भारत की पहली LNG ट्रेन की 5 बड़ी खासियतें, साबरमती से हुई शुरुआत, अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी

भारतीय रेलवे ने गुजरात के साबरमती से देश की पहली एलएनजी (LNG) चालित ट्रेन को ट्रैक पर उतार दिया है. डुअल-फ्यूल तकनीक से लैस यह ट्रेन 40% तक डीजल की बचत करेगी और जहरीले धुएं से मुक्ति दिलाएगी. जानिए इसकी पूरी कार्यप्रणाली और खूबियां, जो भारतीय रेल के सफर को बदल देंगी.

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गुजरात के साबरमती स्टेशन से देश की पहली एलएनजी (LNG) चालित ट्रेन की शुरुआत हो चुकी है. CREDIT: www.bjp.org / indian railway

India First LNG Train : भारतीय रेलवे ने पर्यावरण अनुकूल और किफायती सफर की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ दिया है. गुजरात के साबरमती स्टेशन से देश की पहली एलएनजी (LNG) चालित ट्रेन की शुरुआत हो चुकी है. यह ट्रेन पूरी तरह डीजल पर निर्भर रहने के बजाय एलएनजी और डीजल दोनों के तालमेल से पटरी पर दौड़ेगी. गृह मंत्री अमित शाह और सीएम भूपेंद्र पटेल ने इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. डुअल-फ्यूल तकनीक से लैस यह ट्रेन 40% तक डीजल की बचत करेगी और जहरीले धुएं से मुक्ति दिलाएगी. जानिए इसकी पूरी कार्यप्रणाली और खूबियां, जो भारतीय रेल के सफर को बदल देंगी.

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1,542 करोड़ रुपये की अन्य रेल सौगातें

एलएनजी ट्रेन का शुभारंभ अमित शाह के अहमदाबाद दौरे के दौरान शुरू की गई रेलवे परियोजनाओं का हिस्सा था. इस दौरान 1,542 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की शुरुआत हुई, जिसमें साबरमती में 700 करोड़ का WAG-12 लोकोमोटिव शेड, स्वदेशी ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली, ऑटोमैटिक सिग्नलिंग और रेलवे ट्रैक दोहरीकरण कार्य शामिल हैं.

आइए जानते हैं इस नई ट्रेन की प्रमुख विशेषताएं

  1. डुअल-फ्यूल तकनीक
    इस ट्रेन में अत्याधुनिक डीजल-प्लस-एलएनजी तकनीक लगाई गई है. साबरमती डिपो में 1,400 हॉर्सपावर (HP) क्षमता वाले दो ड्राइविंग पावर कारों (DPC) को इस सिस्टम में बदला गया है. सबसे खास बात यह है कि ईंधन की उपलब्धता के अनुसार इसका इंजन बिना रुके अपने आप एलएनजी और डीजल के बीच स्विच कर सकता है.
  2. 40% तक घटेगी डीजल की खपत
    यह तकनीक पारंपरिक डीजल की लगभग 40 प्रतिशत खपत को एलएनजी से बदल देती है. इससे रेलवे के ईंधन बिल में भारी कटौती होगी. शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, केवल एक 8 कोच वाली ट्रेन से रेलवे को हर साल लगभग 23.9 लाख रुपये की सीधी बचत होगी.
  3. प्रदूषण में भारी कमी
    डीजल इंजनों से निकलने वाले जहरीले धुएं के मुकाबले एलएनजी काफी स्वच्छ ईंधन है. इस तकनीक से कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और पार्टिकुलेट मैटर के उत्सर्जन में भारी गिरावट आएगी, जिससे पर्यावरण को सीधा फायदा मिलेगा.
  4. 2200 लीटर का एलएनजी टैंक
    प्रत्येक बदले गए डीपीसी में करीब 2,200 लीटर क्षमता का मजबूत एलएनजी स्टोरेज टैंक स्थापित किया गया है. इसमें लगभग 850 से 900 किलोग्राम तक उपयोगी गैस भरी जा सकती है, जिससे बार-बार ईंधन भराने की जरूरत नहीं पड़ती और लंबा सफर आसानी से तय होता है.
  5. 2,000 किमी से अधिक का सफल ट्रायल
    यात्रियों की सुरक्षा और इंजन की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए इस तकनीक का 2,000 किलोमीटर से अधिक का कड़ा फील्ड ट्रायल पूरा किया गया. रेलवे के अनुसार, एलएनजी के इस्तेमाल से इंजन की ताकत और गति पर कोई असर नहीं पड़ता, यानी ट्रेन अपनी पूरी क्षमता से बिना किसी रुकावट के चलेगी.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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