महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे को तगड़ा झटका, संसदीय बैठक से 6 सांसद गायब, पढ़ें 'ऑपरेशन टाइगर' और 'ऑपरेशन वुल्फ' की कहानी

महाराष्ट्र में सियासी पारा गरमाया हुआ है। क्योंकि 6 सांसदों की बगावत को लेकर दोनों शिवसेना गुट आमने-सामने हैं। हालांकि 2 सांसदों के बागी न होने का दावा करके शिवसेना UBT ने पासा पलट दिया है, लेकिन उनके शिंदे गुट में ही शामिल होने की अटकलें हैं। आइए आपॅरेशन टाइगर और ऑपरेशन वुल्फ की कहानी जानते हैं…

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पश्चिम बंगाल की तरह महाराष्ट्र में सांसदों की बगावत से टेंशन का माहौल है।

पश्चिम बंगाल की तरह महाराष्ट्र में उद्धव ठाकर के नेतृत्व वाली शिवसेना UBT में बगावत चल रही है। क्योंकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ चलाकर शिवसेना UBT के सांसदों को NDA गठबंधन में शामिल करने का प्रयास किया है। वहीं उद्धव ठाकरे ने अपने 2 सांसदों के द्वारा एकनाथ शिंदे के लोकसभा स्पीकर को दिए गए लेटर पर साइन न करने का दावा किया है। एकनाथ शिंदे गुट ऑपरेशन टाइगर सफल होने और उद्धव ठाकरे गुट ऑपरेशन टाइगर फेल होने का दावा कर रहा है। लेकिन आज सुबह महाराष्ट्र के सियासी गलियारों से चौंकान देने वाली खबर सामने आई है।

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संसदीय दल की बैठक में नहीं आए 6 सांसद

शिवसेना (UBT) में बगावत की अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे ने आज थ्री-लाइन व्हिप अपने सांसदों की इमरजेंसी बैठक बुलाई, जिसमें 9 में से 3 सांसद अनिल देसाई, अरविंद सावंत, राजाभाऊ वाजे ही पहुंचे। बाकी 6 सांसद ओमप्रकाश राजे निंबालकर (धाराशिव लोकसभा सीट), संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर पूर्व लोकसभा सीट),संजय जाधव (परभणी लोकसभा सीट), संजय देशमुख (यवतमाल-वाशिम लोकसभा सीट), नागेश पाटिल आष्टीकर (हिंगोली लोकसभा सीट), भाऊसाहेब वाकचौरे (शिर्डी लोकसभा सीट) नहीं पहुंचे। चर्चा है कि इन सांसदों ने NDA को समर्थन दे दिया है।

6 ‘गायब’ सांसदों को कारण बताओ नोटिस

संजय राउत ने संसदीय दल की मीटिंग में संसद पहुंचने के बाद मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि जो मीटिंग में आए हैं, वो हमारे हैं और जो नहीं आए, वो बेईमान और गद्दार हैं। बैठक में 6 सांसदों की गैरमौजूदगी के बारे में उद्धव ठाकरे को फोन पर जानकारी दी गई। अनुपस्थित सांसदों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए, इस पर चर्चा हुई है। पार्टी नेतृत्व अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार कर रहा है। फिलहाल 6 सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। एकनाथ शिंदे के गुट वाली शिवसेनाके ऑपरेशन टाइगर पर पलटवार किया जाएगा। अब शिवसेना UBT ‘ऑपरेशन वुल्फ’ चलाकर मुंहतोड़ जवाब देगी।

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संजय राउत ऑपरेशन वुल्फ पर क्या बोले?

संजय राउत ने ऑपरेशन वुल्फ में बाघ के मेटाफर को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि अगर किसी टाइगर की सर्जरी करनी हो तो कैसे करेंगे? होश में रहते तो बाघ हाथ लगाने देगा नहीं तो बाघ को बेहोश करके सर्जरी करनी पड़ेगी। उसे दूर से ही मारकर इंजेक्शन लगाना पड़ता है। जब वह बेहोश हो जाता है तो उसके पैर बांधकर सर्जरी की जाती है। यह हमारे यहां पर संभव नहीं है। हमारा बाघ बूढ़ा नहीं हुआ है, बल्कि वह जंगल में खुला घूम रहा है। बता दें कि संजय राउत ने शिवसेना UBT में आंतरिक कलह, उद्धव ठाकरे से सांसदों की नाराजगी और सांसदों की बगावत की अटकलों के बीच यह बयान दिया।

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क्या है शिवसेना शिंदे का ऑपरेशन टाइगर?

बता दें कि शिवसेना UBT ने दावा किया है कि ऑपरेशन टाइगर चलाकर शिवसेना शिंदे ने उनके 6 सांसद अपने पक्ष में कर लिए। सूत्रों का दावा है कि शिवसेना UBT के बागी 6 सांसदों का साइन किया हुआ लेटर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंपा गया है। इन सांसदों ने बीते दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अनौपचारिक रूप से मुलाकात की और लोकसभा में शिवसेना UBT के 9 सांसदों में से 6 का समर्थन प्राप्त है। अब बागी सांसदों लोकसभा स्पीकर के साथ जल्द ही एक औपचारिक मीटिंग कर सकते हैं। वे अलग गुट के तौर पर मान्यता और एकनाथ शिंदे की शिवसेना में विलय की मांग कर सकते हैं।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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