Air India AI-171 Crash: पायलटों के संगठन ने जांच को लेकर रखी अहम मांग, नागरिक उड्डयन मंत्री को लिखी चिट्ठी

अहमदाबाद एयरपोर्ट से टेक ऑफ करने के बाद 12 जून 2025 को एयर इंडिया की AI-171 फ्लाइट क्रैश हो गई थी, जिसको लेकर जांच जारी है, अब फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन से अहम डिमांड रखी है.

Air India Crash PTI File

एयर इंडिया एआई-171 क्रैश (Photo-PTI File)

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Air India Crash: फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने अहमदाबाद में एयर इंडिया AI-171 क्रैश की फाइनल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट के ड्राफ्ट की समीक्षा के लिए बनने वाली एक इंडिपेंडेंट कमेटी में रिप्रेजेंटेशन की मांग की है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू को 25 सितंबर को लिखी एक चिट्ठी में एफआईपी ने कहा कि उन्हें पता चला है कि सरकार या मंत्रालय एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की तरफ से तैयार ड्राफ्ट रिपोर्ट की इंडिपेंडेंट रिव्यू पर विचार कर रहा है.

FIP की क्या है डिमांड?

एफआईपी ने कहा कि अगर ऐसी कोई व्यवस्था बनाई जा रही है, तो उन्हें फाइंडिंग्स की जांच करने वाली समिति में औपचारिक रूप से शामिल किया जाना चाहिए. एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो एक बोइंग 787 ड्रीमलाइनर थी, 12 जून 2025 को अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हादसे का शिकार हो गई थी. इस एक्सिडेंट में 260 लोगों की जान चली गई थी. AAIB एक साल से ज्यादा समय से इस घटना की जांच कर रहा है.

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फाइनल होने से पहले ड्राफ्ट रिपोर्ट की उम्मीद

ये बात तब सामने आए है जब केंद्र ने जुलाई में सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि AAIB के 6 हफ्तों के भीतर अपनी जांच पूरी करने की उम्मीद है, और अक्टूबर तक फाइनल रिपोर्ट का ड्राफ्ट तैयार होने की संभावना है. सरकार ने कोर्ट को ये भी बताया कि इंटरनेशनल एविएशन इंवेस्टिगेशन प्रोसीजर के कारण ड्राफ्ट को तुरंत पब्लिक नहीं की जा सकती है.केंद्र के हलफनामे के मुताबिक इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) के फ्रेमवर्क और एयरक्राफ्ट (इंवेस्टिगेशन ऑफ एक्सिडेंट एंड इंसिडेंट) रूल, 2025 के तहत, ड्राफ्ट रिपोर्ट को कमेंट्स के लिए इसमें शामिल देशों के साथ शेयर किया जाना चाहिए.

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अमेरिका का नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB), जो उस देश को रिप्रेजेंट करता है जहां एयरक्राफ्ट को डिजाइन और मैन्युफैक्चर किया गया था, ‘सिग्निफिकेंट और सब्सटेंशिएटेड कमेंट्स’ देने का हकदार है. केंद्र ने कहा कि कंसल्टेशन प्रॉसेस में 30 से 60 दिन लग सकते हैं, जो रिसीव हुए रिस्पॉन्सेस की जटिलता पर डिपेंड करेगा.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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