Air India Crash: फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने अहमदाबाद में एयर इंडिया AI-171 क्रैश की फाइनल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट के ड्राफ्ट की समीक्षा के लिए बनने वाली एक इंडिपेंडेंट कमेटी में रिप्रेजेंटेशन की मांग की है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू को 25 सितंबर को लिखी एक चिट्ठी में एफआईपी ने कहा कि उन्हें पता चला है कि सरकार या मंत्रालय एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की तरफ से तैयार ड्राफ्ट रिपोर्ट की इंडिपेंडेंट रिव्यू पर विचार कर रहा है.
FIP की क्या है डिमांड?
एफआईपी ने कहा कि अगर ऐसी कोई व्यवस्था बनाई जा रही है, तो उन्हें फाइंडिंग्स की जांच करने वाली समिति में औपचारिक रूप से शामिल किया जाना चाहिए. एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो एक बोइंग 787 ड्रीमलाइनर थी, 12 जून 2025 को अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हादसे का शिकार हो गई थी. इस एक्सिडेंट में 260 लोगों की जान चली गई थी. AAIB एक साल से ज्यादा समय से इस घटना की जांच कर रहा है.
फाइनल होने से पहले ड्राफ्ट रिपोर्ट की उम्मीद
ये बात तब सामने आए है जब केंद्र ने जुलाई में सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि AAIB के 6 हफ्तों के भीतर अपनी जांच पूरी करने की उम्मीद है, और अक्टूबर तक फाइनल रिपोर्ट का ड्राफ्ट तैयार होने की संभावना है. सरकार ने कोर्ट को ये भी बताया कि इंटरनेशनल एविएशन इंवेस्टिगेशन प्रोसीजर के कारण ड्राफ्ट को तुरंत पब्लिक नहीं की जा सकती है.केंद्र के हलफनामे के मुताबिक इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) के फ्रेमवर्क और एयरक्राफ्ट (इंवेस्टिगेशन ऑफ एक्सिडेंट एंड इंसिडेंट) रूल, 2025 के तहत, ड्राफ्ट रिपोर्ट को कमेंट्स के लिए इसमें शामिल देशों के साथ शेयर किया जाना चाहिए.
अमेरिका का नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB), जो उस देश को रिप्रेजेंट करता है जहां एयरक्राफ्ट को डिजाइन और मैन्युफैक्चर किया गया था, ‘सिग्निफिकेंट और सब्सटेंशिएटेड कमेंट्स’ देने का हकदार है. केंद्र ने कहा कि कंसल्टेशन प्रॉसेस में 30 से 60 दिन लग सकते हैं, जो रिसीव हुए रिस्पॉन्सेस की जटिलता पर डिपेंड करेगा.