क्या है गुजरात सरकार का 'ऑपरेशन गंगाजल'? क्यों 2 IAS अफसरों को जबरन किया रिटायर

गुजरात सरकार के ‘ऑपरेशन गंगाजल’ से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. भ्रष्टाचार और कदाचार के मामलों पर कड़ा एक्शन लेते हुए दो चर्चित आईएएस अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया गया है. जानें क्या है यह पूरा अभियान और क्यों गिरी इन अफसरों पर गाज.

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'ऑपरेशन गंगाजल' के तहत गुजरात सरकार ने दो सीनियर IAS के. राजेश और गौरव दहिया को अनिवार्य रूप से जबरन रिटायर कर दिया. Credit: x

गुजरात सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को साफ-सुथरा बनाने और दागी अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए एक सख्त अभियान शुरू किया है, जिसे नाम दिया गया है ‘ऑपरेशन गंगाजल’. इस मुहिम के तहत गुरुवार को राज्य सरकार ने दो सीनियर IAS के. राजेश और गौरव दहिया को अनिवार्य रूप से जबरन रिटायर कर दिया.
‘ऑपरेशन गंगाजल’ गुजरात सरकार की प्रशासनिक सफाई का वह खास अभियान है, जिसका मुख्य मकसद सरकारी तंत्र से भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता और गंभीर कदाचार को खत्म करना है. इस अभियान के तहत राज्य सरकार ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड की निरंतर समीक्षा कर रही है, जिनके खिलाफ गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, वित्तीय अनियमितताएं पाई गई हैं या फिर लंबी अनुशासनात्मक जांच चल रही है.

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प्रशासनिक नियमों के तहत, यदि किसी अधिकारी की निष्ठा और कार्यशैली सरकार के तय मानकों पर खरी नहीं उतरती तो जनहित में उसे सेवा से समय से पहले ही ‘अनिवार्य सेवानिवृत्ति’ देकर घर भेज दिया जाता है. सरकार का स्पष्ट संदेश है कि पद का दुरुपयोग और जनता के विश्वास से खिलवाड़ अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा.

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किन 2 अफसरों पर गिरी गाज और क्यों?

  • 2011 बैच के IAS के. राजेश: IAS के. राजेश अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश से पहले ही निलंबित चल रहे थे. उन पर पद पर रहते हुए अवैध रूप से हथियार लाइसेंस जारी करने और सरकारी जमीनों के गलत आवंटन के बदले रिश्वत लेने जैसे गंभीर आरोप लगे थे. इन मामलों में उनके खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच और विभागीय कार्यवाही चल रही थी.
  • 2010 बैच के IAS गौरव दहिया: गांधीनगर में अतिरिक्त विकास आयुक्त के पद पर कार्यरत IAS गौरव दहिया को भी इसी ऑपरेशन के तहत बाहर किया गया. उनके सेवाकाल के दौरान कई अनुशासनात्मक कार्यवाहियां और गंभीर कदाचार से जुड़ी जांचें लंबित थीं. इनमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में उनके कार्यकाल से जुड़े विवाद भी प्रमुख रहे हैं.

राज्य प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ‘ऑपरेशन गंगाजल’ का मकसद व्यवस्था को साफ-सुथरा और जवाबदेह बनाना है, ताकि प्रशासनिक पदों पर बैठे लोगों की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी रहे.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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