर?
बता दें कि शिवसेना UBT ने दावा किया है कि ऑपरेशन टाइगर चलाकर शिवसेना शिंदे ने उनके 6 सांसद अपने पक्ष में कर लिए। सूत्रों का दावा है कि शिवसेना UBT के बागी 6 सांसदों का साइन किया हुआ लेटर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंपा गया है। इन सांसदों ने बीते दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अनौपचारिक रूप से मुलाकात की और लोकसभा में शिवसेना UBT के 9 सांसदों में से 6 का समर्थन प्राप्त है। अब बागी सांसदों लोकसभा स्पीकर के साथ जल्द ही एक औपचारिक मीटिंग कर सकते हैं। वे अलग गुट के तौर पर मान्यता और एकनाथ शिंदे की शिवसेना में विलय की मांग कर सकते हैं।