Hospital Green Curtains: अस्पताल में हरे रंग के पर्दे ही क्यों होते हैं? जानिए इसके पीछे की वजह

Green Curtains Used Reasons: कभी आपने गौर किया है कि अस्पताल में हमेशा हरे पर्दे ही क्यों इस्तेमाल किए जाते हैं या कोई डॉक्टर हरे रंग की ड्रेस क्यों पहनता है? अगर नहीं, तो यह लेख आपके लिए मददगार साबित हो सकता है.

why green curtains are used in hospital know the reasons
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इसके पीछे सिर्फ खूबसूरती नहीं, बल्कि साइंटिफिक रीजन भी हैं जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए. Image Credit- AI

अस्पताल में जाते समय आपने एक चीज जरूर नोटिस की होगी कि वहां बेड के आसपास लगे पर्दे अक्सर हरे या नीले रंग के होते हैं. खासकर ऑपरेशन थिएटर और मरीजों के आसपास हरे रंग का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अस्पतालों में इन रंगों के पर्दे ही क्यों लगाए जाते हैं? इसके पीछे सिर्फ खूबसूरती नहीं, बल्कि साइंटिफिक रीजन है. कहा जाता है कि यह रंग आंखों को बहुत ही सुकून देने का काम करता है.  

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आंखों को मिलेगा हरा आराम

आंखों को मिलेगा हरा आराम 2 / 6

अस्पताल में डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ को लंबे समय तक खून जैसी चीजें देखनी पड़ सकती हैं. ऐसे में हरे या नीले रंग का बैकग्राउंड आंखों को लाल रंग के साथ बेहतर कंट्रास्ट देता है. इससे लगातार एक ही तरह के नजारे देखने से होने वाली आंखों की थकान और विजुअल स्ट्रेस को कम करने में मदद मिल सकती है. इसे भी पढ़ें- Lobia Dal Benefits: 21 दिन तक लगातार करें लोबिया की दाल का सेवन, वजन से लेकर डायबिटीज तक रहेगा कंट्रोल     

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विजुअल कॉन्ट्रास्ट बनाए रखना

विजुअल कॉन्ट्रास्ट बनाए रखना 3 / 6

ऑपरेशन के दौरान सर्जन का ध्यान शरीर के अंदर के लाल खून पर जाता है. ऐसे में अगर आसपास का रंग चमकीला हो या डार्क रंग का नजर आए तो आंखों को कॉन्ट्रास्ट पहचानने में अधिक परेशानी हो सकती है. इसलिए विजुअल कॉन्ट्रास्ट बनाए रखने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है.

मरीजों के लिए भी रहता है अच्छा

मरीजों के लिए भी रहता है अच्छा  4 / 6

अस्पताल आते ही कई लोग घबरा जाते हैं, लेकिन अगर उनकी नजर हरे रंग पर पड़ती है तो दिमाग को सुकून मिलता है. इसलिए कुछ अस्पतालों में हरे या हल्के रंगों के पर्दे का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि मरीजों के दिमाग को सुकून मिल सके और डार्क रंग देखकर वो घबरा न जाएं.

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क्या हर अस्पताल में हरे पर्दे होना जरूरी है?

क्या हर अस्पताल में हरे पर्दे होना जरूरी है? 5 / 6

अस्पतालों में पर्दों के रंग पर कोई एक कलर तय नहीं किया गया है. आप अपने हिसाब से पर्दों का रंग कोई भी रख सकते हैं, लेकिन ज्यादा लोग हल्के रंग के पर्दे रखना पसंद करते हैं. हरा रंग बेहतर माना जाता है, लेकिन अगर आप चाहें तो पिंक या सफेद रंग के भी पर्दों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

सफेद रंग की चादर ही क्यों बिछाई जाती है?

सफेद रंग की चादर ही क्यों बिछाई जाती है? 6 / 6

हरे रंग के पर्दों के साथ आपने कभी अस्पताल में सफेद रंग की चादर भी बिछी देखी होंगी, लेकिन क्या आपको इसके पीछे का कारण पता है. अगर नहीं तो बता दें सफेद रंग की चादर इस्तेमाल करने के पीछे साफ-सफाई और गंदगी का पता लगाना होता है. इसे भी पढ़ें- नवरात्रि के लिए लेनी हैं चूड़ियां तो इन 7 Latest Bangle Designs पर डाल लीजिए नजर, हर लुक बन जाएगा खास

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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