दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) पर अब प्लेन के साथ ट्रेन भी नजर आएगी. जी हां, केंद्र सरकार ने एयर ट्रेन दौड़ाने का फैसला किया है, जिसके लिए इंडियन रेलवे का प्रोजेक्ट तैयार है और अंडरग्राउंड टनल का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है. प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार मंजूरी दे चुकी है और इसके तहत दौड़ने वाली ट्रेन नॉर्मल ट्रेन नहीं होगी, बल्कि यह एयर ट्रेन यानी Automated People Mover (APM) ट्रेन होगी, जिसका डिजाइन तैयार है और इसके बनाने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त हो चुका है. दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) के CEO प्रदीप पाणिकर ने यह जानकारी दी और एयर ट्रेन प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से बताया.
अगले साल शुरू होगा निर्माण कार्य
CEO प्रदीप पाणिकर बताया कि एयर ट्रेन प्रोजेक्ट 7.3 किलोमीटर लंबा होगा, जो टर्मिनल-1 और टर्मिनल-3 को एरोसिटी, एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन और कार्गो जोन से कनेक्ट करेगा. यह प्रोजेक्ट करीब 3500 करोड़ का है और अगले साल इसका निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है. निर्माण कार्य शुरू होने के बाद अगले 30 महीने के अंदर इसे पूरा करने का टारगेट है और साल 2030 में इस ट्रेन को दौड़ाने का लक्ष्य है. एयर ट्रेन स्टेशन मेट्रो स्टेशन के बिल्कुल नजदीक बनेगा, हालांकि दोनों के बीच प्लेटफॉर्म-टू-प्लेटफॉर्म कनेक्शन बनाने की योजना नहीं है. लेकिन एयरोसिटी को गोल्डन लाइन और प्रस्तावित सराय काले खां-अलवर RRTS से जोड़ने की प्लानिंग है.
6 स्टेशन और 13 मिनट का सफर
CEO प्रदीप पाणिकर बताया कि 7.3 किलोमीटर लंबे एयर ट्रेन रूट पर 5.3 किलोमीटर एलिवेटेड ट्रैक और 2 किलोमीटर लंबा ट्रैक जमीन पर बनेगा. पूरे रूट पर 6 स्टेशन होंगे और हर 10 मिनट में ट्रेन मिलेगी, यानी एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक यात्रा में 13 मिनट लगेंगे, जिससे फ्लाइट पकड़ने वाले लोगों को आसानी होगी. वहीं दिल्ली एयरपोर्ट का कार्गो ट्रैफिक साल 2036 तक बढ़कर सालाना 17 लाख टन होने का अनुमान है. इसलिए भविष्य में कार्गाे ट्रैफिक बढ़ने के चलते एयर ट्रेन के विस्तार की योजना भी है. शुरुआत में एयर ट्रेन में करीब 55000 यात्री सफर कर सकेंगे, लेकिन भविष्य में इन यात्रियों की संख्या 85000 तक पहुंच सकती है.
एयरपोर्ट पर यह बदलाव किए जाएंगे
CEO प्रदीप पाणिकर बताया कि 2036 तक नोएडा एयरपोर्ट के चलते IGI एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या 12.9 करोड़ तक पहुंच सकती है. वहीं दिल्ली-NCR के तीनों एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या 2036 तक 16 करोड़ सालाना हो सकती है. इसलिए दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर घरेलू यात्रियों के लिए नया पियर-ई बनाया जाएगा. चेक-इन काउंटर बढ़ाए जाएंगे और बैगेज रिक्लेम बेल्ट का विस्तार होगा. टर्मिनल-3 के प्रस्थान और आगमन फोरकोर्ट को चौड़ा करने का प्लान भी है. ड्रॉप-ऑफ लेन को 3 से बढ़ाकर 5 और पिक-अप लेन को 4 से बढ़ाकर 6 किया जा सकता है.