Tar Fencing Scheme Improvement: गुजरात सरकार किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए तार बाड़ लगाने की योजना में बदलाव कर रही है। यह संशोधन गुजरात के किसानों द्वारा सरकार को दिए गए ज्ञापन में बताया गया है। ऊंचाई और चौड़ाई के मौजूदा मानकों में 25% की छूट दी गई है। अब से किसान आईएसआई मार्का की जगह अपनी पसंद की सामग्री खरीद सकेंगे। हालांकि, जीएसटी बिल प्राप्त करना अनिवार्य है। दो खंभों के बीच 3 मीटर की दूरी के प्रावधान में भी 25% तक की छूट दी गई है। किसानों को अपनी सुविधानुसार दोनों तरफ 15-15 मीटर ऊंचे सहायक खंभे लगाने का ऑप्शन दिया गया है।
क्या है योजना?
किसानों की कृषि उपज को जंगली जानवरों और मवेशियों के हानिकारक प्रभावों से बचाने के प्रयास में गुजरात सरकार के कृषि, किसान कल्याण और सहकारिता विभाग द्वारा गुजरात वायर फेंसिंग योजना लागू की गई है। इस योजना में 2005 में अपनी शुरुआत के बाद से महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा किसानों को सहायता प्रदान करने के लिए इसकी पहुंच का विस्तार करना है।
किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से गुजरात सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। इस योजना का शुभारंभ गुजरात राज्य के नर्मदा विकास राज्य मंत्री द्वारा किया गया। इसके बाद इस योजना के लिए कुल 250 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
योजना के लाभ
इस योजना के तहत दो किस्तों में सहायता दी जाती है। पहले स्टेज में किसान 50% सब्सिडी के पात्र हैं। इस सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए किसानों को 100 रुपये प्रति मीटर या कुल लागत का 50% (जो भी कम हो) देना होगा, इसके लिए उन्हें जरूरी खंभे लगाने होंगे और वेरिफिकेशन प्रोसेस से गुजरना होगा। गुजरात एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन लिमिटेड परियोजना के पूरा होने के बाद दूसरे स्टेज के लिए 50% सहायता भुगतान की पेशकश कर रहा है।
वायर फेंसिंग योजना के लिए पात्रता
व्यक्तिगत किसानों या किसानों के समूहों से मिले आवेदनों पर अभी मूल्यांकन किया जा रहा है। रिव्यू प्रोसेस में किसान या किसान समूह के विवरण का मूल्यांकन किया जाता है, जिसमें उनके आवेदन और उनके बैंक वित्तीय खाते के बारे में योग्य जानकारी शामिल होती है। आवेदन के लिए कक्षा 7/12 और कक्षा 8ए की जानकारी के साथ आधार कार्ड की प्रति जरूरी है। ये डॉक्यूमेंट अनिवार्य हैं।