स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झारखंड की राजधानी रांची में अपनी मांगों को लेकर 22 दिन से धरने पर डटे हजारों छात्रों ने एकजुट होकर राजधानी की सड़कों पर एक विशाल और भव्य तिरंगा यात्रा निकाली. 14 दिन से भूख हड़ताल के कारण अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को पुलिस ने तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोक दिया. JLKM नेता देवेंद्र महतो ने पुलिस प्रशासन पर बदसलूकी, धक्का-मुक्की और उनके साथियों के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद देवेंद्र महतो अस्पताल के कमरे के गेट के बाहर ही जमीन पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने ऐलान किया है कि जब तक उन्हें बाहर नहीं जाने दिया जाता, वे इलाज नहीं कराएंगे और वहीं बैठकर अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
आप अंदर रखकर मुझे जान से मारना चाहते हैं
घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें देवेंद्र महतो बाहर जाने की कोशिश करते दिख रहे हैं और सुरक्षाकर्मी उनका रास्ता रोक रहे हैं. इस दौरान तीखी बहस हुई और महतो ने पुलिसकर्मियों से कहा, “आप अंदर रखकर मुझे जान से मारना चाहते हैं”. डॉक्टरों और प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य और सुरक्षा कारणों के चलते देवेंद्र महतो को अस्पताल से बाहर तिरंगा यात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई, जिस कारण वे सीधे तौर पर इस यात्रा का हिस्सा नहीं बन सके।
भूख हड़ताल से बिगड़ी थी तबीयत
देवेंद्र नाथ महतो JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच और सुधार की मांग को लेकर पिछले 14 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे. विधानसभा घेराव मार्च के दौरान ब्लड शुगर लेवल अत्यधिक गिर जाने के कारण उनकी तबीयत गंभीर हो गई थी, जिसके बाद उन्हें रांची सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था.
छात्रों की क्या हैं प्रमुख मांगें?
झारखंड में छात्र लंबे समय से जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने, भर्ती प्रक्रियाओं में निष्पक्षता और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर रहे हैं. इससे पहले विधानसभा मार्च के दौरान पुलिस द्वारा वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज के इस्तेमाल से तनाव काफी बढ़ गया था.