महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलों ने सियासी हलचल तेज कर दी है. बताया जा रहा है कि ये छह सांसद दिल्ली में बैठक कर अलग गुट बनाने की रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर उद्धव ठाकरे खेमे में बेचैनी बढ़ गई है. इसी बीच पार्टी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर मांग की है कि किसी भी अलग गुट को मान्यता न दी जाए.
आइए जानते हैं कि आखिर कौन हैं वे छह सांसद, जिनके नाम इस वक्त महाराष्ट्र की राजनीति में सबसे ज्यादा चर्चा में हैं.
1. संजय दीना पाटिल
मुंबई उत्तर-पूर्व लोकसभा सीट से सांसद संजय दीना पाटिल शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं.
प्रमुख जानकारी
- पूरा नाम – संजय दीना पाटिल
- जन्म – 16 जनवरी 1969, मुंबई
- पार्टी – शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
- लोकसभा क्षेत्र – मुंबई उत्तर-पूर्व
- वर्तमान पद – सांसद, 18वीं लोकसभा
राजनीतिक सफर
संजय दीना पाटिल ने 2004 में भांडुप विधानसभा सीट से विधायक के रूप में राजनीति की शुरुआत की.
2009 में उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के टिकट पर मुंबई उत्तर-पूर्व से लोकसभा चुनाव जीता.
2019 में वे शिवसेना में शामिल हुए.
2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार मिहिर कोटेचा को लगभग 29 हजार वोटों से हराकर दोबारा संसद पहुंचे.
राजनीतिक महत्व
- शिवसेना विभाजन के बाद वे उद्धव ठाकरे के साथ मजबूती से खड़े रहे.
मुंबई में मराठी मतदाताओं और संगठन पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है.
- हालांकि ऑपरेशन टाइगर की चर्चाओं के बीच उनका नाम सामने आया, लेकिन अब तक वे पार्टी नेतृत्व के प्रति वफादार माने जाते हैं.
2. भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे
भाऊसाहेब वाकचौरे शिर्डी लोकसभा सीट से सांसद हैं.
प्रमुख जानकारी
पूरा नाम – भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे
पार्टी – शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
लोकसभा क्षेत्र – शिर्डी (अहमदनगर)
वर्तमान पद – सांसद, 18वीं लोकसभा राजनीतिक सफर
उनका राजनीतिक आधार अहमदनगर जिले में रहा है.
वे पहले भी शिर्डी लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.
2024 में उन्होंने महायुति उम्मीदवार को हराकर सीट जीती.
क्यों चर्चा में?
ऑपरेशन टाइगर की चर्चाओं के दौरान उनके दिल्ली दौरे को लेकर अटकलें लगाई गईं.
हालांकि उन्होंने किसी भी दल परिवर्तन के संकेत नहीं दिए.
संसद में भूमिका
वे किसानों, सिंचाई, सहकारिता, ग्रामीण विकास और शिर्डी क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे संसद में उठाते रहे हैं.
3. संजय हरिभाऊ जाधव (बंडू जाधव)
संजय जाधव परभणी लोकसभा सीट से सांसद हैं.
प्रमुख जानकारी
पूरा नाम – संजय हरिभाऊ जाधव (बंडू जाधव)
पार्टी – शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
लोकसभा क्षेत्र – परभणी
वर्तमान पद – सांसद
क्षेत्र – मराठवाड़ा
राजनीतिक सफर
- वे लंबे समय से शिवसेना से जुड़े हुए हैं.
- परभणी से लगातार कई बार सांसद चुने जा चुके हैं.
- 2024 में भी उन्होंने अपनी सीट बरकरार रखी.
राजनीतिक महत्व
- उन्हें उद्धव ठाकरे के सबसे भरोसेमंद सांसदों में माना जाता है.
- हालांकि उनका नाम भी चर्चाओं में आया, लेकिन उन्हें अब भी उद्धव गुट का मजबूत स्तंभ माना जाता है.
संसद में भूमिका
वे किसानों, सिंचाई, रोजगार और मराठवाड़ा के विकास से जुड़े मुद्दे संसद में लगातार उठाते रहे हैं।
4. संजय उत्तमराव देशमुख
संजय देशमुख यवतमाल-वाशिम लोकसभा सीट से सांसद हैं.
प्रमुख जानकारी
पूरा नाम – संजय उत्तमराव देशमुख
पार्टी – शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
लोकसभा क्षेत्र – यवतमाल-वाशिम
वर्तमान पद – सांसद
राजनीतिक सफर
- उनका राजनीतिक आधार यवतमाल जिले में रहा है.
- वे पहले महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य भी रह चुके हैं.
- 2024 में उन्होंने यवतमाल-वाशिम सीट जीतकर उद्धव गुट को विदर्भ में बड़ी सफलता दिलाई.
क्यों चर्चा में?
- ऑपरेशन टाइगर की चर्चाओं के दौरान उनका नाम भी शिंदे गुट से जोड़ा गया.
- हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से पार्टी छोड़ने की बात नहीं कही.
राजनीतिक महत्व
- यवतमाल-वाशिम विदर्भ की सबसे अहम सीटों में मानी जाती है.
- उनके राजनीतिक रुख पर पूरे महाराष्ट्र की नजर बनी हुई है.
5. नागेश पाटील आष्टीकर
नागेश पाटील आष्टीकर हिंगोली लोकसभा सीट से सांसद हैं.
प्रमुख जानकारी
लोकसभा क्षेत्र – हिंगोली
पार्टी – शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
वर्तमान पद – सांसद
पूर्व पद – हदगांव विधानसभा से विधायक
राजनीतिक सफर
- उन्होंने शिवसेना संगठन में तालुका प्रमुख और जिला स्तर पर कई जिम्मेदारियां संभालीं.
- 2014 में हदगांव से विधायक बने.
- 2024 में हिंगोली लोकसभा सीट जीतकर संसद पहुंचे.
क्यों हैं चर्चा में?
- हाल के महीनों में उनकी एकनाथ शिंदे से मुलाकात की खबरें सामने आईं.
- दिल्ली और मुंबई की कुछ बैठकों में उनकी मौजूदगी को लेकर भी अटकलें लगीं.
- हालांकि उन्होंने कई बार कहा कि वे उद्धव ठाकरे के साथ हैं और पार्टी नहीं छोड़ेंगे.
राजनीतिक महत्व
- हिंगोली सीट मराठवाड़ा की अहम सीट मानी जाती है.
- वे किसानों, सिंचाई, रोजगार और ग्रामीण विकास के मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं.
6. ओमराजे निंबालकर
ओमराजे निंबालकर धाराशिव (पूर्व में उस्मानाबाद) लोकसभा सीट से सांसद हैं.
प्रमुख जानकारी
पूरा नाम – ओमप्रकाश राजेनिंबाळकर (ओमराजे निंबालकर)
पार्टी – शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
लोकसभा क्षेत्र – धाराशिव (उस्मानाबाद)
वर्तमान पद – सांसद
राजनीतिक सफर
वे पहले जिला परिषद और स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहे.
2019 में पहली बार लोकसभा पहुंचे.
2024 में लगातार दूसरी बार सांसद चुने गए.
उन्होंने महायुति उम्मीदवार और पूर्व मंत्री अर्चना पाटिल को हराकर सीट बरकरार रखी.
राजनीतिक महत्व
शिवसेना विभाजन के बाद वे लगातार उद्धव ठाकरे के साथ खड़े रहे.
उन्हें मराठवाड़ा में उद्धव गुट का मजबूत चेहरा माना जाता है.
संसद में भूमिका
वे किसानों, सूखा, जल संकट, बेरोजगारी और क्षेत्रीय विकास जैसे मुद्दे संसद में लगातार उठाते रहे हैं.
इन छह सांसदों के नामों को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में जबरदस्त अटकलों का दौर जारी है. हालांकि इनमें से कई सांसद सार्वजनिक तौर पर उद्धव ठाकरे के साथ होने का दावा कर चुके हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में "ऑपरेशन टाइगर" को लेकर चर्चाएं लगातार तेज हैं. यदि इन सांसदों में से बड़ी संख्या में कोई फैसला लेती है, तो इसका असर सिर्फ शिवसेना (यूबीटी) ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की पूरी राजनीति पर पड़ सकता है.
महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलों ने सियासी हलचल तेज कर दी है. बताया जा रहा है कि ये छह सांसद दिल्ली में बैठक कर अलग गुट बनाने की रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर उद्धव ठाकरे खेमे में बेचैनी बढ़ गई है. इसी बीच पार्टी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर मांग की है कि किसी भी अलग गुट को मान्यता न दी जाए.
आइए जानते हैं कि आखिर कौन हैं वे छह सांसद, जिनके नाम इस वक्त महाराष्ट्र की राजनीति में सबसे ज्यादा चर्चा में हैं.
1. संजय दीना पाटिल
मुंबई उत्तर-पूर्व लोकसभा सीट से सांसद संजय दीना पाटिल शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं.
प्रमुख जानकारी
- पूरा नाम – संजय दीना पाटिल
- जन्म – 16 जनवरी 1969, मुंबई
- पार्टी – शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
- लोकसभा क्षेत्र – मुंबई उत्तर-पूर्व
- वर्तमान पद – सांसद, 18वीं लोकसभा
राजनीतिक सफर
संजय दीना पाटिल ने 2004 में भांडुप विधानसभा सीट से विधायक के रूप में राजनीति की शुरुआत की.
2009 में उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के टिकट पर मुंबई उत्तर-पूर्व से लोकसभा चुनाव जीता.
2019 में वे शिवसेना में शामिल हुए.
2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार मिहिर कोटेचा को लगभग 29 हजार वोटों से हराकर दोबारा संसद पहुंचे.
राजनीतिक महत्व
- शिवसेना विभाजन के बाद वे उद्धव ठाकरे के साथ मजबूती से खड़े रहे.
मुंबई में मराठी मतदाताओं और संगठन पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है.
- हालांकि ऑपरेशन टाइगर की चर्चाओं के बीच उनका नाम सामने आया, लेकिन अब तक वे पार्टी नेतृत्व के प्रति वफादार माने जाते हैं.
2. भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे
भाऊसाहेब वाकचौरे शिर्डी लोकसभा सीट से सांसद हैं.
प्रमुख जानकारी
पूरा नाम – भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे
पार्टी – शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
लोकसभा क्षेत्र – शिर्डी (अहमदनगर)
वर्तमान पद – सांसद, 18वीं लोकसभा राजनीतिक सफर
उनका राजनीतिक आधार अहमदनगर जिले में रहा है.
वे पहले भी शिर्डी लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.
2024 में उन्होंने महायुति उम्मीदवार को हराकर सीट जीती.
क्यों चर्चा में?
ऑपरेशन टाइगर की चर्चाओं के दौरान उनके दिल्ली दौरे को लेकर अटकलें लगाई गईं.
हालांकि उन्होंने किसी भी दल परिवर्तन के संकेत नहीं दिए.
संसद में भूमिका
वे किसानों, सिंचाई, सहकारिता, ग्रामीण विकास और शिर्डी क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे संसद में उठाते रहे हैं.
3. संजय हरिभाऊ जाधव (बंडू जाधव)
संजय जाधव परभणी लोकसभा सीट से सांसद हैं.
प्रमुख जानकारी
पूरा नाम – संजय हरिभाऊ जाधव (बंडू जाधव)
पार्टी – शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
लोकसभा क्षेत्र – परभणी
वर्तमान पद – सांसद
क्षेत्र – मराठवाड़ा
राजनीतिक सफर
- वे लंबे समय से शिवसेना से जुड़े हुए हैं.
- परभणी से लगातार कई बार सांसद चुने जा चुके हैं.
- 2024 में भी उन्होंने अपनी सीट बरकरार रखी.
राजनीतिक महत्व
- उन्हें उद्धव ठाकरे के सबसे भरोसेमंद सांसदों में माना जाता है.
- हालांकि उनका नाम भी चर्चाओं में आया, लेकिन उन्हें अब भी उद्धव गुट का मजबूत स्तंभ माना जाता है.
संसद में भूमिका
वे किसानों, सिंचाई, रोजगार और मराठवाड़ा के विकास से जुड़े मुद्दे संसद में लगातार उठाते रहे हैं।
4. संजय उत्तमराव देशमुख
संजय देशमुख यवतमाल-वाशिम लोकसभा सीट से सांसद हैं.
प्रमुख जानकारी
पूरा नाम – संजय उत्तमराव देशमुख
पार्टी – शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
लोकसभा क्षेत्र – यवतमाल-वाशिम
वर्तमान पद – सांसद
राजनीतिक सफर
- उनका राजनीतिक आधार यवतमाल जिले में रहा है.
- वे पहले महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य भी रह चुके हैं.
- 2024 में उन्होंने यवतमाल-वाशिम सीट जीतकर उद्धव गुट को विदर्भ में बड़ी सफलता दिलाई.
क्यों चर्चा में?
- ऑपरेशन टाइगर की चर्चाओं के दौरान उनका नाम भी शिंदे गुट से जोड़ा गया.
- हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से पार्टी छोड़ने की बात नहीं कही.
राजनीतिक महत्व
- यवतमाल-वाशिम विदर्भ की सबसे अहम सीटों में मानी जाती है.
- उनके राजनीतिक रुख पर पूरे महाराष्ट्र की नजर बनी हुई है.
5. नागेश पाटील आष्टीकर
नागेश पाटील आष्टीकर हिंगोली लोकसभा सीट से सांसद हैं.
प्रमुख जानकारी
लोकसभा क्षेत्र – हिंगोली
पार्टी – शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
वर्तमान पद – सांसद
पूर्व पद – हदगांव विधानसभा से विधायक
राजनीतिक सफर
- उन्होंने शिवसेना संगठन में तालुका प्रमुख और जिला स्तर पर कई जिम्मेदारियां संभालीं.
- 2014 में हदगांव से विधायक बने.
- 2024 में हिंगोली लोकसभा सीट जीतकर संसद पहुंचे.
क्यों हैं चर्चा में?
- हाल के महीनों में उनकी एकनाथ शिंदे से मुलाकात की खबरें सामने आईं.
- दिल्ली और मुंबई की कुछ बैठकों में उनकी मौजूदगी को लेकर भी अटकलें लगीं.
- हालांकि उन्होंने कई बार कहा कि वे उद्धव ठाकरे के साथ हैं और पार्टी नहीं छोड़ेंगे.
राजनीतिक महत्व
- हिंगोली सीट मराठवाड़ा की अहम सीट मानी जाती है.
- वे किसानों, सिंचाई, रोजगार और ग्रामीण विकास के मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं.
6. ओमराजे निंबालकर
ओमराजे निंबालकर धाराशिव (पूर्व में उस्मानाबाद) लोकसभा सीट से सांसद हैं.
प्रमुख जानकारी
पूरा नाम – ओमप्रकाश राजेनिंबाळकर (ओमराजे निंबालकर)
पार्टी – शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
लोकसभा क्षेत्र – धाराशिव (उस्मानाबाद)
वर्तमान पद – सांसद
राजनीतिक सफर
वे पहले जिला परिषद और स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहे.
2019 में पहली बार लोकसभा पहुंचे.
2024 में लगातार दूसरी बार सांसद चुने गए.
उन्होंने महायुति उम्मीदवार और पूर्व मंत्री अर्चना पाटिल को हराकर सीट बरकरार रखी.
राजनीतिक महत्व
शिवसेना विभाजन के बाद वे लगातार उद्धव ठाकरे के साथ खड़े रहे.
उन्हें मराठवाड़ा में उद्धव गुट का मजबूत चेहरा माना जाता है.
संसद में भूमिका
वे किसानों, सूखा, जल संकट, बेरोजगारी और क्षेत्रीय विकास जैसे मुद्दे संसद में लगातार उठाते रहे हैं.
इन छह सांसदों के नामों को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में जबरदस्त अटकलों का दौर जारी है. हालांकि इनमें से कई सांसद सार्वजनिक तौर पर उद्धव ठाकरे के साथ होने का दावा कर चुके हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर चर्चाएं लगातार तेज हैं. यदि इन सांसदों में से बड़ी संख्या में कोई फैसला लेती है, तो इसका असर सिर्फ शिवसेना (यूबीटी) ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की पूरी राजनीति पर पड़ सकता है.